Saturday, July 18, 2026
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खामेनेई के अंतिम संस्कार बाद ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम, ‘हमले हुए तो हजारों मिसाइलों से मिलेगा जवाब’

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International Desk: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का खुले तौर पर आह्वान किए जाने के बाद ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में लागू अंतरिम युद्धविराम समझौते पर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यदि ईरान अपनी धमकियों पर अमल करता है तो अमेरिका तत्काल और बड़े पैमाने पर जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की मिसाइलें तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य कार्रवाई की जाएगी।

 

इससे पहले अमेरिका ने ईरान से सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करने की मांग की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए सुरक्षित और खुला है। हालांकि ईरान ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की। इसके बजाय तेहरान ने कहा कि इस समुद्री मार्ग पर उसका नियंत्रण होना चाहिए और यहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूला जाना चाहिए। यह रुख अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग संबंधी लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था के विपरीत माना जा रहा है।

Operation Sindoor के हीरो बने SDM, Army Chief ने खुद किया सम्मानित

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अखनूर(रोहित मिश्रा): भारतीय सेना के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) जनरल धीरज सेठ ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान बेहतरीन प्रशासन के लिए ब्रिगेड में SDM खौड़ सतीश शर्मा को मौके पर ही सम्मानित किया।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भूमिका और योगदान पर संक्षिप्त जानकारी

सतीश शर्मा, जो एक समर्पित, ईमानदार और बेहद पेशेवर सरकारी अधिकारी हैं और अभी खौड़ सब डिवीजन के सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (SDM) के तौर पर कार्य कर रहे हैं, उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अहम भूमिका निभाई। उनकी सक्रिय लीडरशिप और बारीकी से की गई प्लानिंग की वजह से 8 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सीमावर्ती 53 गांवों से आम लोगों को सुरक्षित और समय पर बाहर निकालना प्रभावशाली कार्य किया।

उनकी देखरेख में जमीनी स्तर पर असरदार कार्रवाई के लिए विलेज एक्शन टीमें (VAT’S) बनाई गईं। जरूरी मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया, ट्रांसपोर्ट का अच्छा इंतज़ाम किया गया और राहत शिविरों में खाने-पीने, साफ-सफाई और हेल्थकेयर की पूरी सुविधाएं दी गईं। अलग-अलग एजेंसियों के बीच रियल-टाइम तालमेल बनाए रखने के लिए 24×7 कंट्रोल रूम बनाया गया, जिससे किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

उनकी लगातार कोशिशों और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल की वजह से, लगभग 86,000 में से 73,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और 17,000 लोगों को तय कैंपों में ठहराया गया। खौड़ सब डिवीजन में किसी की जान नहीं गई – जो संकट के समय में एक बहुत बड़ी कामयाबी थी।

दर्दनाक हादसे में पिता-पुत्र की मौत, सड़क पर बिछ गई लाशें

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तेज रफ्तार कार और मोटरसाइकिल के बीच हुई भीषण टक्कर में मोटरसाइकिल सवार पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई। इस संबंध में थाना गोइंदवाल साहिब पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

मृतक के भाई लखविंदर सिंह, निवासी गांव भुल्लर, ने बताया कि उनका भाई कुलदीप सिंह गोइंदवाल साहिब स्थित एक गैस एजेंसी में ट्रक चालक के रूप में कार्य करता था। बीते दिन सुबह करीब 7 बजे वह अपने 14 वर्षीय बेटे गुरजोत सिंह के साथ स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर गांव भुल्लर से गैस एजेंसी जा रहा था।

जब दोनों गांव फतेयाबाद से करीब 200 मीटर आगे गोइंदवाल रोड पर तालाब के पास पहुंचे, तभी सामने से गोइंदवाल की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार सफेद रंग की कार ने बिना हॉर्न दिए, लापरवाही से गलत दिशा में आकर उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और कुलदीप सिंह तथा उनके बेटे गुरजोत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद कार चालक अपनी गाड़ी समेत मौके से फरार हो गया। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी गोइंदवाल साहिब हरिंदर सिंह ने बताया कि अज्ञात कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अनियंत्रित बाइक ने साइकिल सवार को रौंदा, 3 लोगों की दर्दनाक मौत, भीषण सड़क हादसे के बाद मचा हाहाकार

