लखनऊ- लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्रों का प्रदर्शन, NSUI, AISA के छात्र कर रहे हैं प्रदर्शन, लाल बारादरी दरवाजा बंद करने का विरोध, लाल बारादरी में मस्जिद सील करने पर हंगामा
लखनऊ शगुन चंद्रा रियल एस्टेट कंपनी का फर्जीवाड़ा
लखनऊ- शगुन चंद्रा रियल एस्टेट कंपनी का फर्जीवाड़ा, BKT में सैकड़ों बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग, राममोहन लोधी के प्रोजेक्ट में निवेश भारी पड़ेगा, बिना मंजूरी सैकड़ों बीघा जमीन पर काटे प्लॉट, एलडीए, रेरा से पंजीकरण नहीं, LDA मूकदर्शक, नोटिस देकर खानापूर्ति, कार्रवाई अबतक नहीं की, साढ़ामऊ, रामपुर बेहटा, मदारीपुर में अवैध प्लॉटिंग, कल्याणपुर गांव व इटौंजा में अवैध प्लॉटिंग की
मेरठ आज मेरठ को मिलेगी रैपिड, मेट्रो ट्रेन की सौगात,
मेरठ- आज मेरठ को मिलेगी रैपिड, मेट्रो ट्रेन की सौगात, पीएम मोदी हरी झंडी दिखाकर करेंगे शुभारंभ, 85 किमी का सफर अब 55 मिनट में होगा पूरा, शुक्रवार को ट्रेन का फाइनल ट्रायल फेज हुआ, रैपिड ट्रेन के लिए मेरठ में बनाए गए 4 स्टेशन, मेट्रो ट्रेन के लिए 13 स्टेशन तीन अंडरग्राउंड हैं, 10 एलिवेटेड स्टेशन भी पूरी तरह तैयार हैं, सराये काले खां से मोदीपुरम तक चलेगी रैपिड रेल
Gonda: भूमि विवाद में हाईकोर्ट के अधिवक्ता की हत्या, छोटे भाई और ग्राम प्रधान सहित चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
भूमि विवाद में हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुभाष मिश्रा (67) की रविवार दोपहर लोहे की रॉड व लाठी से पीटकर हत्या कर दी गई। हमले में परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें सीएचसी से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मामले में अधिवक्ता के छोटे भाई, पूर्व ग्राम प्रधान व दो अन्य के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है।पुलिस के अनुसार गोंडा के दत्तनगर, मजरे सुदई पुरवा निवासी सुभाष मिश्रा वर्तमान में लखनऊ में रहते थे। उनका छोटे भाई अरुण कुमार और पूर्व ग्राम प्रधान हरिशरण से नौ बीघा भूमि को लेकर तीन साल से विवाद चल रहा था। इस बीच फैसला पक्ष में आने पर रविवार सुबह सुभाष ट्रैक्टर लेकर विवादित भूमि की जोताई करने लगे। इस पर दूसरे पक्ष के लोग भी पहुंच गए और लोहे की रॉड व लाठी डंडे से उनपर हमला कर दिया।हमले में अधिवक्ता, उनके भतीजे आकाश (19), विश्वास (35) व अभय कुमार (54) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को सीएचसी ले जाया गया, जहां से सुभाष, आकाश और विश्वास को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान सुभाष मिश्रा ने दम तोड़ दिया।
सुभाष के भतीजे विश्वास की तहरीर पर अधिवक्ता के छोटे भाई अरुण कुमार मिश्रा, पूर्व ग्राम प्रधान हरिशरण मिश्रा, रामकेवल व संतोष कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। मारपीट में दूसरे पक्ष के चंदन व रामकेवल भी घायल हुए हैं। कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि एहतियातन गांव में पुलिस तैनात की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय के अनुसार आरोपी हरिशरण व रामकेवल को हिरासत में लिया गया है।
UP: गंभीर मानसिक विकार है बच्चों के प्रति असामान्य यौन इच्छा, ऐसे करें अपराधी की पहचान; चुप्पी बनती है खतरा
