Saturday, March 21, 2026
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लखनऊ में बैंक नोटिस चस्पा होने पर जहरीला पदार्थ खाने से मां-बेटे की मौत, पिता गंभीर

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लखनऊ। कर्ज न अदा करने पर बैंक से मिले नोटिस से तनाव में एक परिवार ने जहरीला पदार्थ पीकर जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की। मां और बेटे की तो मौत हो गई, जबकि पति की हालत गंभीर बनी हुई है।

बंथरा के नींवा गांव में हुई इस घटना से मातम छा गया। पुलिस की गाड़ियों के साथ ही जांच टीम भी पहुंचने लगी। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में तीनों ने घटना का खुद को जिम्मेदार ठहराया है। नींवा गांव निवासी 55 वर्षीय रूपनारायण चौरसिया, उनकी पत्नी 52 वर्षीय तारावती और 30 वर्षीय बेटा संदीप गुरुवार देर शाम गांव के बाहर चाय की दुकान से घर लौटे थे।

घर पर मौजूद छोटे बेटे कुलदीप ने बताया कि उसने तहरी बनाई थी, लेकिन तीनों ने बाहर खाना खाने की बात कहकर मना कर दिया और कमरे में सोने चले गए, जबकि कुलदीप खुद बरामदे में सो गया। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे कुलदीप की नींद खुली तो उसने पिता को तेज उल्टियां करते देखा।

कमरे के अंदर पहुंचने पर मां और भाई अचेत अवस्था में पड़े मिले और उनके मुंह से झाग निकल रहा था। घबराए कुलदीप ने तुरंत पड़ोस में रह रहे चाचा को सूचना दी। इसके बाद तीनों को आनन-फानन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने मां तारावती और भाई संदीप को मृत घोषित कर दिया, जबकि रूपनारायण का इलाज जारी है।

घटना की सूचना प्रधान के माध्यम से पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के दौरान घर के बाहर पांच पन्नों का फटा हुआ नोटिस चस्पा पाया, जिस पर ‘सिक्योरिटी आफिसर’ और मुंबई का पता पढ़ा जा रहा है। पुलिस को संदीप की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें लिखा था— ‘अपनी मौत के जिम्मेदार केवल हम हैं।’

सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) कृष्णानगर रजनीश वर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, अस्पताल में भर्ती रूपनारायण की हालत नाजुक बनी हुई है। बताया कि अगर छोटे बेटे की तरफ से कोई तहरीर मिलती है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।मकान गिरवी रखने की बात आ रही सामने: पुलिस सूत्रों ने बताया कि घर पर चस्पा नोटिस के कुछ कागजों को जोड़ा गया तो वह रकम न चुकाने का नोटिस था। तय समय पर रकम न देने पर मकान नीलाम करने की बात लिखी थी। पुलिस यह पता लगा रही है कि यह मकान कहां गिरवी रखा गया था। ग्रामीणों से पता लगाया जा रहा है।

खातों के बारे में जुटाई जा रही जानकारी: एसीपी ने बताया घर पर जो नोटिस चस्पा की थी, वह आधी फट चुकी है। ऐसे में एक टीम को लगाया गया है कि तीनों को किस बैक में खाता था। उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। ताकि यह पता चल सके किस बैंक से लोन लिया था। कौन लोग घर पर वसूली के लिए आए थे।

कानपुर में ट्रैफिक की टेंशन खत्म! घर से मेट्रो तक सीधा कनेक्शन, कानपुर में शुरू होंगी 13 सर्किल बसें

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कानपुर। शहर में पहली बार 13 रूटों पर इंटर मेट्रो सर्किल बस सेवा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। परिवहन विभाग ने चिह्नित रूटों पर परमिट जारी करने से पहले बसों के संचालन के लिए सर्वे पूरा कर लिया है। इन रूटों पर 30 से 42 सीटर बसें चलाई जाएंगी। ये बसें शहर के सभी प्रमुख क्षेत्रों से होकर निकलेंगी और सीधे मेट्रो स्टेशन से जुड़ेंगी।

मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन की अध्यक्षता में 27 मार्च को संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक होगी। इसमें इंटर मेट्रो सर्किल बसों के संचालन के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा। प्राधिकरण से मंजूरी मिलने के बाद बसों का संचालन शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा। इसके बाद कुछ रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें तो कुछ पर परमिट देकर निजी सिटी बसों का संचालन कराया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने से शहरवासियों को सुगम परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

शहर में ऐसे रूट चिह्नित किए गए हैं जो सीधे मेट्रो स्टेशन से जुड़ते हैं। इन रूटों पर बसें चलाने के लिए परमिट जारी करने का प्रस्ताव बनाया गया है। इस प्रस्ताव को आरटीए की बैठक में रखा जाएगा। मंडलायुक्त की मुहर लगते ही बसों का संचालन शुरू कराया जाएगा। इससे शहरवासियों को सुगम परिवहन सेवाएं मिल सकेंगी।
राकेन्द्र कुमार सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन)

 

परिवहन विभाग को रूट से सिटी बसों को हटाने और उनको ऐसे रूटों पर संचालित करने का प्रस्ताव भेजा है, जहां से यात्रियों को मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने में आसानी हो। इसे लास्ट माइल कनेक्टिविटी कहते हैं। इसके तहत यात्री मेट्रो से अपनी यात्रा पूरी कर अपने गंतव्य तक पहुंच जाता है, पर अंतिम के किलोमीटर के लिए उसे परेशान होना पड़ता है।
पंचानन मिश्रा, जनंसपर्क अधिकारी, यूपीएमआरसी।

 

दर्दनाक हादसा; औरैया में हादसे में पोते की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकी दादी, पड़ा दिल का दौरा

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औरैया। कैला देवी से दर्शन कर लौटते समय सड़क हादसे में मरने वाले पांच लोगों में ऋषि की मौत का सदमा उसकी दादी की सगी बहन बर्दाश्त नहीं कर सकी। शुक्रवार सुबह अजीतमल क्षेत्र के प्रतापपुर गांव स्थित उसके घर की दहलीज पर दिल का दौरा पड़ गया। यह देख स्वजन पहुंचे और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल ले गए। जहां डा. अंशू ने मृत बता दिया। हार्ट अटैक से मौत होने की बात कही। यह सुनते ही सभी और बेहाल हो गए।

कैला देवी से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो गुरुवार रात आगरा के चित्राहट के गांव पई के पास सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार सवार पांच लोगों देवेंद्र, उनकी तीन वर्षीय बेटी आराध्या, पत्नी सीमा, पिता कांता प्रसाद व 20 वर्षीय ऋषि राजपूत की मौत हो गई। चार लोग इटावा निवासी थे। जबकि 20 वर्षीय ऋषि अजीतमल के प्रतापपुर गांव निवासी था।

ऋषि अपने चाचा रघुपति की कार लेकर चाचा के ससुराल नगला वर इटावा गया था। वहां से ननिहाल (चाचा के ससुराल के लोगों) के लोगों को लेकर कैला देवी के दर्शन कर लौट रहा था। स्वजन ने बताया कि ऋषि ने इस बार यूपी बोर्ड में 12 की बोर्ड परीक्षा दी थी। उसकी मौत का पता लगने पर उसकी दादी रामदेवी की सगी बहन करीब 75 वर्षीय सुखदेवी राजपूत निवासी गांव गिरधारीपुर अजीतमल स्वजन से मिलने गई थी।

शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे प्रतापपुर गांव पहुंची। जहां ऋषि की मौत के गम में पूरा परिवार व नाते-रिश्तेदार मकान के बाहर बैठे थे। ब्लाक प्रमुख रजनीश पांडेय, जिला पंचायत सदस्य सोनू सेंगर, बाबरपुर-अजीतमल नगर पंचायत चेयरमैन के पति अखिलेश चक, सभासदगण लाल जी गुप्ता , राहुल सेंगर, सत्यप्रकाश, ओ पी बाथम,, शिवेंद्र सेंगर, सोनू चौहान, समेत अन्य कई वरिष्ठ नागरिक व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

जैसे ही सुख देवी ने घर की दरवाजे के पास पैर रखा तभी सीने में दर्द हुआ। जब तक लोग कुछ समझ पाते वह जमीन पर गिर पड़ीं। जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया। जहां मौत हो जाने की पुष्टि चिकित्सकों ने की। यह सुन सुखदेवी के बेटे सुदंरम होटल मालिक अखिलेश व मान सिंह और अन्य लोग पहुंचे। घटना पता लगने पर पुलिस भी पहुंची थी।

एलवी एंटनी देवकुमार को पदोन्नत कर डीजी बनाया, यूपी में 43 डीएसपी बने एएसपी

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लखनऊ। शासन ने 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी एलवी एंटनी देवकुमार को पदोन्नत कर डीजी बना दिया है। इनकी नवीन तैनाती के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।

वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस में वर्ष 2012 और 2013 बैच के 43 पीपीएस अधिकारियों को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) से पदोन्नत कर अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) बनाया गया है। इस बारे में शासन ने आदेश जारी कर दिया है।

इन्हें डीएसपी से एएसपी के पद पर पदोन्नत किया

जिन अधिकारियों को डीएसपी से एएसपी के पद पर पदोन्नत किया गया है, उनमें राजेश कुमार तिवारी, हीतेन्द्र कृष्ण, अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव, धर्मेंद्र कुमार यादव, अमित कुमार श्रीवास्तव, दीपक कुमार सिंह, एसएन वैभव पांडेय, स्वतंत्र कुमार सिंह, स्नेहा तिवारी, नवीन शुक्ला, पंकज कुमार श्रीवास्तव, हरिराम यादव, प्रेम प्रकाश यादव, देवेन्द्र सिंह, वरुण कुमार सिंह, तनु उपाध्याय, संजय वर्मा, निष्ठा उपाध्याय, श्रेष्ठा, उदय प्रताप सिंह, अजीत कुमार रजक।

गिरीश कुमार सिंह, आलोक प्रसाद, चन्द्रकेश सिंह, अभिषेक तिवारी, पियूष कान्त राय, आलोक सिंह, सतीश चन्द्र शुक्ल, वृजनारायण सिंह, ज्ञान प्रकाश राय, अभिनव यादव, अरविन्द कुमार वर्मा, श्वेता कुमारी यादव, मोनिका यादव, राम आशीष यादव, समीक्षा यादव, इरफान नासिर खान, ओजस्वी चावला, वन्दना शर्मा, सलोनी अग्रवाल, संतोष कुमार सिंह, अभिषेक प्रताप अजेय व अशोक कुमार वर्मा के नाम शामिल हैं।

लखनऊ में बेकाबू डंपर ने तोड़े बिजली के 7 खंभे, 25 घंटे पानी तक को तरसे लोग

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लखनऊ। दुबग्गा के फरीदीपुर में अनियंत्रित डंपर चालक ने बिजली के सात खंभे तोड़ दिए। इससे गुरुवार शाम सात बजे गई बिजली शुक्रवार रात 8.15 बजे के आसपास आ सकी। इस दौरान 25 घंटे तक उपभोक्ताओं को बिजली व पानी के लिए तरसना पड़ा।

बिजली विभाग ने डंपर चालक के खिलाफ स्थानीय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया है। वहीं राजधानी के गोमती नगर के कई खंडों में 33 केवी लाइन ट्रिप होने के कारण सुबह सात बजे से बिजली की आवाजाही शुरू हुई, जो शाम पांच बजे तक बनी रही।