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Jharkhand Road Accident : झारखंड के खूंटी जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने नियंत्रण खोकर आगे चल रहे साइकिल सवार को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि इस हादसे में साइकिल सवार समेत तीन लोगों की जान चली गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल है। पुलिस के मुताबिक यह दुर्घटना बीती देर शाम को हुई। इस मौके पर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह हादसा शुक्रवार शाम अड़की थाना क्षेत्र में जेनाडीह गांव के पास सिंदरी-डोरिया मार्ग पर हुआ। हादसे के समय मोटरसाइकिल पर चालक समेत तीन लोग सवार थे।

अड़की थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा, मोटरसाइकिल से नियंत्रण हटने के कारण चालक ने साइकिल को पीछे से टक्कर मार दी जिससे चारों व्यक्ति सड़क पर गिर गए। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान साइकिल सवार पूर्ण मुंडा (47), मोटरसाइकिल चालक अमृत पातर (25) और मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे आयुष पातर (17) के रूप में हुई है जबकि उनका दोस्त सुनील पातर (25) रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में उपचाराधीन है।

UP: 200 चांदी की ईंटों के दान पर संतुष्ट हुए राजू मनवानी, ट्रस्ट को लिखा आभार पत्र; कही ये बात

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राम मंदिर निर्माण के लिए दान में दी गई 200 चांदी की ईंटों को लेकर उठाए गए सवालों पर अब विराम लग गया है। सिंधी समाज के नेता राजू मनवानी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आभार पत्र लिखकर बताया है कि ट्रस्ट की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण और उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों से उनकी सभी शंकाओं का समाधान हो गया है।

राजू मनवानी ने पत्र में कहा कि उन्होंने पहले राम मंदिर निर्माण के लिए दान में दी गई 200 चांदी की ईंटों के संबंध में जानकारी मांगी थी। ट्रस्ट ने मामले से जुड़े अभिलेख और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिसके बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो गई।

इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं’

उन्होंने बताया कि सभी 200 दानदाताओं की ओर से चांदी की ईंटें तैयार कराने के लिए जौहरी को किए गए भुगतान की रसीदें भी उन्हें उपलब्ध करा दी गई हैं। इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट हो गया है कि दान की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत संपन्न हुई थी और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है।

राजू मनवानी ने कहा कि अब उन्हें इस मामले में किसी अतिरिक्त स्पष्टीकरण या सफाई की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने ट्रस्ट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल दानदाताओं की जिज्ञासाओं का समाधान कराना था, जो अब पूरा हो चुका है।

लखनऊ: अग्निकांड वाली अवैध बिल्डिंग होगी ध्वस्त, आदेश हुआ जारी; 15 लोगों की हुई थी दर्दनाक मौत

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अलीगंज स्थित जिस बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों की जान गई थी, उसको ध्वस्त किया जाएगा। इसका आदेश शुक्रवार को एलडीए के विहित प्राधिकारी कोर्ट ने जारी कर दिया। तीन दिन तक चली सुनवाई के बाद एलडीए कोर्ट ने बिल्डिंग मालिक को खुद से इमारत तोड़ने के लिए 15 दिन का मौका दिया है। ऐसा न करने पर एलडीए बिल्डिंग तोड़ेगा और खर्च बिल्डिंग मालिक से वसूल करेगा।बीती 22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी के एक एनिमेशन सेंटर की बिल्डिंग में भीषण आग लगी थी। जांच के दौरान यह सामने आया था कि बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा और सेट बैक जैसे जरूरी उपाय नहीं थे। निर्माण भी अवैध था। आवासीय का मानचित्र पास कराकर भवन का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। इसके बाद एलडीए ने 23 जून को बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी किया। इस मामले में एलडीए के विहित प्राधिकारी अतुल कुमार के लालबाग स्थित कोर्ट में तीन दिन सुनवाई चली।बृहस्पतिवार को विहित प्राधिकारी ने बिल्डिंग मालिक और एलडीए के इंजीनियर ओम पाल सिंह का पक्ष सुनने के बाद आदेश सुरक्षित कर लिया था। शुक्रवार को जारी हुआ। इसमें बिल्डिंग को अवैध करार देते हुए ध्वस्त करने का आदेश दिया गया है। एलडीए की टीम ने आदेश की कॉपी मौके पर जाकर चस्पा कर दी है।

