Sunday, February 15, 2026
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वर्ल्डकप में शादी वाला फूफा क्यों बन जाता है पाकिस्तान:पावर, पैसा, पॉलिटिक्स वजह, 1 मैच न होने से 1700 करोड़ तक का नुकसान

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जब भी कोई ICC टूर्नामेंट भारत में होता है, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का रवैया लगभग तय रहता है। पहले वह कहता है – हम नहीं खेलेंगे। फिर कुछ दिन बाद कहता है – हम खेलेंगे, लेकिन हमारी शर्तें माननी होंगी और आखिर में, टूर्नामेंट खेल भी लेता है, मगर तब तक इतना हंगामा कर चुका होता है कि पूरा इवेंट उसी के इर्द-गिर्द घूमता दिखता है।

यही वजह है कि पिछले कुछ सालों से ICC टूर्नामेंट में पाकिस्तान का रोल क्रिकेट टीम से ज्यादा शादी में आए फूफा जैसा लगने लगा है, जो पहले कहता है, ‘मैं नहीं आऊंगा’, फिर कहता है, ‘आऊंगा लेकिन मेरी बात चलेगी’, और अंत में खाना खाकर फोटो खिंचवाकर निकल जाता है।

पाकिस्तान के इस रवैये की शुरुआत भारत में हुए 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान हुई थी। तब वह बहुत आनाकानी करने के बाद खेलने के लिए राजी हुआ। इस बार भी पाकिस्तान ने पहले भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार किया, फिर यू-टर्न ले लिया। बीच में इतना माहौल बनाया गया कि बांग्लादेश की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

सवाल है, पाकिस्तान ऐसा करता क्यों है? जवाब भावनाओं में नहीं, पावर, पैरिटी, पैसे, पॉलिटिक्स और प्रतिशोध में छिपा है। पाकिस्तान का ये रवैया सिर्फ जिद या राजनीति नहीं है। इसके पीछे पांच ठोस वजहें हैं-

1. पावरः क्रिकेट जगत को अपनी इम्पोर्टेंस जताना

2. पैरिटीः भारत से बराबरी की जिद, क्रिकेट में भी

3. पैसेः भारत के साथ बाइलेट्रल सीरीज की चाह, ताकि कमाई हो

4. पॉलिटिक्सः अपने देश में मजबूत दिखने की मजबूरी

5. प्रतिशोधः चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के पाकिस्तान न जाने का बदला

इन सभी वजहों को एक-एक कर विस्तार से समझते हैं…

1. पावर- क्रिकेट जगत को अपनी इम्पोर्टेंस जताना

ICC टूर्नामेंट में पाकिस्तान की असली ताकत उसके खिलाड़ी नहीं, बल्कि इंडिया-पाकिस्तान राइवलरी है। ICC का सबसे बड़ा बिजनेस मॉडल भी यही है। ICC की कुल कमाई का करीब 90% हिस्सा मीडिया राइट्स से आता है।

मीडिया राइट्स में भी सबसे बड़ा योगदान भारतीय मार्केट का होता है, क्योंकि क्रिकेट की सबसे बड़ी ऑडियंस भारत में है, सबसे ज्यादा स्पॉन्सर भारत से आते हैं, और सबसे महंगी ब्रॉडकास्ट डील्स भारत में होती हैं।

इसी वजह से ICC ने 2024 से 2027 के लिए अपने मीडिया राइट्स जियो हॉटस्टार को करीब 3.1 बिलियन डॉलर में बेचे हैं। अलग-अलग सूत्रों और इंडस्ट्री अनुमान के मुताबिक, इस 3.1 बिलियन डॉलर की डील का 10% से 25% हिस्सा सिर्फ इसलिए प्रीमियम में गया क्योंकि ICC ने अपने हर बड़े व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट में कम से कम एक भारत-पाकिस्तान मैच की गारंटी दी।

ICC ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी, 2026 टी-20 वर्ल्ड कप, 2027 वनडे वर्ल्ड कप में कुल 4 भारत-पाकिस्तान मैच तय कर दिए। अब इसी आधार पर एक भारत-पाकिस्तान मैच की कीमत निकाली जा सकती है।