अमौसी जोन के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार यादव (तकनीकी) ने बताया कि सूचना मिलते ही काम शुरू करवा दिया गया था, लेकिन पुराने खंभे जमीन से उखाड़ने और नए खंभे लगाने में समय लग गया। उनके मुताबिक सिर्फ एक ही ट्रांसफार्मर 250 केवीए का प्रभावित था, जिसे शाम को चालू कर दिया गया। इससे करीब 90 उपभोक्ताओं की बिजली जुड़ी थी।

कई क्षेत्रों में दिखा बारिश का असर

शुक्रवार को बारिश के कारण अहिबरनपुर बिजली उपकेंद्र, कपूरथला बिजली उपकेंद्र, दाऊदनगर बिजली उपकेंद्र, फैजुल्लागंज बिजली उपकेंद्र की बिजली बारिश के कारण तीस मिनट से लेकर एक घंटे तक बंद रही। गोमती नगर विस्तार सेक्टर एक, चार के अलावा ओमेक्स में भी बिजली संकट दोपहर दो बजे से साढ़े तीन बजे तक बिजली से जुड़ा कार्य होने के कारण रहा।

यहां बारिश के कारण पेड़ों की टहनियां भी तारों पर गिरी। इसके कारण शटडाउन करके टहनियों को हटाया गया और बिजली की सप्लाई शुरू की गई। गोमती नगर के सेक्टर चार बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत आठ अपार्टमेंट की बिजली शाम पौने चार बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक प्रभावित रही।

वहीं आंधी के कारण जानकीपुरम बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत 11 केवी का तार टूट गया। इसके कारण मड़ियांव व आसपास के इलाकों में डेढ़ घंटे बिजली संकट रहा। निराला नगर बिजली उपकेंद्र से संबंधित लाल कॉलोनी, डालीगंज क्रॉसिंग, सीएसआई कॉलोनी में एक घंटे बिजली संकट रहा।

महानगर के सेक्टर एफ और दाऊद बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत केबल में खराबी से बिजली संकट रहा। पुराने लखनऊ के मेहताबबाग, मेडिकल कॉलेज, बिजली उपकेंद्र घंटाघर में बारिश व आंधी के कारण बिजली संकट रहा। यहां तेज हवा बंद होते ही बिजली सामान्य हो गई।

यूपी में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का कहर: बिजली गिरने से नौ की मौत, मेरठ-आगरा में सुबह छाया कोहरा

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लखनऊ। बीते 24 घंटे में बदले मौसम से प्रदेश के पश्चिम से लेकर पूर्वी स्टेशन जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। बारिश और ओलावृष्टि के साथ ही बिजली गिरने से जनहानि के साथ ही फसलों को क्षति पहुंची है।

प्रदेश भर में भजन पास के नौ मौतें हुई हैं। प्रयागराज और अमरोहा में दो, जौनपुर, मिर्जापुर, श्री बस्ती, बहराइच और बलरामपुर में एक-एक मौत हुई है। वहीं बिजली गिरने से आठ झुलस गए हैं।

तेज हवा से कई जगहों पर गेहूं की फसल बिछ गई है तो सरसों की कटी फसल भी भींग गई है। गेहूं के साथ ही रबी की पककर तैयार फसलों को फफूंद जनित बीमारियां लग सकती हैं। आंधी और बारिश से आम के बौर भी गिर गए हैं।

आज के मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम विक्षाभ के कारण शनिवार को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्यांचल व बुंदेलखंड समेत लगभग पूरे राज्य में तेज हवा और गरज व चमक का असर रहेगा।

बिन मौसम बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ीं

चंद्रगुप्त कृषि महाविद्यालय के कृषि विज्ञानी डॉक्टर सत्येंद्र कुमार के अनुसार यदि दो दिन ऐसे ही बारिश हुई तो सरसों, गेहूं, आलू, चना, मसूर के साथ कद्दू वर्गीय फसलों जैसे, खरबूजा, तरबूज, खीरा, ककड़ी, तोरई, लौकी और करेला को अधिक नुकसान होने की पूरी आशंका है। आम के फसलों में कीट व रोगों का खतरा बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है।