राम मंदिर: चढ़ावा चोरी का दान पर पड़ा सीधा असर, 200-500 के नोट हुए कम, 10 और 20 के रुपयों की भरमार

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राम मंदिर में मिलने वाले नकद चढ़ावे में भी कमी देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि पहले गणना के दौरान 100, 200 और 500 रुपये के नोटों की गड्डियां अधिक बनती थीं, जबकि अब 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। सूत्र इसे हाल के घटनाक्रम के बाद श्रद्धालुओं के दान देने के तरीके में आए बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं की संख्या में कमी या चढ़ावे में गिरावट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में चढ़ावे में कमी और उसके कारणों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

श्रद्धालुओं की संख्या घटी, कारोबार और चढ़ावे पर असर

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। जून महीने तक प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या घटकर लगभग 60 हजार प्रतिदिन रह गई है। दर्शनार्थियों की संख्या कम होने का असर मंदिर के आसपास के व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है।

रामपथ और मंदिर क्षेत्र के आसपास प्रसाद, पूजा सामग्री, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कारोबार से जुड़े कई व्यापारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या घटने से बिक्री प्रभावित हुई है। कुछ कारोबारियों का मानना है कि हाल में सामने आए चढ़ावा गड़बड़ी के मामले का असर श्रद्धालुओं की भावना पर पड़ा है, जिससे दर्शनार्थियों की संख्या में कमी आई है। व्यापारी राजकुमार ने कहा कि निश्चित रूप से चढ़ावा चोरी की घटना का असर पड़ा है। अचानक श्रद्धालुओं की संख्या घट गई है। रोजाना दो से ढ़ाई हजार की आमदनी होती थी, जो घटकर 500 से 700 रुपये हो गई।

संजय पांडेय भी बोले कि श्रद्धालु घट गए हैं, इसका असर कारोबार पर पड़ा है। कहीं न कहीं चढ़ावा चोरी मामला भी इसके मूल में है। हालांकि कारोबारी महेंद्र सिंह इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि जुलाई में हर वर्ष स्कूल-कॉलेज खुलने, बरसात और छुट्टियां समाप्त होने के कारण स्वाभाविक रूप से श्रद्धालुओं की संख्या कम हो जाती है। उनके मुताबिक इसे केवल चढ़ावा प्रकरण से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

रेल से आने वाले यात्रियों की संख्या भी घटी

वहीं इस समय रेल मार्ग से आने वाले यात्रियों की संख्या में भी कमी आई है। रोजाना करीब 84 ट्रेन आ-जा रही हैं। पहले जुलाई में जहां रोजाना 40 से 50 हजार श्रद्धालु आते थे, इन दिनो संख्या घटकर 20 से 25 हजार पहुंच गई है। वहीं हवाई मार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में कुछ खास कमी नहीं आई है। इस समय 10 उड़ानें संचालित है, रोजाना करीब 1500 से 1600 यात्री पहुंच रहे हैं।

Jaipur: ‘शिक्षिका से मदद मांगती रही मासूम…पर नहीं सुनी बात’; अमायरा केस का नया फुटेज देख रो पड़े माता-पिता

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जयपुर के मानसरोवर स्थित नीरजा मोदी स्कूल में चौथी कक्षा की छात्रा अमायरा की मौत के करीब आठ महीने बाद एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मृतक छात्रा के परिजनों का दावा है कि करीब आठ मिनट के फुटेज में अमायरा कई बार अपनी क्लास टीचर से बात करने और मदद मांगने की कोशिश करती नजर आती है। वहीं, पुलिस का कहना है कि चार्जशीट जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही दाखिल की गई है।