पाकिस्तान को पता है कि ICC के सबसे बड़े टूर्नामेंट में उसकी भूमिका एक टीम की नहीं, बल्कि रेवेन्यू ट्रिगर की है। इसलिए वह हर बार भारत में टूर्नामेंट आते ही ‘हम नहीं खेलेंगे’ बोलकर दबाव बनाता है।

यह सिर्फ भारत को नहीं, बल्कि ICC और बाकी देशों को भी संदेश होता है, अगर हम नहीं खेले, तो आपकी कमाई घट जाएगी।

ICC की कमाई सिर्फ ICC के पास नहीं रहती

ICC अपनी कमाई को अपने सदस्य बोर्ड्स में डिस्ट्रीब्यूट करती है। यानी ICC जितना कमाएगी, उतना ज्यादा पैसा दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड्स में जाएगा। अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं हुआ, तो ICC की कमाई घटेगी।

उस कमाई के घटने का नुकसान सिर्फ ICC को नहीं, बल्कि हर सदस्य बोर्ड को होगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड से लेकर छोटे बोर्ड्स तक शामिल हैं।भारत जैसे अमीर बोर्ड (BCCI) को इससे बड़ा फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन बाकी बोर्ड्स की कमाई और योजनाएं हिल जाती हैं। यही पाकिस्तान का असली लेवरेज है।

ICC अपनी कमाई का कितना हिस्सा किस बोर्ड को देती है इसे अगले ग्राफिक्स में देख सकते हैं…

2. पैरिटी- भारत से बराबरी की जिद, क्रिकेट में भी

दूसरी वजह भावनात्मक और राजनीतिक है, लेकिन उतनी ही असली है। क्रिकेट की दुनिया में आज भारत सिर्फ सबसे बड़ी टीम नहीं है, बल्कि सबसे बड़ा मार्केट, सबसे बड़ा ब्रांड और सबसे बड़ा कंट्रोल सेंटर भी है। इसकी 4 बड़ी वजहें हैं-

  • सबसे ज्यादा पैसा भारत से आता है
  • सबसे ज्यादा स्पॉन्सर भारत से आते हैं
  • सबसे ज्यादा व्यूअर भारत में हैं
  • पॉलिसी-डिसीजनिंग में भारत का असर सबसे ज्यादा है

पाकिस्तान आबादी के लिहाज से भारत के बाद दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेटिंग नेशन है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी कह चुके हैं कि ICC के सभी सदस्यों को पाकिस्तान का महत्व समझना चाहिए।

भारत-पाकिस्तान मैच अहम है तो यह सिर्फ भारत की वजह से नहीं है। पाकिस्तान इस मैच में खेलता है तभी मुकाबला संभव होता है। भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक जितने इंटरनेशनल मैच हुए हैं उसमें अब भी ज्यादा जीत पाकिस्तान के नाम है। इसलिए ICC पाकिस्तान को भी उतनी ही अहमियत दे जितनी वह भारत को देती है।

3. पैसेः भारत के साथ बाइलेट्रल सीरीज की चाह, ताकि कमाई हो

भारत ने 2012 के बाद से पाकिस्तान से कोई बाइलेट्रल सीरीज नहीं खेली है। भारत का स्टांस है कि क्रिकेट और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। भारत के इस फैसले से पाकिस्तान की क्रिकेट को बहुत नुकसान झेलना पड़ा है।

2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड सालाना 69 मिलियन डॉलर का रेवेन्यू जेनरेट करता है। अगर भारत उसके साथ बाइलेट्रल सीरीज खेले तो उसकी कमाई तीन गुनी होकर सालाना करीब 200 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।

ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका सहित सभी बोर्ड इस कोशिश में रहते हैं कि भारतीय टीम उनके यहां ज्यादा से ज्यादा टूर करे। उनके ब्रॉडकास्ट राइट्स को ऊंची कीमत इसलिए मिलती है क्योंकि हर दो साल में कम से कम एक बार टीम इंडिया उनके यहां जाकर सीरीज खेलती है। पाकिस्तान को यह मौका नहीं मिलता है।