लखनऊ में जुनाबगंज-मोहनलालगंज मार्ग होगा फोरलेन… शहर से बाहर होकर निकलेंगे 20 हजार वाहन, मास्टर प्लान तैयार

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लखनऊ। कन्नौज, कानपुर से राजधानी होते हुए पूर्वांचल जाने वाले बड़े वाहनों को राज्य सरकार बड़ी राहत देने जा रही है। अब ऐसे बीस हजार भारी वाहन राजधानी में प्रवेश नहीं करेंगे और शहीद पथ व आउटर रिंग रोड का कम से कम प्रयोग करेंगे।

यह भारी वाहन सीधे जुनाबगंज से मोहनलालगंज की तरफ मुड़ जाएंगे और बनारस, प्रयागराज, सुलतानपुर, ऊंचाहार, रायबरेली, अमेठी, गाजीपुर व बलिया, देवरिया तक सीधे जा सकेंगे, क्योंकि राज्य सरकार जुनाबगंज से मोहनलालगंज के बीच पड़ने वाली 22 किमी. सड़क को दो लेन से चार लेन करने जा रहा है। इसकी वित्तीय स्वीकृति 175 करोड़ की दी जा चुकी है, जिसे लोक निर्माण विभाग एक साल में तैयार करेगा।

दूसरे चरण में मोहनलालगंज से गोसाईगंज को फोर लेन किया जाएगा और तीसरे चरण में बनी से मोहान रोड जो हरौनी होकर जा रहा है, उसे फोर लेन किया जाएगा।

प्रदेश सरकार ने राज्य मार्ग संख्या 136 (जुनाबगंज-मोहनलालगंज-गोसाईगंज-मोहान) को बेहतर करने का निर्णय किया है। वर्तमान में जहां से फोर लेन निकलेगी, वहां की जमीनों पर सरकार नए औद्योगिक प्रोजेक्ट लाने पर विचार कर रही है। यही नहीं राज्य राजधानी परिक्षेत्र के दृष्टिकोण से भी यह 55 किमी. का राज्य मार्ग रोजगार के साथ ही कनेक्टिविटी के मामले में और बेहतर हो जाएगा, नए कोलोनाइजर अभी से मोहनलालगंज में आ चुके हैं, जो प्राधिकरण से अप्रूवल ले रहे हैं।

बता दें कि कानुपर से लखनऊ आते वक्त जुनाबगंज पड़ता है और लखनऊ से कानपुर जाते वक्त बनी के पास पड़ता है। खासबात होगी कि बनी से हरौनी मार्ग भी फोर लेने हो जा रहा है। यहां हरौनी रेलवे क्रासिंग के पास सेतु निगम आरओबी की फिनिशिंग करवा रहा है। यहां फोर लेन बनने से उन्नाव की ओर आने वाला ट्रैफिक सीधे जुनाबगंज से कनेक्ट हो जाएगा।

राज्य मार्ग 136 को उच्चीकृत करते हुए फोर लेन बनाने की वित्तीय मंजूरी मिल गई है। 175 करोड़ की लागत से लोक निर्माण विभाग इसे बनाने जा रहा है। एक साल में यह फोर लेन तैयार हो जाएगा। फोर लेन के किनारों की सड़क राज्य राजधानी परिक्षेत्र के विकास में मददगार होंगी।

यूपी में निवेश को लगेंगे पंख, CM योगी 24 मार्च को करेंगे निवेश मित्र-3.0 पोर्टल का शुभारंभ