परिजनों का दावा- वीडियो में बच्ची दिख रही है परेशान
अमायरा के परिवार के अनुसार, वीडियो की शुरुआत में वह सामान्य रूप से अपनी कक्षा में प्रवेश करती दिखाई देती है। इसके बाद अन्य छात्र भी कक्षा में पहुंचते हैं। कुछ देर बाद वह अपनी एक सहेली के साथ डांस क्लास में जाती है और सामान्य गतिविधियों में हिस्सा लेती है।

परिजनों का कहना है कि डांस क्लास से लौटने के बाद कक्षा का माहौल बदलता नजर आता है। उनका आरोप है कि कुछ छात्र डिजिटल स्लेट पर कुछ लिखकर अमायरा को दिखाते हैं, जबकि स्कूल में ऐसी स्लेट लाने की अनुमति नहीं थी। परिवार का दावा है कि इसके बाद बच्ची असहज और मानसिक रूप से परेशान दिखाई देती है।

‘कई बार शिक्षिका के पास गई, लेकिन बात नहीं सुनी गई’
परिजनों के मुताबिक, वीडियो में अमायरा कई बार अपनी सीट से उठकर क्लास टीचर के पास जाती है और उनसे बातचीत करती हुई दिखाई देती है। इसी दौरान एक अन्य छात्र भी शिक्षिका से अमायरा की ओर इशारा करते हुए कुछ कहता है। परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद बच्ची की बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। वीडियो में वह दोबारा शिक्षिका के पास जाती है, लेकिन उसे वापस सीट पर भेज दिया जाता है। कुछ देर बाद वह फिर शिक्षिका से बात करने पहुंचती है और उसके बाद कक्षा से बाहर निकल जाती है।

सीसीटीवी में दिखा क्लास से बाहर निकलने का घटनाक्रम
परिजनों के अनुसार, फुटेज में अमायरा कक्षा से निकलकर कॉरिडोर के रास्ते तेजी से सीढ़ियों की ओर जाती दिखाई देती है। इसके बाद वह चौथी मंजिल तक पहुंचती है, जहां बाद में वह दर्दनाक घटना हुई, जिसमें उसकी मौत हो गई।

चार्जशीट पर उठाए सवाल
अमायरा के पिता विजय मीणा और मां शिवानी ने पुलिस की चार्जशीट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जांच अधूरी रही और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी गंभीर धाराएं शामिल नहीं की गईं। परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल लापरवाही और सबूत छिपाने जैसे आरोपों तक सीमित कर दी गई, जबकि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए थी।
पुलिस का पक्ष
डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने कहा कि चार्जशीट जांच के दौरान मिले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तैयार की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत में वही आरोप प्रस्तुत किए गए हैं, जो जांच में स्थापित हुए। अब मामले में अंतिम फैसला न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर करेगा।

हाईकोर्ट जाने की तैयारी
परिजनों ने कहा है कि वे अदालत में पुलिस की चार्जशीट का विरोध करेंगे और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। राजस्थान अभिभावक संघ ने भी परिवार का समर्थन करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

चढ़ावा चोरी मामला: आखिर टिन्नू यादव को किसने थमाई हुंडियों की चाभी? SIT रिपोर्ट ने खड़े किए बड़े सवाल

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अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच भले ही अभी चल रही है। इसकी परिणति क्या होगी़, यह तो नहीं पता, लेकिन सार्वजनिक हुई एसआईटी रिपोर्ट के तथ्यों पर कई ज्वलंत प्रश्न उठ खड़े किए जा रहे हैं। इसका उत्तर दे पाना शायद जांच एजेंसी के साथ श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए भी आसान नहीं होगा।रामलला का दर्शन करने आए मध्य प्रदेश के अभिषेक शर्मा ने ट्रस्ट से सवाल किया कि टिन्नू इतना शक्तिशाली कैसे बना। उसे हुंडियों की चाभी सौंपने वालों का नाम भी सार्वजनिक होना चाहिए। रिपोर्ट में बाकायदा स्पष्ट है कि रामशंकर यादव टिन्नू के पास हुडियों की चाभियां थी, वह भी बिना लिखित आदेश के।