पाकिस्तान ने 2018 में BCCI के खिलाफ ICC में एक केस भी दर्ज कराया था। इसमें उसने कहा था कि भारत उससे वादा करने के बावजूद बायलेट्रल सीरीज नहीं खेलता है इसलिए उसे 70 मिलियन डॉलर का मुआवजा दिया जाए। पाकिस्तान यह मुकदमा हार गया था।

4. पॉलिटिक्सः अपने देश में मजबूत दिखने की मजबूरी

भारत की ही तरह पाकिस्तान में भी क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं है। यह राष्ट्रीय भावना, राजनीति और पहचान का हिस्सा है। 90 के दशक में पाकिस्तान के कप्तान इमरान खान ने यहां तक कह दिया था कि कश्मीर विवाद का हल क्रिकेट मैच से हो जाए, जो टीम जीते कश्मीर उसका।

जब भी क्रिकेट की राजनीति में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और BCCI आमने-सामने होते हैं, तो पाकिस्तानी अधिकारी मामले को इस तरह दिखाने की कोशिश करते हैं कि उसने भारत को सबक सिखा दिया।

ऐसे में भारत में टूर्नामेंट हो और PCB बिना शोर किए सीधे खेलने चला जाए, तो पाकिस्तान के अंदर उसे कमजोर या झुका हुआ कहा जा सकता है। इसलिए PCB पहले “हम नहीं खेलेंगे” बोलकर घरेलू दर्शकों को संकेत देता है कि-

  • हमने स्टैंड लिया है
  • हमने दबाव बनाया है
  • हमने ICC से बात मनवाई है

फिर अंत में खेल भी लेता है, क्योंकि असल फायदा वहीं है।

5. प्रतिशोधः चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के पाकिस्तान न जाने का बदला

भारत ने पिछले साल पाकिस्तान की मेजबानी में हुए चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से मना कर दिया था। भारत के सभी मैच दुबई में खेले गए।

इसके बाद पाकिस्तान ने कहा कि अगर भारतीय टीम हमारे यहां नहीं आती तो फिर पाकिस्तानी टीम भी वर्ल्ड कप खेलने भारत नहीं जाएगी और उसके मैच किसी अन्य देश में कराए जाए। भारत ने इस प्रस्ताव को मान लिया। इस वजह से इस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के मैच कोलंबो में हो रहे हैं।

जब वर्ल्ड कप शुरू होने की बारी आई तो पाकिस्तान ने बांग्लादेश का मामला उठा दिया। बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर किया गया। इसके बाद बांग्लादेश ने भी पाकिस्तान की शह पर यह मांग रखी कि उसके भी मैच श्रीलंका में हो।

ICC ने बांग्लादेश की डिमांड नहीं मानी। बांग्लादेश वर्ल्ड कप से बाहर हो गया। पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के मैच का बायकॉट करने का फैसला लिया। हालांकि, बाद में वह पलट गया।

पाकिस्तान की धमकी उसका सबसे बड़ा हथियार

पाकिस्तान की धमकी का असर इसलिए होता है क्योंकि यह सिर्फ एक मैच की बात नहीं है। यह ICC के पूरे बिजनेस मॉडल की बात है। ICC भारत-पाकिस्तान मैच किसी भी हालत पर करवाना चाहता है। अगर यह मैच नहीं हुए, तो 4 बातें हो सकती हैं-

  • ब्रॉडकास्टिंग रेवेन्यू पर असर
  • स्पॉन्सरशिप वैल्यू पर असर
  • टिकटिंग और ग्राउंड रेवेन्यू पर असर
  • और ICC के पूरे हाइप स्ट्रक्चर पर असर

यही वजह है कि पाकिस्तान बार-बार नहीं खेलेंगे बोलकर खुद को महत्वपूर्ण साबित करने की कोशिश है। इसी वजह से हर बार उसकी धमकी के बाद ICC, बोर्ड्स और दूसरे देश एक्टिव हो जाते हैं। फिर पाकिस्तान अपने स्टैंड से पलटी मार जाता है। एक और इंडिया Vs पाकिस्तान मैच हो जाता है।