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 लखनऊ। राज्य में निवेश को गति देने और उद्योगों के अनुकूल माहौल तैयार करने के उद्देश्य से शुक्रवार को इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में उच्चस्तरीय संचालन समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) दीपक कुमार ने की। उन्होंने निवेश मित्र-3.0 पोर्टल का अवलोकन किया। इस पोर्टल का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 मार्च को करेंगे। बैठक में 108 उद्यमी मित्रों का कार्यकाल मई 2026 तक बढ़ाने को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई।

साथ ही, 24 नए उद्यमी मित्रों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई, जिनमें मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में स्थापित होने वाले सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस के लिए 10 पद शामिल हैं।

आईआईडीसी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि निवेश परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल (ईडीसी) की स्थापना की जाए।

इसके माध्यम से एक हजार से अधिक उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की योजना है। बैठक में उच्च मूल्य की निवेश परियोजनाओं से जुड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए 10 से अधिक मुद्दों पर विचार कर भूमि उपयोग, स्वीकृतियों और अवसंरचना से संबंधित समस्याओं का समाधान किया गया।

बैठक में राजस्व विभाग की प्रमुख सचिव अपर्णा यू व इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Maruti Suzuki Victoris के CNG वेरिएंट को है घर लाना, तीन लाख रुपये की Down Payment के बाद जाएगी कितनी EMI, पढ़ें खबर

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Maruti Suzuki Victoris के CNG वेरिएंट को है घर लाना, तीन लाख रुपये की Down Payment के बाद जाएगी कितनी EMI, पढ़ें खबर

तीन लाख Down Payment के बाद कितनी EMI

अगर आप इस गाड़ी के CNG वेरिएंट को खरीदते हैं, तो बैंक की ओर से एक्‍स शोरूम कीमत पर ही फाइनेंस किया जाएगा। ऐसे में तीन लाख रुपये की डाउन पमेंट करने के बाद आपको करीब 10.31 लाख रुपये को बैंक से फाइनेंस करवाना होगा। बैंक की ओर से अगर आपको नौ फीसदी ब्‍याज के साथ सात साल के लिए 10.31 लाख रुपये दिए जाते हैं, तो हर महीने 16595 रुपये हर महीने की EMI आपको अगले सात साल के लिए देनी होगी।

कितनी महंगी पड़ेगी कार

अगर आप नौ फीसदी की ब्‍याज दर के साथ सात साल के लिए 10.31 लाख रुपये का बैंक से Car Loan लेते हैं, तो आपको सात साल तक 16595 रुपये की EMI हर महीने देनी होगी। ऐसे में सात साल में आप Maruti Victoris CNG के लिए करीब 3.62 लाख रुपये बतौर ब्‍याज देंगे। जिसके बाद आपकी कार की कुल कीमत एक्‍स शोरूम, ऑन रोड और ब्‍याज मिलाकर करीब 16.94 लाख रुपये हो जाएगी।

किनसे होता है मुकाबला

Maruti Suzuki की ओर से Victoris को कंपनी चार मीटर से बड़ी एसयूवी के तौर पर ऑफर किया गया है। निर्माता की ओर से इस गाड़ी का बाजार में सीधा मुकाबला अपनी ही Maruti Grand Vitara के अलावा  Kia Seltos, Hyundai Creta, Honda Elevate, Mahindra XUV 700, Scorpio N जैसी SUVs के साथ होता है।

ईरान के खिलाफ जंग में ब्रिटेन की एंट्री! अमेरिका को हमले के लिए दिए अपने सैन्य बेस

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इंटरनेशनल डेस्कः मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन ने बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, ताकि ईरान के उन मिसाइल ठिकानों पर हमला किया जा सके जो Strait of Hormuz में जहाजों को निशाना बना रहे हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?

ब्रिटेन सरकार के अनुसार ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार हमले और नाकेबंदी की स्थिति बनी हुई है। तेल और गैस से जुड़े जहाजों पर खतरा बढ़ गया है। क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है।

किन बेस का होगा इस्तेमाल?

ब्रिटेन ने अमेरिका को इन प्रमुख सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति दी है: