Thursday, February 12, 2026
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POK में लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ बगावत! आतंकी कमांडर को गांव वालों ने जूतों से पीटकर भगाया

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Peshawar: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में अब लश्कर-ए-तैयबा जैसे खूंखार आतंकी संगठनों के खिलाफ लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। PoK के कूइयां गांव में स्थानीय लोगों ने आतंकवादियों के खिलाफ ऐसा विद्रोह किया कि कुख्यात आतंकी कमांडर रिजवान हनीफ  को जूतों से पीटकर भागना पड़ा।सूत्रों के मुताबिक रिजवान हनीफ जम्मू-कश्मीर यूनाइटेड मुजाहिदीन (JKUM)  का कमांडर है, जो लश्कर-ए-तैयबा की सहयोगी शाखा के तौर पर काम करता है। उसका मकसद गांव के बच्चों को कट्टरपंथी बना कर आतंकवाद की ट्रेनिंग दिलाना था। लेकिन इस बार ग्रामीणों ने उसका घेराव कर लिया। पहले तो उससे तीखे सवाल-जवाब किए और फिर देखते ही देखते लोग टूट पड़े और जमकर जूतों-चप्पलों से पिटाई हुई और आखिरकार हनीफ को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा।

 

आतंकियों को चेतावनी 
जानकारी के मुताबिक गांव के बुजुर्ग और युवा अब आतंकियों के खिलाफ ‘जिरगा’ (पंचायत) बुलाने की तैयारी कर रहे हैं। इस पंचायत में तय होगा कि कोई भी गांववासी आतंकियों का साथ नहीं देगा और गांव में किसी भी आतंकी गतिविधि पर पाबंदी लगाई जाएगी।

भारत के कड़े एक्शन के बाद बढ़ा डर 
लोगों का गुस्सा बताता है कि अब POK के आम लोगों को समझ आ गया है कि आतंकवाद का साथ देने पर अंजाम क्या हो सकता है। भारत ने पहले ही साफ कर दिया है कि चाहे आतंकी पाकिस्तान में कहीं भी छुपे हों-अब कोई सुरक्षित नहीं। हाल ही में पाकिस्तान के पंजाब में मुरीदके और बहावलपुर जैसे आतंकी ठिकानों पर भारतीय हमलों ने यही संदेश दिया है।

POK में बढ़ रही बगावत की चिंगारी 
यह पहली घटना नहीं है। हाल के महीनों में PoK के कई हिस्सों में लोग आतंकवाद के खिलाफ खुलकर बोलने लगे हैं। अब वहां के लोग शिक्षा, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए आवाज़ उठा रहे हैं और आतंकियों को गांव से बाहर निकालने के लिए एकजुट हो रहे हैं।

New FASTag pass: अब टोल देने की झंझट खत्म! NHAI का नया FASTag पास 15 अगस्त से होगा चालू

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नेशनल डेस्क:  नेशनल हाईवे पर बार-बार टोल देने से परेशान हैं? तो अब राहत की खबर है। 15 अगस्त 2025 से NHAI एक नया FASTag वार्षिक पास लॉन्च कर रहा है, जिसकी कीमत सिर्फ ₹3,000 होगी। इस पास के जरिए आप पूरे साल या 200 बार टोल फ्री सफर कर सकेंगे—वो भी बिना हर बार भुगतान किए। अब हाईवे से अप-डाउन करने वालों का सफर होगा तेज, सस्ता और झंझट मुक्त।

क्या है नया सिस्टम?
NHAI अब एक FASTag Annual Pass लेकर आया है, जो खासतौर पर निजी वाहनों—जैसे कार, जीप और वैन—के लिए है। इस पास की कीमत ₹3,000 रखी गई है और इसकी वैधता दो में से किसी एक शर्त पर आधारित होगी:

एक साल की अवधि
-200 टोल ट्रिप (जो भी पहले पूरी हो जाए) मतलब अब आप साल भर नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सिर्फ एक बार ₹3,000 देकर 200 बार टोल फ्री सफर कर सकते हैं।

किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?

  1. रोज़ाना ऑफिस या काम के सिलसिले में हाइवे से यात्रा करने वाले लोग
  2. छोटे शहरों से मेट्रो सिटी तक डेली अप-डाउन करने वाले
  3. कैब सर्विस, टूर ऑपरेटर और अन्य ट्रैवल बिज़नेस से जुड़े लोग
  4. निजी वाहन से फ्रीक्वेंट ट्रैवल करने वाले फैमिली या प्रोफेशनल्स

कहां मिलेगा फायदा और कहां नहीं?
यह पास सिर्फ केंद्र सरकार द्वारा संचालित नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर मान्य होगा।
राज्य हाइवे, म्यूनिसिपल बॉडी रोड्स या स्टेट टोल रोड्स पर इसका लाभ नहीं मिलेगा।

एक्टिवेशन कैसे करें?

  1. RajmargYatra मोबाइल ऐप या NHAI की वेबसाइट पर जाएं
  2. अपना FASTag अकाउंट लॉगिन करें (मोबाइल नंबर, वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर और FASTag ID से)
  3. वाहन और FASTag की वेरिफिकेशन के बाद ₹3,000 का भुगतान करें (UPI, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग विकल्प उपलब्ध)
  4. पेमेंट सफल होते ही 2 घंटे में पास एक्टिवेट हो जाएगा
  5. आपको SMS और ईमेल से पुष्टि भी भेजी जाएगी

 शर्तें भी जान लीजिए

  • यह पास सिर्फ उसी वाहन के लिए वैध होगा, जिस पर FASTag लगा है
  • पास नॉन-ट्रांसफरेबल होगा—यानी किसी अन्य वाहन पर इसे इस्तेमाल नहीं कर सकते
  • 200 ट्रिप के बाद या एक साल की मियाद पूरी होने पर FASTag सामान्य मोड में आ जाएगा
  • आप चाहें तो अगली बार फिर से ₹3,000 देकर नया पास एक्टिवेट कर सकते हैं

‘ऑपरेशन सिंदूर में चोट कराची को लगी’, मुख्तार अब्बास नकवी बोले- चीख कांग्रेस की निकली

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नेशनल डेस्क: पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को मुख्य विपक्षी दल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ‘चोट कराची को लगना,चीख कांग्रेस की निकलना’ इस बात का प्रमाण है कि कुछ लोगों का राजनीतिक स्वार्थ और उनकी सियासत, राष्ट्रीय सुरक्षा पर हावी है।

नकवी के कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की दिल्ली इकाई की ओर से आयोजित ‘कलाम को सलाम’ सम्मेलन में उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर विपक्ष का रवैया अफसोसनाक है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘चोट कराची को-चीख कांग्रेस की निकलना, इस बात का प्रमाण है कि कुछ लोगों का राजनीतिक स्वार्थ और सियासत, राष्ट्रीय सुरक्षा सरोकार पर हावी है।”

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम पर सवाल पहली बार नहीं उठा है, कारगिल विजय पर भी कांग्रेस पाकिस्तान के साथ सवाल-सुबूत की जुगलबंदी करके जीत के रंग में भ्रम का भंग घोलने का पाप कर चुकी है।

नकवी ने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी और भारत ने एपीजे अब्दुल कलाम साहब को ऐसे वक्त में राष्ट्रपति बनाया था, जब पूरे विश्व में अल-कायदा के आतंक और इस्लाम को सुरक्षाकवच बना कर इंसानियत को लहूलुहान करने का शैतानी दौर चल रहा था। भारत ने दुनियाभर को संदेश दिया कि भारत में कलाम साहब जैसे राष्ट्रवादी जन्म लेते हैं, बिन लादेन जैस आतंकवादी नहीं।”

500 Rupees Note Ban: सितंबर 2025 से ₹500 के नोट हो जाएंगे बंद, ATM से भी नहीं निकलेंगे नोट? सामने आई RBI की सच्चाई

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नेशनल डेस्क: हाल ही में WhatsApp और सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने आम जनता के बीच भ्रम और घबराहट फैला दी है। इस मैसेज में दावा किया गया है कि आरबीआई ने बैंकों से सितंबर 2025 तक एटीएम से 500 रुपये के नोट निकालना बंद करने को कहा है और सभी बैंकों को एटीएम से इन्हें धीरे-धीरे हटाने के निर्देश दे दिए गए हैं। यही नहीं, इसमें यह सलाह भी दी गई है कि लोग अभी से अपने पास मौजूद ₹500 के नोट खर्च कर दें या बदल लें, क्योंकि बाद में ये अमान्य हो जाएंगे। आईए जानते इस मैसेज की हकीकत?