लखनऊ में फेयरवेल पार्टी के बाद 30 गाड़ियों से स्टंट:छतों पर बैठे और खिड़कियों से लटके छात्र, कारों में हुई टक्कर…VIDEO

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लखनऊ के एक निजी कॉलेज की फेयरवेल पार्टी के बाद छात्रों ने जानलेवा स्टंट किया। 30 से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ छात्र कॉलेज से बाहर निकले। गाड़ियों की छतों पर बैठकर और खिड़कियों से लटककर रील बनाई। इस बीच 2 कारों में जोरदार टक्कर हो गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

यह स्टंटबाजी एसआर कॉलेज के छात्रों ने इंटरमीडिएट की फेयरवेल पार्टी के बाद की। 10 फरवरी को हुए इस स्टंट का वीडियो 14 फरवरी की रात में सामने आया। वीडियो में थार, स्कॉर्पियो, अर्टिगा, डिजायर, स्विफ्ट, पंच आदि गाड़ियों से छात्र खतरनारक स्टंट करते दिख रहे हैं।

3 तस्वीरें देखिए…

लखनऊ के एसआर कॉलेज की फेयरवेल पार्टी में छात्रों ने खतरनाक स्टंट किया।
लखनऊ के एसआर कॉलेज की फेयरवेल पार्टी में छात्रों ने खतरनाक स्टंट किया।
स्टंट के दौरान तमाम छात्र सड़क पर उतर गए। इसकी वजह से यातायात भी बाधित हुई।
स्टंट के दौरान तमाम छात्र सड़क पर उतर गए। इसकी वजह से यातायात भी बाधित हुई।
छात्रों के स्टंट के दौरान 2 कारों में टक्कर हो गई। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ।
छात्रों के स्टंट के दौरान 2 कारों में टक्कर हो गई। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ।

3 वीडियो सामने आए हैं…

छात्रों के स्टंट का 3 वीडियो सामने आया है। एक वीडियो 34 सेकंड, दूसरा 44 और तीसरा 17 सेकंड का है। वीडियो में छात्रों का हुड़दंग साफ-साफ दिख रहा है। 34 सेकंड के वीडियो में दिख रहा है कि कारों का काफिला सड़क के किनारे खड़ा है।

उसके बाद एक-एक करके कारें निकलती हैं। उनकी छतों पर छात्र बैठे हैं। खिड़कियों से लटके हैं। हाथ छोड़-छोड़कर हुड़दंग कर रहे हैं। 44 सेकंड के वीडियो में दिख रहा है कि छात्रों का काफिला सड़क से होकर खाली मैदान में पहुंचती है। यहां मैदान में कारें दौड़ती हैं। छात्र छत और खिड़की पर बैठे रहते हैं।

17 सेकंड के वीडियो में दिख रहा है कि कारों के काफिले से रील बनाई जा रही है। इस दौरान दो कार आपस में टकरा जाती हैं। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

छात्रों ने वीडियो सोशल मीडिया पर डाले हैं। उसमें लिखे हैं- एस का फेयरवेल हो और कांड न हो। उसके बाद इमोजी बनाए हैं।
छात्रों ने वीडियो सोशल मीडिया पर डाले हैं। उसमें लिखे हैं- एस का फेयरवेल हो और कांड न हो। उसके बाद इमोजी बनाए हैं।

इंस्टाग्राम पर डाले वीडियो

छात्र गाड़ियों की खिड़कियों से लटकते, एक-दूसरे को ओवरटेक करते और गाड़ियों की छतों पर बैठकर ‘कार रेसिंग’ करते नजर आ रहे हैं। इस काफिले के कारण सड़क पर काफी देर तक ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है। छात्रों ने खुद इन स्टंट्स के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए हैं।

कई छात्रों के अकाउंट पर अलग-अलग गानों और कैप्शन के साथ वीडियो शेयर किए गए हैं, जिनमें से एक में लिखा है, “अगर SR कॉलेज का फेयरवेल हो और कांड न हो तो क्या होगा।” एक अन्य वीडियो में आपत्तिजनक गाना भी लगा है।

छात्र काफिला बनाकर कॉलेज के बाहर निकले। उसके बाद जमकर हुड़दंगई की।
छात्र काफिला बनाकर कॉलेज के बाहर निकले। उसके बाद जमकर हुड़दंगई की।

पुलिस आरोपी स्टूडेंट्स की कर रही पहचान

यह मामला बीकेटी थाना क्षेत्र का है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बीकेटी पुलिस ने इन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। हालांकि, वायरल वीडियो सामने आने के बाद एसीपी बीकेटी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

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DM ने महाशिवरात्रि मेला व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया:देवकली-मंगलाकली मंदिरों पर भीड़ नियंत्रण, पेयजल व साफ-सफाई के निर्देश

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जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने महाशिवरात्रि मेला की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने देवकली एवं मंगलाकली मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अधिकारियों ने मेला में आने वाले शिव भक्तों के लिए अलग-अलग रास्ते निर्धारित करने के निर्देश दिए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग लगाने और निर्धारित स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया, ताकि भीड़ के दौरान कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो और सभी भक्त आसानी से पूजा-अर्चना कर सकें।

जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं के बैठने के लिए यात्री प्रतीक्षालय बनवाने के निर्देश भी दिए। अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका परिषद को शुद्ध पेयजल के लिए पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर लगाने और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था हेतु अधिक बल्ब लगवाने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा, तहसीलदार सदर प्रकाश चौधरी, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद राम आसरे कमल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

300 साल बाद बन रहे दुर्लभ शुभ संयोग:औरैया के देवकली मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर ऐतिहासिक देवकली मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शहर, क्षेत्र और अन्य जनपदों से आए शिवभक्तों ने महाकालेश्वर का जलाभिषेक कर पूजन-अर्चन किया। इस वर्ष 300 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बना, जिसने भक्तों में विशेष उत्साह भर दिया।

सुबह से ही मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। हजारों कांवड़ियों ने मंदिर पहुंचकर शिवलिंग पर शहद, जल, दूध और गन्ने के रस से अभिषेक किया। बड़ी संख्या में परिवारों ने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा की। मंदिर के पास पूजा सामग्री और फूलों की बिक्री भी खूब हुई। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।

जनपद के अन्य शिव मंदिरों जैसे सत्तेश्वर, भूतेश्वर, ओंकारेश्वर, कालीमाता मंदिर, संकट मोचन मंदिर और गौरैया तालाब स्थित शिव मंदिर में भी भक्तों ने अभिषेक और पूजन किया। हजारों श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर भगवान शिव से मन्नतें मांगी। मंदिरों में देर रात तक कीर्तन-भजन चलते रहे और कई स्थानों पर प्रसाद वितरण भी किया गया।

जनपद के विभिन्न कस्बों और ग्रामीण अंचलों में भी महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। फफूंद कस्बे के पाता चौराहे स्थित बारहदरी शिव मंदिर में भी सुबह से भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। नगर के विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शिवालयों को फूलों और रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया था, और प्रशासनिक व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रही।

अछल्दा रेलवे क्रॉसिंग पर लगा लंबा जाम:कांवड़ियों सहित राहगीरों को हुई परेशानी

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अछल्दा कस्बे के 13 एस रेलवे क्रॉसिंग पर शनिवार शाम लंबा जाम लग गया। फाटक देर से खुलने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और कांवड़ियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4 बजे सिंगीरामपुर से जल भरकर लौट रहे कांवड़िए जब क्रॉसिंग पर पहुंचे, तो फाटक बंद था। बिधूना की ओर से आ रहे वाहन भी जाम में फंस गए। देखते ही देखते दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जाम में फंसे कांवड़ियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। तेज धूप और भीड़ के कारण उन्हें असुविधा झेलनी पड़ी। काफी समय बाद जब फाटक खोला गया, तब जाकर यातायात सुचारु हो सका और लोगों ने राहत की सांस ली।

वही थाना प्रभारी पंकज मिश्रा ने बताया फाटक पर पुलिस बल तैनात है जाम खुलवाने के प्रयास जारी है

अछल्दा में महाशिवरात्रि पर मंदिरों में उमड़ी भीड़:शिवभक्तों ने किए दर्शन, पुलिस की निगरानी में शांतिपूर्ण आयोजन

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औरैया के अछल्दा क्षेत्र में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ग्वारी स्थित मनकामेश्वर महाराज मंदिर, गुनौली गांव के झाड़ेश्वर मंदिर और कस्बे के सराय बाजार स्थित पंचमुखी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठे।

दूर-दराज के गांवों से आए शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्रृंगीरामपुर से कांवड़ में गंगाजल भरकर पहुंचे कांवड़ियों ने भी मंदिरों में जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को बेलपत्र, दूध, धतूरा, बेलफल और बेर अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। दिनभर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।

सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर परिसरों में पुलिस बल तैनात रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित ढंग से दर्शन कराने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन की सतर्कता के चलते महाशिवरात्रि का यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। ग्वारी मंदिर पर एक मेले का भी आयोजन किया गया।

ग्वारी मंदिर के महंत शिव पाल सिंह की देखरेख में 300 कांवड़ियों ने कांवड़ चढ़ाई। इस अवसर पर भक्तों ने व्रत रखकर भगवान शिव की आराधना की और परिवार की खुशहाली व मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की। मंदिर के सामने स्थित एक 100 वर्ष पुराने कुएं का पानी पीने से सांस के मरीजों की बीमारी दूर होने की मान्यता भी है।

लखनऊ में फेयरवेल पार्टी के बाद 30 गाड़ियों से स्टंट:छतों पर बैठे और खिड़कियों से लटके छात्र, कारों में हुई टक्कर…VIDEO

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लखनऊ के एक निजी कॉलेज की फेयरवेल पार्टी के बाद छात्रों ने जानलेवा स्टंट किया। 30 से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ छात्र कॉलेज से बाहर निकले। गाड़ियों की छतों पर बैठकर और खिड़कियों से लटककर रील बनाई। इस बीच 2 कारों में जोरदार टक्कर हो गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

यह स्टंटबाजी एसआर कॉलेज के छात्रों ने इंटरमीडिएट की फेयरवेल पार्टी के बाद की। 10 फरवरी को हुए इस स्टंट का वीडियो 14 फरवरी की रात में सामने आया। वीडियो में थार, स्कॉर्पियो, अर्टिगा, डिजायर, स्विफ्ट, पंच आदि गाड़ियों से छात्र खतरनारक स्टंट करते दिख रहे हैं।

लखनऊ के एक निजी कॉलेज की फेयरवेल पार्टी के बाद छात्रों ने जानलेवा स्टंट किया। 30 से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ छात्र कॉलेज से बाहर निकले। गाड़ियों की छतों पर बैठकर और खिड़कियों से लटककर रील बनाई। इस बीच 2 कारों में जोरदार टक्कर हो गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

यह स्टंटबाजी एसआर कॉलेज के छात्रों ने इंटरमीडिएट की फेयरवेल पार्टी के बाद की। 10 फरवरी को हुए इस स्टंट का वीडियो 14 फरवरी की रात में सामने आया। वीडियो में थार, स्कॉर्पियो, अर्टिगा, डिजायर, स्विफ्ट, पंच आदि गाड़ियों से छात्र खतरनारक स्टंट करते दिख रहे हैं।

इंस्टाग्राम पर डाले वीडियो

छात्र गाड़ियों की खिड़कियों से लटकते, एक-दूसरे को ओवरटेक करते और गाड़ियों की छतों पर बैठकर ‘कार रेसिंग’ करते नजर आ रहे हैं। इस काफिले के कारण सड़क पर काफी देर तक ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है। छात्रों ने खुद इन स्टंट्स के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए हैं।

