Thursday, February 26, 2026
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Auraiya News: युवाओं और नवविवाहिताओं के नाम मतदाता सूची में बढ़ाने पर जोर

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औरैया। कलक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में सोमवार को जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ बैठक संपन्न हुई।बैठक में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की प्रगति की समीक्षा की। डीएम ने युवाओं और नवविवाहिताओं के नाम मतदाता सूची में बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में डीएम ने कहा कि जनपद में 18 से 19 वर्ष की आयु के नए मतदाताओं के फार्म-6 उम्मीद के मुताबिक कम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट के माध्यम से युवाओं के फॉर्म भरवाकर बीएलओ को उपलब्ध कराएं।डीएम ने कहा कि मतदाता सूची में मैपिंग के दौरान काफी समस्याएं आ रही हैं। इनमें अधिकांश ऐसी महिलाएं हैं, जो विवाह के उपरांत जनपद में आई हैं। उनके पास माता-पिता के पर्याप्त अभिलेख न होने के कारण मैपिंग में बाधा आ रही है। डीएम ने बीएलए के जरिये इन महिलाओं के जरूरी प्रपत्र संकलित कराकर जमा कराने का अनुरोध किया, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।

बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा संशोधित कार्यक्रम व तिथियों की जानकारी भी साझा की गई। बैठक में एडीएम अविनाश चंद्र मौर्य, सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम, भाजपा जिला संयोजक सौरभ राजपूत, भाकपा जिला सचिव ओमप्रकाश, सीपीआई सदस्य हरिश्चंद्र और जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी राघवेंद्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

यह हैं तिथियां
– त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव : अब 15 अप्रैल को होगा अंतिम प्रकाशन।
– 7 जनवरी से 16 मार्च : दावे-आपत्तियों का निस्तारण, पांडुलिपि तैयार करना और डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन।
– 21 फरवरी से 16 मार्च : पूरक सूचियों का कंप्यूटीकरण और मतदान केंद्रों का निस्तारण।
– 17 मार्च से 13 अप्रैल : वार्डों की मैपिंग, क्रमांकन, एसवीएन आवंटन और फोटो प्रतियों की डाउनलोडिंग।

यूपी: चार बजे गोली चली लेकिन किसी ने नहीं सुनी, आखिर बेटे अक्षत ने क्यों बनाया था वाट्सएप ग्रुप, ‘पापा लौट आओ’

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20 फरवरी की सुबह चाढ़े चार बजे वारदात के समय मानवेंद्र के भाई अरविंद की पत्नी दूसरे तल पर मौजूद थीं। उनके साथ बच्चे भी सो रहे थे। अक्षत ने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी, लेकिन इसकी आवाज परिजनों ने नहीं सुनी। अरविंद का कहना है कि परिवार सो रहा था, जिसकी वजह से उन लोगों को सुनाई नहीं दिया।मानवेंद्र के परिजनाें के इस बयान से रहस्य गहरा गया है। सवाल ये है कि आखिर परिजन क्या छिपा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मानवेंद्र बेटे और बेटी के साथ एक ही बिस्तर पर साेते थे। घटना के वक्त बिस्तर पर उनकी बेटी कृति भी मौजूद थी। कृति के सामने ही अक्षत ने वारदात को अंजाम दिया। कृति तब से सदमे में है। पुलिस कृति को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है। मंगलवार को कृति से पूछताछ की गई। कृति ने बताया कि मां की मौत के बाद से भाई और पिता का ही सहारा था। पिता की हत्या के बाद भाई भी जेल चला जाएगा।

ऐसे में वह किसके साथ रहेगी। हत्या के मामले में पूछने पर कृति ने चुप्पी साध ली। उधर, अरविंद ने बताया कि 12 से 22 फरवरी तक वह छुट्टी लेकर घर बनवाने जालौन गए थे। घटना की जानकारी पाकर वह लखनऊ पहुंचे। दोस्त मुकुल ने बताया कि 19 फरवरी को उनकी मुलाकात मानवेंद्र से हुई थी। दोस्त धर्मेंद्र ने बताया कि 19 की रात में मानवेंद्र एक बजकर 34 मिनट तक ऑनलाइन थे।परिजनों और मानवेंद्र के दोस्ताें को गुमराह करने के लिए अक्षत ने पिता के लापता होने की अफवाह उड़ाई। इसके बाद वाट्स एप ग्रुप बनाया। इसमें मानवेंद्र के दोस्तों को जोड़ा। ग्रुप में वह लिखता रहा कि पापा, आप कहां हो। आप प्लीज वापस आ जाओ… कृति और मैं आपको मिस कर रहे हैं। आपके दोस्त भी आपकी तलाश कर रहे हैं। किसी को शक ने हाे इसके लिए अक्षत मानवेंद्र के दोस्तों के साथ पिता की तलाश का नाटक करता रहा। सूत्रों का कहना है कि अक्षत ने ग्रुप इसलिए बनाया था कि उसे सारी गतिविधियों की जानकारी हो सके।
 