बच्चों के यौन शोषण के मामले में बांदा के दंपती को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद ‘पीडोफीलिया’ शब्द चर्चा में आ गया है। मनोरोग विशेषज्ञों के अनुसार पीडोफीलिया का मतलब वयस्क का बच्चों के प्रति यौन आकर्षण होना है। यह गंभीर मानसिक विकार है। इससे ग्रसित व्यक्ति की पहचान करना आसान नहीं है। इसलिए बच्चों पर नजर रखना और उनसे बातचीत करना बेहद जरूरी है।
बच्चों से बातचीत बेहद जरूरी
केजीएमयू के मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विवेक अग्रवाल के अनुसार पीडोफीलिया भी असामान्य यौन इच्छा रखने वालों का एक प्रकार है। इस मानसिक विकार से पीड़ित व्यक्ति चोरी-छिपे बच्चों का यौन शोषण करते रहते हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों से बातचीत करते रहें। उन पर नजर रखें, उनकी गतिविधियों को ध्यान से देखें और किसी भी असामान्य स्थिति में उनको भरोसे में लें।
घूसखोरी मामला: कंपनियों तक बिचौलिये पहुंचाते थे टेंडर के गोपनीय दस्तावेज, तय होता था कमीशन; बड़ा खुलासा
10 लाख की रिश्वतखोरी के मामले में लखनऊ में सीबीआई की तफ्तीश में बड़ा खुलासा हुआ है। वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (वापकोस) के आरोपी अफसर टेंडर की गोपनीय जानकारी व दस्तावेज बिचौलिये को देते थे। बिचौलिओं के जरिये डील होने के बाद ये अहम जानकारी ठेका लेने वाली कंपनियों को दी जाती थी। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ औपचारिकता होती थी।सीबीआई ने शनिवार को वापकोस के प्रोजेक्टर मैनेजर पंकज दुबे, इकाना इंटरप्राइज के प्रोपराइटर बबलू सिंह यादव, बिचौलिये राहुल वर्मा व बबलू के अलावा पंकज के ड्राइवर शुभम पाल को गिरफ्तार किया था।
इस तरह पूरा रैकेट करता था काम
उड़ीसा में इमली प्रसंस्करण इकाई का 11.81 करोड़ रुपये का ठेका देने के एवज में बबलू बिचौलिओं के जरिये रिश्वत की किस्त की ये रकम पंकज को पहुंचा रहा था। एफआईआर में एक और बिचौलिया गोपाल मिश्रा भी नामजद है। जांच में सामने आया कि जो भी टेंडर निकलते थे, उसकी पूरी गोपनीय जानकारी पंकज, गोपाल को देता था।
गोपाल उन कंपनियों से संपर्क करता था, जो टेंडर के लिए इच्छुक होती थीं। जो कंपनी टेंडर की अपेक्षा 6-10 प्रतिशत रिश्वत देने को तैयार होती थी, उनसे वह डील फाइनल करता था। फिर उससे टेंडर संबंधी पूरी जानकारी साझा करता था। कंपनी उसी आधार पर टेंडर प्रक्रिया में शामिल होती थी। इससे उसको टेंडर मिल जाता था। इकाना इंटरप्राइज को मिले टेंडर में भी इसी तरह का खेल हुआ।
गोपाल के पास यूपी और दिल्ली की थी जिम्मेदारी
कई वर्षों से वापकोस के आरोपी अफसर रिश्वतखोरी का खेल करते आ रहे थे। अब तक करोड़ों रुपये की रिश्वत ले चुके हैं। खुद न फंसें इसलिए बिचौलियों के जरिये ही डील होती थी। जांच के मुताबिक गोपाल मिश्रा यूपी और दिल्ली की कंपनियों के ठेकेदारों से संपर्क करता था। इन दोनों प्रदेशों की जिम्मेदारी उसी के पास थी।
रिश्वत के होते थे तीन हिस्से
सीबीआई के केस में वापकोस के पंकज दुबे के अलावा भबद्युत्ती भूटिया व अभिषेक ठाकुर भी आरोपी हैं। रिश्वत की जो रकम मिलती थी, उसके बराबर के तीन हिस्से करते थे। हालांकि जांच में ये भी पता चला है कि कुछ मामलों में पंकज अधिक रकम लेता था। डील भी सबसे अधिक वही करता था, क्योंकि विभाग की अहम जिम्मेदारी उसी के पास थी। मामले में ईडी की भी इंट्री हो सकती है, क्योंकि बड़ी रकम का खेल ये गिरोह कर चुका है।