कई छात्रों के अकाउंट पर अलग-अलग गानों और कैप्शन के साथ वीडियो शेयर किए गए हैं, जिनमें से एक में लिखा है, “अगर SR कॉलेज का फेयरवेल हो और कांड न हो तो क्या होगा।” एक अन्य वीडियो में आपत्तिजनक गाना भी लगा है।लखनऊ में फेयरवेल पार्टी के बाद 30 गाड़ियों से स्टंट:छतों पर बैठे और खिड़कियों से लटके छात्र, कारों में हुई टक्कर…VIDEO

मनकामेश्वर मंदिर में रात 12 बजे विशेष भस्म आरती:महाशिवरात्रि पर लखनऊ के बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में 2KM लंबी कतार

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महाशिवरात्रि पर लखनऊ के प्रमुख शिवालयों में आधी रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मनकामेश्वर मंदिर में रात 12 बजे विशेष भस्म आरती हुई। इसके बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। हरहर महादेव के जयकारे लगाते हुए भक्तों ने महादेव को जलाभिषेक किया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

रात में ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतार लग गई। बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में तड़के 4 बजे पंचमुखी आरती हुई। सुबह होते-होते भक्तों की करीब 2 किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। महिला-पुरुष भक्तों की अलग-अलग कतारें लगी हैं। भक्त लाइन में खड़े होकर ओम नम: शिवाय, हरहर महादेव के जयकारे लगाते हुए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

शहर के अन्य शिवालयों पर भी भक्तों की भीड़ उमड़ी है। शिव भक्त बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक, दूग्धाभिषेक कर रहे हैं। बेल पत्र, भांग, गांजा, बेर, फूल आदि चढ़ा रहे हैं।

लखनऊ में महाशिवरात्रि की 3 तस्वीरें…

मनकामेश्वर मंदिर में रात 12 बजे विशेष भस्म आरती हुई।
मनकामेश्वर मंदिर में रात 12 बजे विशेष भस्म आरती हुई।
मनकामेश्वर मंदिर में रात 12 बजे विशेष भस्म आरती हुई।
मनकामेश्वर मंदिर में रात 12 बजे विशेष भस्म आरती हुई।
लखनऊ के शिवालयों में रात से ही भक्तों की लंबी कतारें लगीं।
लखनऊ के शिवालयों में रात से ही भक्तों की लंबी कतारें लगीं।
लखनऊ में सुबह होते-होते शिवालयों में भक्तों की भीड़ बढ़ गई। शिवालयों के बाहर भक्तों की कतारें लग गईं। पुलिस बल भीड़ को नियंत्रित करने में लगी रही।
लखनऊ में सुबह होते-होते शिवालयों में भक्तों की भीड़ बढ़ गई। शिवालयों के बाहर भक्तों की कतारें लग गईं। पुलिस बल भीड़ को नियंत्रित करने में लगी रही।

तुम मर जाओ… बस एक मैसेज पर छात्र ने उठा लिया खौफनाक कदम, वैलेंटाइन डे पर दे दी जान

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प्रयागराज: वैलेंटाइन डे के दिन जहां प्रेमी प्रेमिका एक दूसरे से प्यार का इजहार कर रहे हैं। वहीं संगम नगरी प्रयागराज में आठ माह पहले शुरू हुई प्रेम कहानी का वैलेंटाइन डे के दिन दर्दनाक अंत हो गया। जिले में  जॉर्जटाउन थाना क्षेत्र स्थित टैगोर टाउन में वैलेंटाइन डे के दिन 17 वर्षीय इंटर छात्र आशुतोष प्रताप गिरी उर्फ अमन की कथित आत्महत्या से इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और कमरे से एक नोट बरामद किया गया। नोट में कथित तौर पर प्रेम संबंध से जुड़ा संदेश लिखा मिला है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नोट की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। अमन एनडीए की तैयारी कर रहा था और हॉकी खिलाड़ी भी बताया जा रहा है। परिवार के मुताबिक, कोचिंग के दौरान उसकी पहचान प्रतापगढ़ की एक युवती से हुई थी, जो पास के गर्ल्स हॉस्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। दोनों के बीच करीब आठ महीने से संबंध थे।

