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इटावा क्लब पर 17.64 लाख का बिल बकाया, कटेगी बिजली
इटावा। शहर के कंपनी गार्डन के पास स्थित इटावा क्लब पर 17.64 लाख रुपये बिजली का बिल बकाया है। बिजली निगम ने कनेक्शन काटने की तैयारी शुरू कर दी है। इटावा क्लब में वर्ष 2015 में 100 किलोवाट का बिजली कनेक्शन जिला क्रीड़ा अधिकारी के नाम पर लिया गया था।
निगम ने जिला क्रीड़ा अधिकारी को बिजली बिल जमा करने का नोटिस जारी किया है। इस पर जिला क्रीड़ा अधिकारी सर्वेंद्र कुमार की ओर से कहा गया कि इटावा क्लब की बिजली का उपयोग उनका विभाग नहीं करता है इसलिए इस बिल की देनदारी उनकी नहीं बनती। उन्होंने यह भी कहा कि यह कनेक्शन उनके विभाग के नाम पर कब और कैसे लिया गया इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
इस संदर्भ में बिजली निगम के एक्सईएन हनुमान प्रसाद मिश्र का कहना है कि क्लब का कनेक्शन जिला क्रीड़ा अधिकारी के नाम पर है। उन्होंने बिल जमा करने से साफ इन्कार कर दिया है और अब तक कोई भी इस राशि को भरने के लिए सामने नहीं आया है। बकाया वसूली के लिए जल्द ही क्लब का कनेक्शन काट दिया जाएगा। नए कनेक्शन का आवेदन आया है लेकिन पुराने बकाये के रहते इसे मंजूर नहीं किया जा सकता।
जसवंतनगर तार जोड़ते वक्त करंट की चपेट में आए युवक की मौत
जसवंतनगर। क्षेत्र के ग्राम रतनगढ़ में देवी जागरण की तैयारी के दौरान तार जोड़ते वक्त करंट लगने से 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना मंगलवार की मध्य रात्रि की है। युवक के चाचा की गुरुवार को बरात भी जानी है
ग्राम रतनगढ़ निवासी अजय कुमार (20), चाचा सुखबीर सिंह की गुरुवार को जाने वाली बरात के चलते घर पर आयोजित देवी जागरण की तैयारियों में जुटा था। मंगलवार रात करीब 12 वह बिजली का तार जोड़ रहा था तभी अचानक करंट की चपेट में आ गया। इस दौरान किसी को उसकी चीख तक सुनाई नहीं दी। काफी देर बाद जब वह अचेत अवस्था में गिरा मिला, तब परिजनों को घटना की जानकारी हुई। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया।
औरैया रात में फिर आंधी-बारिश से गेहूं की फसल पर संकट
औरैया। चार अप्रैल से शुरू हुई आंधी और बारिश का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। मंगलवार रात आंधी-बारिश से गेहूं की फसल खेतों में गिरकर भीग गई।
इससे उसका रंग काला होने की आशंका बढ़ गई है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भी भर गया। बुधवार को पूरे दिन बादल छाए रहे और रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही।
यह मौसम फसलों के लिए आफत बन गया है। चार और पांच अप्रैल को बारिश के साथ ओलावृष्टि ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया था। लेखपालों के सर्वे में जिले के 20 गांवों की 431 हेक्टेयर फसलों में नुकसान आंका गया था। बुधवार को फिर से हुई बारिश ने इस नुकसान को और बढ़ा दिया है।
ऐसे में दोबारा फसल नुकसान के सर्वे की आवश्यकता पड़ सकती है। किसान बुधवार को मौसम साफ होने की उम्मीद लगाए थे लेकिन धूप न निकलने से निराश हुए। खेतों में पानी भर जाने से किसान चिंतित नजर आए। दोपहर में धूप न निकलने से फसलों के सूखने का विकल्प भी नहीं बन सका।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने बताया कि बृहस्पतिवार से मौसम साफ होने के आसार है। खेत में पड़ी पकी फसल को किसान सुरक्षित करें। उन्होंने बताया कि बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है। अभी हवाएं तेज चलेंगी।
दिबियापुर रूट परिवर्तन से लखनऊ इंटरसिटी पांच घंटे लेट
दिबियापुर। मेगा ट्रैफिक ब्लॉक के चलते हुए रूट डायवर्ट के कारण ट्रेनें कई-कई घंटे देर से चल रही हैं। बुधवार को लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन फफूंद स्टेशन पर पांच घंटे लेट आई। ट्रेन घंटों लेट होने से कई यात्रियों को दूसरे साधन से गंतव्य तक पहुंचना पड़ा।रेलवे प्रशासन ने बताया कि ट्रेन शाम को लेट जाने के कारण गंतव्य स्थान आगरा से ही लेट चली है। बृहस्पतिवार से ट्रेन अपने निर्धारित समय पर आएगी। वहीं, ऊंचाहार एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, नेताजी एक्सप्रेस एक घंटे, महानंदा एक्सप्रेस आधा घंटे से ज्यादा देर से आई
इटावा की ओर जाने वाली अवध एक्सप्रेस एक घंटे, गोविंदपुरी से अलीगढ़ सुपरफास्ट पैसेंजर आधे घंटा, महानंदा एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, नेताजी एक्सप्रेस आधा घंटे की देरी से पहुंची। इससे यात्री परेशान रहे। स्टेशन अधीक्षक राजू दास रंजन ने यात्रियों से अपील की कि यात्रा से पहले समय, ठहराव और अन्य जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या एनटीईएस एप से जानकारी कर लें।
ककोर प्लास्टिक सिटी में खाली पड़े प्लॉटों की आवंटन प्रक्रिया शुरू
औरैया। ककोर स्थित प्लास्टिक सिटी में अब मई में खाली पड़े प्लॉटों का आवंटन किया जाएगा। उद्यमियों की ओर से यहां पर कंपनी लगाने के लिए 50 आवेदन किए गए हैं। जिसे लेकर अब साक्षात्कार के जरिए आवंटन प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। मई में यह कार्य पूरा भी हो जाएगा।वर्ष 2012 में दिबियापुर के पांच गांवों की 314 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था। 285 एकड़ के 286 भूखंडों में प्लास्टिक (खिलौना, कुर्सी, प्लास्टिक पाइप आदि) से जुड़े उद्योगों की स्थापना होनी थी। वहीं 89 एकड़ के 622 भूखंडों में आवासीय भवन बनना प्रस्तावित है। उद्योग लगाने के लिए कई छोटे बड़े उद्योगपतियों ने आवेदन किए। कई उद्योगपतियों ने भूखंड आवंटन के पश्चात उन पर कब्जा भी ले लिया।।
वर्तमान समय में यहां पर दो इकाइयों का संचालन शुरू हो गया है जबकि 10 कंपनियों का निर्माण जारी है। इधर खाली पड़े प्लॉटों को लेकर यूपीसीडा ने आवेदन मांगे थे। पोर्टल पर अभी तक 50 आवेदन आ गए हैं। अब अप्रैल में इन आवेदनों को लेकर साक्षात्कार के जरिए चयन प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इसके बाद खाली प्लॉटों का आवंटन किया जाएगा। मई में उद्यमियों को प्लॉट आवंटित हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्लास्टिक सिटी में खाली पड़े प्लॉटों को लेकर 50 आवेदन आ चुके हैं। अप्रैल में साक्षात्कार के जरिए उद्यमियों का चयन किया जाएगा। -देवेश चौहान, उद्यमी मित्र