UP: प्रदेश में घोषित हुआ प्राइमरी स्कूलों की वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम,1.52 करोड़ विद्यार्थी देंगे इग्जाम

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1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों के 1.52 करोड़ विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षाएं 16 मार्च से शुरू होंगी। इसका परिणाम 30 मार्च को अभिभावकों की उपस्थिति में जारी किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, कक्षा एक से आठ तक की वार्षिक परीक्षाएं 16 से 20 मार्च के बीच आयोजित की जाएंगी।परीक्षा के लिए मॉडल प्रश्न पत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार कराकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दिया जाएगा। बीएसए इसका मुद्रण कराकर विद्यालयों में वितरण कराएंगे। कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा मौखिक होगी। कक्षा दो से पांच की परीक्षा लिखित व मौखिक दोनों माध्यम से होगी। दो व तीन में इसका अधिभार 50-50 फीसदी होगा।वहीं, कक्षा चार व पांच में क्रमश: 70 व 30 का होगा। लिखित परीक्षा 50 नंबर की होगी। लिखित परीक्षा 2 घंटे की होगी जबकि मौखिक परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार समय तय करेंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने निर्देश दिया है कि मूल्यांकन कार्य शुचितापूर्ण तरीके से कराते हुए 30 मार्च को परीक्षाफल घोषित किया जाएगा। रिपोर्ट कार्ड विद्यार्थियों को अभिभावकों की उपस्थिति में दिया जाएगा।

UP: पीठ और पेट काटा, नहीं काट पाया रीढ़ की हड्डी, बाप की लाश के किए थे चार टुकड़े; पोस्टमार्टम में नया खुलासा

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लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले पैथोलॉजी संचालक एवं शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के बाद आरोपी बेटे ने शव के चार टुकड़े किए थे। अक्षत ने पेट और पीठ भी काटकर अलग करने का प्रयास किया था, लेकिन रीढ़ की हड्डी नहीं काट सका। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट और पीठ पर आठ-आठ इंच गहरे कट के निशान मिले हैं।

पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल पर क्राइम सीन का रीक्रिएट किया। इस दौरान अक्षत प्रताप सिंह (21) भी मौजूद रहा। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में घटना को दोहराया। आरोपी ने बयान दिया था कि तीसरे तल पर उसने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

फिर शव को भूतल पर लाकर बाथरूम में 20 फरवरी की शाम को टुकड़े कर दिए थे। दुर्गंध छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल कर रहा था। उधर, पुलिस सोमवार देर रात अक्षत को लेकर उसके घर पहुंची। आरोपी ने पिता की लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या के बाद असलहे को बेड के नीचे छिपा दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसे बरामद कर लिया।
मुनीम के आने से धड़ को नहीं लगा पाया था ठिकाने
पकड़े जाने के डर से अक्षत सोमवार को ड्रम में भरे पिता के धड़ को कार से ठिकाने लगाने ले जा रहा था। इसी बीच शराब ठेके के मुनीम घर पर पहुंच गए। इससे अक्षत धड़ को ठिकाने नहीं लगा सका था। इस मामले में आशियाना थाने के दरोगा अग्रचारी यादव की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। 

एसीपी कैंट के मुताबिक, छानबीन में मानवेंद्र के घर से किसी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ नहीं मिला है। घर के भीतर पैथोलॉजी से संबंधित कुछ केमिकल रखे थे। पूछताछ में अक्षत ने धड़ को घर में जलाने की बात से इन्कार किया है। अक्षत ने आरी के अलावा दो चाकू भी खरीदे थे, जिन्हें बरामद कर लिया गया है।
दीवार को पेंट कर साफ की खून की छींटे
मानवेंद्र के सिर में गोली लगने से चारों तरफ खून बिखर गया था। खून के छींटे दीवारों पर लग गए थे, जिन्हें साफ करने के लिए अक्षत पेंट खरीद कर लाया। इसके बाद दीवार को पेंट किया। 
इस मामले में मानवेंद्र के पिता से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से किया गया। वीडियोग्राफी भी कराई गई। बुधवार को शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अक्षत ने बनाया था वाट्सएप ग्रुप, पापा लौट आओ
परिजनों और मानवेंद्र के दोस्तों को गुमराह करने के लिए अक्षत ने पिता के लापता होने की अफवाह उड़ाई। इसके बाद वाट्स एप ग्रुप बनाया। इसमें मानवेंद्र के दोस्तों को जोड़ा। ग्रुप में वह लिखता रहा कि पापा, आप कहां हो। आप प्लीज वापस आ जाओ… कृति और मैं आपको मिस कर रहे हैं।

आपके दोस्त भी आपकी तलाश कर रहे हैं। किसी को शक ने हो इसके लिए अक्षत मानवेंद्र के दोस्तों के साथ पिता की तलाश का नाटक करता रहा। सूत्रों का कहना है कि अक्षत ने ग्रुप इसलिए बनाया था कि उसे सारी गतिविधियों की जानकारी हो सके।पिता बेटे को देते थे 27 हजार रुपये वेतन
मानवेंद्र बेटे से सभी पैथोलॉजी सेंटर का संचालन करवाना चाहते थे। उन्होंने पारा स्थित वर्धमान पैथोलॉजी के संचालन का जिम्मा भी दे दिया था। इसके लिए वह बेटे को 27 हजार रुपये वेतन भी देते थे। अक्षत कॉलेज से आने के बाद पैथोलॉजी में जाकर बैठता था।अक्षत के दोस्तों का कहना है कि हत्या के पीछे नीट निकालने का दबाव नहीं है। किसी और वजह से उसने पिता की हत्या की है। डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, कई पहलुओं पर मामले की छानबीन की जा रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

यह था मामला
लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उन्हीं के बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर दोनों हाथ व पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए। सिर सहित धड़ घर के भीतर ड्रम से बरामद किया गया है। पुलिस ने बेटे के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, 21 फरवरी को आशियाना थाने पर मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। पुलिस ने सचिवालय सुरक्षा में तैनात मानवेंद्र के भाई अरविंद कुमार से मामले की जानकारी ली। इसके बाद अक्षत से पूछताछ की तो पता चला कि मानवेंद्र बेटे पर नीट परीक्षा की तैयारी का दबाव बना रहे थे।

20 फरवरी को सुबह 4:30 बजे इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हो गया। गुस्से में आकर अक्षत ने पिता को लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त अक्षत की छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी।
हाथ-पैर फेंके, सिर सहित धड़ घर में ड्रम में मिला
वारदात मकान के तीसरे तल पर हुई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद वह शव को घसीटते हुए भूतल पर लाया। यहां खाली कमरे में शव रख दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।
पहले कार में लादकर गोमती नदी में फेंकने की साजिश रची, लेकिन शव का वजन ज्यादा था। इससे वह अकेले ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद आरी खरीदकर लाया और पिता के शव के टुकड़े कर दिए।
धड़ ठिकाने नहीं लगा सकने पर नीला ड्रम खरीदकर लाया और उसमें डाल दिया। इससे पहले कि अक्षत धड़ को ठिकाने लगाता उसकी करतूत उजागर हो गई।

बहन को घर में रखा बंद
अक्षत ने जब पिता की हत्या की तब छोटी बहन भागकर कमरे में पहुंची थी। लेकिन अक्षत ने जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप करा दिया। उसे चार दिन तक घर में बंद करके रखा था। कृति काफी डरी हुई है। वह अब भी कुछ नहीं बोल पा रही है।

कारोबारी हत्याकांड: चीत्कारों के बीच हुआ मानवेंद्र का अंतिम संस्कार, भतीजे ने दी मुखाग्नि; बेटे ने ही की हत्या

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राजधानी लखनऊ में बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद मानवेंद्र सिंह का शव घर पहुंचा तो चीख पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने किसी तरह खुद को संभालकर अंतिम संस्कार की तैयारी की। वीआईपी रोड स्थित बैकुंठ धाम में अंतिम संस्कार किया गया। मानवेंद्र के भतीजे कृत सिंह ने मुखाग्नि दी।आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उन्हीं के बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर दोनों हाथ व पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए। सिर सहित धड़ घर के भीतर ड्रम से बरामद किया गया है। पुलिस ने बेटे के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, 21 फरवरी को आशियाना थाने पर मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। पुलिस ने सचिवालय सुरक्षा में तैनात मानवेंद्र के भाई अरविंद कुमार से मामले की जानकारी ली। इसके बाद अक्षत से पूछताछ की तो पता चला कि मानवेंद्र बेटे पर नीट परीक्षा की तैयारी का दबाव बना रहे थे।

20 फरवरी को सुबह 4:30 बजे इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हो गया। गुस्से में आकर अक्षत ने पिता को लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त अक्षत की छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी।

आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो पिता का शव कमरे में पड़ा था। मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। वह जालौन में रहते हैं। घटना की सूचना पर आशियाना पहुंच गए हैं। पुलिस ने शव के टुकड़ों को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया है। हाथ और पैर बरामद कर लिए गए हैं।

हाथ-पैर फेंके, सिर सहित धड़ घर में ड्रम में मिला

वारदात मकान के तीसरे तल पर हुई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद वह शव को घसीटते हुए भूतल पर लाया। यहां खाली कमरे में शव रख दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।

पहले कार में लादकर गोमती नदी में फेंकने की साजिश रची, लेकिन शव का वजन ज्यादा था। इससे वह अकेले ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद आरी खरीदकर लाया और पिता के शव के टुकड़े कर दिए। धड़ ठिकाने नहीं लगा सकने पर नीला ड्रम खरीदकर लाया और उसमें डाल दिया। इससे पहले कि अक्षत धड़ को ठिकाने लगाता उसकी करतूत उजागर हो गई।

गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी राजधानी, कुख्यात गैंगस्टर के वकील पर सरेआम फायरिंग, मचा हड़कंप

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Lawrence Bishnoi Lawyer Attacked : देश की राजधानी दिल्ली का कश्मीरी गेट इलाका मंगलवार रात उस वक्त गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा जब अज्ञात हमलावरों ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम के सदस्य वकील दीपक खत्री को निशाना बनाया। इस जानलेवा हमले ने दिल्ली की कानून व्यवस्था और गैंगस्टरों के बढ़ते दुस्साहस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वारदात का ब्यौरा: चार राउंड फायरिंग से दहला इलाका

प्राप्त जानकारी के अनुसार वकील दीपक खत्री अपनी कार से जा रहे थे तभी कश्मीरी गेट के पास घात लगाए हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने कार को निशाना बनाकर कुल चार राउंड फायरिंग की। गनीमत यह रही कि इस हमले में दीपक खत्री बाल-बाल बच गए, लेकिन गोलियों की गूंज ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।

मौके का मंजर: कार के उड़े परखच्चे

सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में वकील की कार के पीछे का शीशा पूरी तरह चकनाचूर मिला है। घटनास्थल से गोलियों के खोखे भी बरामद किए गए हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हमलावरों का मकसद सिर्फ डराना था या वे जान लेने की नीयत से आए थे।

क्यों अहम है यह हमला?

दीपक खत्री कोई साधारण वकील नहीं हैं वह उस कानूनी टीम का हिस्सा हैं जो तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के केस देख रही है। लॉरेंस बिश्नोई का नाम हाल के दिनों में कई हाई-प्रोफाइल मर्डर केसों (जैसे सिद्धू मूसेवाला और बाबा सिद्दीकी कांड) से जुड़ा है। ऐसे में उसकी लीगल टीम पर हमला किसी बड़े गैंगवार (Gang War) का संकेत भी हो सकता है।

नेशनल हाइवे पर भीषण सड़क हादसा! चार लोगों की दर्दनाक मौत, 6 घायल; सड़क पर बिखरी लाशें… मची चीख-पुकार

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Bihar Road Accident News : बिहार में भागलपुर जिले में मंगलवार की रात एक बस और दो छोटी गाड़ियों के बीच हुई टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई तथा छह अन्य घायल हो गए।

एक निजी बस और दो छोटी गाड़ियों के बीच हुई टक्कर

मिली जानकारी के अनुसार, घटना भागलपुर जिले के झंडापुर थाना क्षेत्र की है। भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ.नवल किशोर चौधरी ने बताया कि इस क्षेत्र के रेलवे ढाला के पास राष्ट्रीय उच्च मार्ग -31 पर खगड़िया से आ रही एक निजी बस और दो छोटी गाड़ियों के बीच टक्कर हो गई। इस घटना में दोनों गाड़ियों पर सवार चार लोगों की मौत हो गई तथा अन्य छह घायल हो गए। उक्त गाड़ियां नवगछिया से नारायणपुर की ओर जा रही थी। उन्होंने बताया कि स्थानीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से सभी घायलों को भागलपुर के जवाहरलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पति-पत्नी समेत 4 की मौत

मृतकों में दो की पहचान अरविंद मंडल एवं कुणाल कुमार के रुप में हुई है और दोनों कटिहार तथा खगड़िया जिले का रहने वाला था। जबकि अन्य दो की पहचान भागलपुर जिले के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के भिट्टा गांव निवासी 35 वर्षीय पूरमी देवी और उनके पति 40 वर्षीय सुनील दास के रूप में हुई है।

hजिलाधिकारी ने बताया कि प्रथम द्दष्टया से इस हादसे का कारण तेज गति से चल रहे निजी बस के चालक द्वारा दोनों छोटी गाड़ियों में जोरदार टक्कर मारना है। इस सिलसिले में पुलिस को बस के चालक और मालिक की पहचान कर प्राथमिकी दर्ज करने के लिये कहा गया है। इसके साथ ही मोटरयान निरीक्षक के द्वारा इस हादसे की जांच शुरु कर दी गई है।

Daily horoscope : आज इन राशियों की तरक्की में आ रही रुकावट होगी खत्म

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मेष : सितारा धन लाभ वाला, अर्थदशा भी कंफर्टेबल रहेगी, कारोबारी टूर प्लान करना फ्रूटफुल रहेगा, मान-सम्मान की प्राप्ति।

वृष : अर्थ तथा कारोबारी दशा अच्छी, सफलता साथ देगी, अपने चंचल होते मन पर जब्त रखना सही रहेगा, धार्मिक कामों में रुचि।

मिथुन : सितारा चूंकि नुकसान वाला है, इसलिए लेन-देन तथा लिखत-पढ़त के काम सचेत रह कर करने चाहिए, सफर भी टाल दें।

कर्क : टीचिंग, कोचिंग, स्टेशनरी, प्रकाशन, लिकर, होटलिंग, टूरिज्म, कंसल्टैंसी का काम करने वालों को अपने कामों में पर्याप्त लाभ मिलेगा।

सिंह : किसी अफसर के सॉफ्ट-सपोर्टिव रुख के कारण आपको अपनी किसी समस्या को सुलझाने में मदद मिलेगी।

कन्या : जरनल तौर पर स्ट्रांग सितारा के कारण आपका कदम हर मोर्चे पर बढ़त की तरफ रहेगा, धार्मिक कामों में रुचि।

तुला : पेट के मामले में लापरवाह न रहना सही रहेगा, सफर में भी अपने सामान का ध्यान रखें, नुकसान का डर।

वृश्चिक : व्यापारिक तथा कामकाजी दशा अच्छी, दोनों पति-पत्नी एक-दूसरे के प्रति कंसिडरेट से रहेंगे।

धनु : मन तथा सोच पर नैगेटिविटी प्रभावी रहेगी, इसलिए ध्यान रखें कि आप से कुछ गलत न हो जाए।

मकर : जनरल सितारा स्ट्रांग, मनोबल बना रहेगा, आप हर काम को लेकर उत्साहित तथा एक्टिव रहेंगे।

कुंभ : किसी जमीनी काम के लिए आपकी भागदौड़ अच्छा नतीजा देगी, शत्रु भी आपकी पकड़ में रहेंगे।

मीन : बड़े लोग कामकाजी साथी, सज्जन मित्र हर फ्रंट पर आपके साथ तालमेल करने के लिए तैयार दिखेंगे।

ममता है या मासूम की जान को खतरा? बंदर ने बिल्ली के बच्चे को कलेजे से चिपकाकर छतों पर लगाई दौड़, रोंगटे खड़े कर देगा वीडियो

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Mau News: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। जहां के निजामुद्दीनपुरा मोहल्ले (कोतवाली क्षेत्र) में एक बंदर और बिल्ली के बच्चे के बीच अनोखा रिश्ता देखने को मिल रहा है। यह मामला इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

ममता या मजबूरी? लोग हैरान
निजामुद्दीनपुरा मोहल्ले के लोगों ने देखा कि एक बंदर, बिल्ली के छोटे से बच्चे को अपने सीने से चिपकाकर एक छत से दूसरी छत पर घूम रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बंदर उस बच्चे को इतनी मजबूती और प्यार से पकड़े हुए था, जैसे वह उसकी अपनी संतान हो। जहां कुछ लोग इसे जानवरों के बीच की ममता और करुणा मान रहे हैं, वहीं कुछ का कहना है कि बिल्ली का बच्चा भूख और प्यास से तड़प रहा है और लगातार रो रहा है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, प्रशासन से मदद की अपील
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो गुटों में बंट गए हैं। कई लोग इसे प्रकृति का चमत्कार बता रहे हैं कि कैसे दो अलग प्रजातियों के बीच इतना प्रेम है। वहीं, पशु प्रेमियों ने चिंता जताई है कि बंदर की पकड़ में बिल्ली का बच्चा असुरक्षित हो सकता है। ट्विटर और फेसबुक पर #SaveAnimals और #dmMau जैसे हैशटैग के साथ वीडियो शेयर कर जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) से बच्चे को बचाने की गुहार लगाई गई है।

प्रशासनिक दखल का इंतजार
स्थानीय निवासियों ने वन विभाग और नगर प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में हस्तक्षेप किया जाए। लोगों का डर है कि बंदर कहीं गलती से बच्चे को छत से ना गिरा दे या बच्चा भूख से दम ना तोड़ दे। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मोहल्ले के लोग मौके पर नजर बनाए हुए हैं।

सावधान! जिले में RTO चालान के नाम पर खाली हो रहे बैंक खाते, बिना OTP के गायब हो रहे पैसे; जानें ठगी का ये नया तरीका

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Kasganj News: अगर आपके मोबाइल पर भी RTO ई-चालान का मैसेज आया है, तो सावधान हो जाइए! यह आपको ट्रैफिक जुर्माने से बचाने का नहीं, बल्कि आपके बैंक खाते को पूरी तरह खाली करने का नया जाल है। जनपद कासगंज में साइबर ठगों ने APK फाइल के जरिए ठगी का एक ऐसा खतरनाक रास्ता निकाला है, जिसमें न तो आपसे कोई पासवर्ड पूछा जाता है और न ही कोई OTP मांगा जाता है।

बिना OTP के कैसे हो रही है ठगी?
कासगंज के गंजडुंडवारा क्षेत्र में हाल ही में तीन लोग इस डिजिटल डकैती का शिकार हुए हैं। पीड़ितों ने बताया कि उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया जिसमें लिखा था कि उनका RTO चालान पेंडिंग है। मैसेज के साथ एक फाइल भेजी गई थी जिसका नाम RTO E-Challan.apk था। जैसे ही पीड़ितों ने चालान की जानकारी देखने के लिए उस फाइल को डाउनलोड कर अपने फोन में इंस्टॉल किया, खेल शुरू हो गया। बिना कोई गोपनीय जानकारी साझा किए, कुछ ही मिनटों में उनके खातों से हजारों रुपये कटने के मैसेज आने लगे।

क्या है इस APK फाइल का काला सच?
साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस के अनुसार, यह APK फाइल दरअसल एक मालवेयर (सॉफ्टवेयर वायरस) है। इसे इंस्टॉल करते ही आपके मोबाइल का पूरा कंट्रोल ठगों के पास चला जाता है। वे आपके मैसेज, गैलरी और बैंकिंग एप्स को रिमोटली एक्सेस कर लेते हैं। यही कारण है कि ठग बिना OTP मांगे ही आपके खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी पटियाली, संदीप वर्मा ने जनता को सचेत किया है। उन्होंने बताया कि ठग अब केवल चालान ही नहीं, बल्कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ जैसी सरकारी स्कीमों के नाम पर भी ऐसी फाइलें भेज रहे हैं।

ठगी से बचने के लिए पुलिस के सुझाव:-
– अपरिचित लिंक से बचें: किसी भी अनजान नंबर से आई APK फाइल या लिंक को डाउनलोड न करें।
– आधिकारिक एप का ही करें प्रयोग: सरकारी जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या mParivahan जैसे एप का इस्तेमाल करें।
– टू-स्टेप वेरिफिकेशन: अपने व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर Two-Step Verification तुरंत एक्टिव करें।
– यहां करें शिकायत: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।