परिजनों का आरोप है कि हाल के दिनों में दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था। परिवार ने यह भी दावा किया कि कुछ दिन पहले युवक के साथ मारपीट की गई थी और उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया था। इस संबंध में पूर्व में शिकायत भी की गई थी। परिवार ने युवती और उसके साथियों पर मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कॉल डिटेल, बरामद नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

 

Mahashivratri 2026 Rudrabhishek Muhurat: महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक का सबसे शुभ समय, अभी जान लें

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Mahashivratri Rudrabhishek 2026: हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में शामिल महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी 2026, रविवार को मनाई जाएगी। इस पावन दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का अत्यंत महत्व माना जाता है। देशभर में लाखों श्रद्धालु इस दिन घर या मंदिर में विधि-विधान से रुद्राभिषेक कराते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि वही तिथि है जब भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। वहीं, कुछ पौराणिक कथाओं में माना जाता है कि इसी दिन भगवान शिव शिवलिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे। इस कारण महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

ऐसे में यदि आप भी महाशिवरात्रि 2026 पर रुद्राभिषेक कराने की योजना बना रहे हैं, तो पहले इसका शुभ मुहूर्त, पूजा समय और विधि अवश्य जान लें।

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महाशिवरात्रि 2026 पर रुद्राभिषेक का शुभ मुहूर्त (Maha Shivratri Rudrabhishek Shubh Muhurat 2026)
महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक कराने का शुभ समय 15 फरवरी 2026 की शाम 05:04 बजे से लेकर 16 फरवरी 2026 की सुबह 06:59 बजे तक रहेगा। इस दौरान रात्रि के चारों प्रहरों में शिव पूजन और रुद्राभिषेक करना विशेष फलदायी माना गया है।

महाशिवरात्रि चार प्रहर पूजा मुहूर्त 2026 (Maha Shivratri Chaar Prahar Puja Muhurat 2026)
प्रथम प्रहर:
 शाम 06:11 बजे से रात 09:23 बजे तक
द्वितीय प्रहर: रात 09:23 बजे से 12:35 बजे तक (16 फरवरी)
तृतीय प्रहर: रात 12:35 बजे से सुबह 03:47 बजे तक (16 फरवरी)
चतुर्थ प्रहर: सुबह 03:47 बजे से 06:59 बजे तक (16 फरवरी)

रुद्राभिषेक पूजा सामग्री (Rudrabhishek Puja Samagri List)
शुद्ध जल, दूध, दही, घी, शहद, गन्ने का रस, गुलाबजल, श्रृंगी, बिल्वपत्र, धूप, दीपक, बत्ती, अगरबत्ती, कपूर, नारियल, पान, सुपारी, मौली, भांग, धतूरा, शमी पत्र, चंदन, फल, मेवा, मिठाई और रुद्राभिषेक के लिए पात्र।

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रुद्राभिषेक की विधि (Rudrabhishek Vidhi In Hindi)
सबसे पहले सभी पूजा सामग्री को पवित्र करें।
हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर मनोकामना का संकल्प लें।
पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के पूजन से करें।
इसके बाद भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय और नंदी की पूजा करें।
श्रृंगी या लोटे से शिवलिंग का अभिषेक करें।
अभिषेक के दौरान दूध, दही, घी, शहद, गन्ने के रस या शुद्ध जल का प्रयोग करें।
लगातार ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहें।
अभिषेक के बाद शिवलिंग को पोंछकर चंदन का तिलक करें।
बेलपत्र, धतूरा, भांग, फूल अर्पित करें और शिवलिंग का श्रृंगार करें।
कपूर से भगवान शिव की आरती करें और कर्पूरगौरं मंत्र का पाठ करें।
अंत में क्षमा प्रार्थना करें और फल-मिष्ठान्न का भोग लगाकर प्रसाद वितरित करें।
यह जानकारी पंचांग व धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत पूजा के लिए विद्वान पंडित से परामर्श अवश्य लें।

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