वायरल मैसेज का पर्दाफाश
भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक यूनिट PIB Fact Check ने इस वायरल दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। PIB ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साफ किया कि RBI ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है, और ₹500 के नोट पूरी तरह वैध और चलन में हैं।

PIB ने लोगों से अपील की है कि ऐसी अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता जांच लें, खासकर जब मामला पैसों या सरकारी नीति से जुड़ा हो।

  तो अफवाह की जड़ क्या है?
जानकारों का मानना है कि इस अफवाह की शुरुआत RBI के एक पुराने सर्कुलर से हुई, जिसमें अप्रैल 2025 में बैंकों और व्हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटर्स को छोटे नोटों (₹100 और ₹200) की उपलब्धता बढ़ाने का सुझाव दिया गया था। इस सर्कुलर का मकसद यह था कि ग्राहकों को एटीएम से छोटे नोट भी आसानी से मिल सकें। हालांकि, कुछ लोगों ने इस सर्कुलर को गलत संदर्भ में पेश कर दिया और यह अफवाह फैल गई कि ₹500 के नोट बंद किए जा रहे हैं-जबकि सच्चाई यह नहीं है।

  क्या भविष्य में ₹500 का नोट बंद हो सकता है?
फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि आरबीआई ₹500 का नोट बंद करने की योजना बना रहा है। अगर भविष्य में कभी कोई ऐसा बड़ा कदम उठाया भी जाएगा, तो सरकार इसकी आधिकारिक घोषणा करेगी-जैसे पहले नोटबंदी के समय किया गया था। जब तक कोई पुष्टि नहीं होती, तब तक ₹500 का नोट पूरी तरह सुरक्षित और वैध है। आप इसका इस्तेमाल निश्चिंत होकर कर सकते हैं।

 

अमरनाथ यात्रा 3 अगस्त से स्थगित, अब तक 4.1 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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नेशनल डेस्क: प्रशासन ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा को इसके तय समापन से एक सप्ताह पहले स्थगित कर दिया है। हाल ही में हुई वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त मार्गों के रखरखाव की जरूरत के कारण यह निर्णय लिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। इस वर्ष तीन जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा का रक्षाबंधन के दिन नौ अगस्त को समापन होना है। हालांकि अधिकारियों ने भारी बारिश के मद्देनजर “महत्वपूर्ण मरम्मत और रखरखाव कार्यों” का हवाला देते हुए इसकी अवधि एक सप्ताह घटाने का फैसला किया।

कश्मीर के संभागीय आयुक्त विजय कुमार बिधूड़ी ने यहां बताया, “हाल ही में हुई भारी बारिश और श्री अमरनाथजी यात्रा मार्ग के बालटाल और पहलगाम दोनों छोरों पर मार्ग के रखरखाव की आवश्यकता के कारण दोनों मार्गों पर यात्रा बंद कर दी गई है।”

उन्होंने कहा, “यह देखा गया कि मार्ग पर लगातार श्रमिकों और मशीनरी की तैनाती के कारण हम यात्रा को कल से पुनः आरंभ नहीं कर पाएंगे। इसलिए तीन अगस्त से यात्रा दोनों मार्गों से स्थगित रहेगी।” बिधूड़ी ने बताया कि इस वर्ष 410,000 से अधिक यात्रियों ने पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन किये हैं। इसकी तुलना में पिछले वर्ष 510,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किया था।

Railway News: स्लीपर और 3AC में इनको मिल सकती है भारी राहत! संसद में रेल मंत्री का बड़ा खुलासा

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नेशनल डेस्क: रेल यात्रा करने वाले बुजुर्गों के लिए राहत भरी खबर की उम्मीद एक बार फिर जग गई है। संसद के मानसून सत्र में जब सांसदों ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेल किराए में छूट की बहाली का मुद्दा उठाया, तो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ किया कि रेलवे की स्थायी समिति ने स्लीपर और थर्ड एसी क्लास में रियायत देने की सिफारिश की है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे हर यात्री को पहले से औसतन 45% सब्सिडी दे रहा है, लेकिन बुजुर्गों के लिए अलग से छूट की संभावनाएं पूरी तरह बंद नहीं हैं। तो क्या फिर से शुरू हो सकती है वह पुरानी राहत? आइए जानते हैं मंत्री ने क्या कहा…

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय रेलवे पहले से ही सभी यात्रियों को भारी सब्सिडी दे रहा है। उन्होंने बताया कि साल 2023-24 में रेलवे ने कुल 60,466 करोड़ रुपये की सब्सिडी यात्रियों को दी है, जो औसतन देखा जाए तो हर यात्री को टिकट पर करीब 45% तक की रियायत मिल रही है। अश्विनी वैष्णव के अनुसार, “अगर यात्रा की वास्तविक लागत 100 रुपये है, तो यात्री उससे केवल 55 रुपये चुका रहे हैं।”

किन्हें अब भी मिल रही है छूट?
रेल मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिकों के अलावा अब भी कई श्रेणियों में विशेष छूट जारी है। इनमें शामिल हैं:
-दिव्यांगजन
-गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज
-छात्र वर्ग के विभिन्न उप-समूह

कोविड के बाद बंद हुई थी सुविधा
गौरतलब है कि कोविड महामारी के पहले तक वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन टिकट में विशेष छूट मिलती थी।
-पुरुष यात्रियों को 60 वर्ष की उम्र के बाद 40% की छूट
-महिलाओं को 58 वर्ष की उम्र के बाद 50% की छूट
लेकिन 20 मार्च 2020 के बाद यह सुविधा स्थगित कर दी गई, और अब तक दोबारा शुरू नहीं हुई है।

सांसदों ने फिर उठाई मांग
सदन में कई सांसदों ने यह मुद्दा दोहराया और मांग की कि वरिष्ठ नागरिकों को फिर से किराया छूट दी जाए, कम से कम स्लीपर और 3AC में। सरकार ने इस पर कहा कि प्रस्ताव पर विचार चल रहा है और रेलवे की समिति इसकी समीक्षा कर चुकी है।

मां के साथ बलात्कार, बेटी को वीडियो कॉल पर अश्लील हरकतों के लिए मजबूर करने वाले… उम्रकैद की सजा पाए प्रज्वल रेवन्ना के कुकर्मों की पूरी कहानी

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नेशनल डेस्क : कर्नाटक की राजनीति में हलचल मचाने वाले सेक्स स्कैंडल मामले में शनिवार को अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। जनता दल (सेक्युलर) के नेता और हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को यौन शोषण, बलात्कार, धमकी और डिजिटल अपराधों के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा, अदालत ने उन पर 11 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जो पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा।

साड़ी और वीडियो बने मामले के निर्णायक सबूत
इस मामले में एक साधारण साड़ी सबसे महत्वपूर्ण सबूत बनी। पीड़िता ने अदालत को बताया कि जब प्रज्वल रेवन्ना ने उसके साथ बलात्कार किया, तब वह यही साड़ी पहने हुई थी। उसने इस साड़ी को सुरक्षित रख लिया, जिस पर फोरेंसिक जांच में स्पर्म के निशान पाए गए। इसके अलावा, पीड़िता ने वारदात का एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें प्रज्वल का चेहरा साफ दिख रहा था। ये सबूत मामले में निर्णायक साबित हुए।

पीड़िता ने बताया कि साल 2020 और 2021 के बीच प्रज्वल रेवन्ना लगातार उसे वीडियो कॉल पर अश्लील हरकतें करने के लिए मजबूर करता था। जब उसने मना किया, तो उसने उसकी मां को धमकी देते हुए कहा कि अगर उसने सहयोग नहीं किया, तो वह उसके पिता की नौकरी छीन लेगा और उसके साथ बलात्कार करने से भी नहीं हिचकेगा।

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पीड़िता की मां और अन्य महिलाओं के साथ यौन शोषण
मामला सामने आने के बाद पीड़िता ने खुलासा किया कि प्रज्वल और उसके पिता एचडी रेवन्ना ने न सिर्फ उसकी मां के साथ बलात्कार किया, बल्कि उनके घर में काम करने वाली अन्य महिलाओं का भी यौन शोषण किया। पीड़िता की मां ने बताया कि एचडी रेवन्ना अक्सर महिलाओं को स्टोर रूम में बुलाकर उनके साथ अश्लील हरकतें करता था।

परिवार पर हुए अत्याचार: नौकरी छिनी, जमीन बेचनी पड़ी
पीड़िता ने बताया कि दो साल तक चले इस उत्पीड़न ने उसके परिवार को तबाह कर दिया। उसके पिता की नौकरी छिन गई, जमीन बेचनी पड़ी और परिवार को गंभीर मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उसकी मां महीनों तक घर से दूर रहीं और केवल आधी रात को ही फोन कर पाती थीं।

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“हमें डराया गया, लेकिन अब न्याय मिला”
अदालत में पीड़िता ने कहा, “हम डर के मारे सच नहीं बता पा रहे थे, लेकिन जब मां ने रेप का वीडियो देखा, तो उन्होंने पुलिस को सब कुछ बताया। आज अदालत के फैसले ने हमें विश्वास दिलाया कि न्याय जिंदा है। अगर हमें कुछ होता है, तो जिम्मेदार प्रज्वल रेवन्ना और उसका परिवार होगा।”

Auraiya News: दुकानदार की हत्या व लूट में नौकर को उम्रकैद

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औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक द्वितीय विनय प्रकाश सिंह ने बुधवार को युवती की हत्या के दोषी चंद्र प्रकाश को उम्रकैद की सजा सुनाई है।मामला अजीतमल के गांव खुशालपुर का है। कोर्ट ने दोषी पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। युवती से एकतरफा प्यार व शादी से इन्कार करने पर उसकी हत्या की गई थी।
कोर्ट में बताया कि घटना 18 फरवरी 2018 की है। अजीतमल के एक गांव निवासी वादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 17 फरवरी 2018 को गांव निवासी युवक की बेटी की शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इसमें उसकी बेटी भी शामिल हुई थी।

बेटी कार्यक्रम में रुक गई थी, लेकिन जब वह देर रात घर नहीं पहुंची तो परिजन कार्यक्रम में पहुंचे। वहां पता चला कि रात 11 बजे उसे अंतिम बार गांव निवासी चंद्र प्रकाश से बात करते देखा गया।

मामले में दूसरे दिन उसकी बेटी का खून से सना शव एक खेत में मिला था। कोतवाली में चंद्र प्रकाश पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विवेचना व गवाही में यह स्पष्ट हुआ कि चंद्र प्रकाश वादी की बेटी से एकतरफा प्यार करता था। साथ ही बेटी पर शादी करने का दबाव बना रह था, लेकिन बेटी ने शादी से इन्कार कर दिया था।

जब युवती की शादी दूसरे युवक तय हो गई तो इससे नाराज चंद्र प्रकाश ने तार से गला घोंटकर युवती की हत्या कर दी। उधर, कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने खुद को गरीब बताते रहम की बात कही।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक द्वितीय ने दोषी को उम्र कैद की सजा सुनाई। लगाए गए अर्थदंड को अदा न करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को इटावा जेल भेज दिया गया।

Auraiya News: दुकानदार की हत्या व लूट में नौकर को उम्रकैद

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औरैया। शहर के रोडवेज बस स्टैंड के पास स्थित एक आयरन स्टोर की दुकान पर नौकरी करने वाले नीरज उर्फ अजय निवासी सराय बिहारी फफूंद ने सूने मकान का फायदा उठाकर वृद्ध दुकान मालिक की हत्या कर तिजोरी साफ कर दी थी। गुरुवार को इस मामले की विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र सैफ अहमद ने दोषी हत्यारे व लुटेरे नौकर नीरज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 85 हजार का अर्थदंड पर लगाया गया।घटना छह वर्ष पुरानी है। वादी मयंक पुरवार ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट लिखवाई कि उसकी यमुना रोड पर जिला सहकारी बैंक के सामने आयरन की दुकान है। उस दुकान पर वादी के पिता सुभाष चंद्र पुरवार निवासी बदनपुर बैठते हैं। 16 जून 2019 की शाम वह बाहर गया था। घर पर सुभाष पुरवार अकेले थे। नौकर नीरज दुकान पर काम व घर की देखरेख करता था।

वह हरलालधाम के पीछे किराये पर रहता था। उसे देखभाल की जिम्मेदारी सौंपकर वादी गुरूग्राम गया था। 18 जून 2019 की सुबह चार बजे मयंक परिजनों के साथ घर पहुंचा। शटर व दरवाजा खुला था। पहली मंजिल पर जाकर देखा तो पिता सुभाषचंद्र फर्श पर खून से लथपथ पड़े थे। अंदर सामान बिखरा पड़ा था। उनके कमरे में रखी अलमारी खुली पड़ी थी। दो अलमारियों में रखे 3.50 लाख रुपये पार थे।

मयंक ने नौकर नीरज उर्फ अजय पर लूट व हत्या करने का शक जताते हुए रिपोर्ट कराई। पुलिस ने विवेचना कर नीरज को गिरफ्तार किया व उसके पास से लूटे रुपये भी बरामद किये। आरोप पत्र के बाद यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में चला।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश सैफ अहमद ने नौकर नीरज उर्फ अजय को दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कहा कि अर्थदंड अदा न करने पर से अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने जमा कराई गई अर्थदंड की 75 प्रतिशत धनराशि मृतक के विधिक वारिसान को दिए जाने का आदेश दिया। दोषी नीरज को सजा सुनाने के बाद इटावा जेल भेज दिया गया।

Auraiya News: पत्नी के साथ मारपीट में पांच पर रिपोर्ट

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औरैया। शादी के दो दिन बाद ससुरालीजन महिला से बाइक व दो तोला सोने की मांग करने लगे। चौथी से पहले ही उसके साथ मारपीट की। काफी समझाने के बाद भी आरोपी नहीं माने। कोतवाली पुलिस ने पति समेत पांच पर रिपोर्ट दर्ज की है।अजीतमल के गांव गोपालपुर निवासी वंदना उर्फ प्रिया की शादी एक फरवरी 2024 को सदर कोतवाली के गांव जैतापुर निवासी आकाश तिवारी के साथ हुई थी। शादी में दहेज कम मिलने के कारण ससुरालीजन संतुष्ट नहीं थे। शादी के बाद विदा से पहले पति ने पत्नी के साथ जानवर की तरह व्यवहार किया।पति आकाश तिवारी, ससुर अरविंद तिवारी, सास मधुबाला, देवर आयुष तिवारी, ननद अंजली उर्फ मोहिनी वर्तमान में ऊंची सडक, सोदा रोड देवनगर गली नंबर-दो एएमएम पब्लिक काॅन्वेंट स्कूल के सामने मोदीनगर, जिला गाजियाबाद रहते हैं। आरोपी ने कहा कि शादी में दो तोला सोना व बाइक नहीं दी गई।

शादी से करीब पांच दिन बाद माता-पिता, भाई से बाइक व दो तोला सोने की मांग कर दी। 29 अप्रैल 2024 को ससुरालीजन व आकाश के चाचा उसको लेने मायके पहुंचे। उन्होंने 10 दिन में मांग पूरी कर देने की बात कही। 10 दिन बाद उसके साथ आरोपी मारपीट करते और देवर आयुष वीडियो बनाता था।

तीन मई 2024 को मौका मिलते ही वंदना ने मायके पक्ष को फोन पर घटना की जानकारी दी। दूसरे दिन मायके पक्ष के लोग पहुंचे और समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने और उसे घर से निकाल दिया। घटना के बाद महिला अवसाद में चली गई। उसका मध्य प्रदेश से इलाज चल रहा है। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।