Saturday, February 14, 2026
Home Blog Page 262

अजीतमल रुपयों के लेनदेन में वीडियो वायरल, दो आरक्षी निलंबित

0

अजीतमल (औरैया)। अयाना क्षेत्र में तैनात पीआरवी कर्मियों का रुपयों के लेनदेन को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।मामले में एसपी ने दो आरक्षियों चंद्रसेन व संजय सिंह को निलंबित कर दिया। जबकि चालक होमगार्ड ब्रजेश पर कार्रवाई के लिए विभाग को जानकारी दी गई है। हालांकि इस वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है।
थाना अयाना में तैनात पीआरवी 5367 के पुलिस कर्मी का मंगलवार को 27 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह वीडियो मुरादगंज हाईवे के सर्विस रोड का बताया जा रहा है। वीडियो में ट्रैक्टर चालक सड़क पर खड़े पुलिस कर्मी के वाहन को देखकर रुकता है। लकड़ी लेकर जा रहा चालक नीचे उतरकर पीआरवी कर्मी को कुछ देकर चला जाता है।वहीं, सामने से आ रही एक कार में बैठे कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर रुपये के लेनदेन की बात कहकर इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। मामले का एसपी अभिजीत आर शंकर ने संज्ञान लिया

। सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में रुपये लेनदेन की बात की पुष्टि होने पर गाड़ी में तैनात आरक्षी चंद्रसेन व संजय सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के निर्देश दिए। वहीं पीआरवी चालक होमगार्ड ब्रजेश पर कार्रवाई के लिए कमांडेंट को जानकारी दी गई है।

Auraiya News: गला कसने से महिला की मौत

0

औरैया। गुरुग्राम में हुई महिला की मौत के मामले में बुधवार को पोस्टमार्टम डॉक्टर के पैनल से कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला कसने से मौत की पुष्टि हुई है।जनपद इटावा थाना लवेदी के गांव हिम्मतपुर हाकिम सिंह ने अपनी बहन प्रीति (35) की 12 साल पहले सदर कोतवाली के गांव बखरिया निवासी कपिल के साथ शादी की थी। 18 अगस्त की रात उसकी गुरुग्राम में मौत हो गई थी।

भाई हाकिम ने मारपीट कर हत्या का आरोप लगाया था। जबकि पति कपिल ने हार्ट अटैक से मौत होना बताया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल व वीडियोग्राफी से कराया।

कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग आया है। शव परिजन के सुपुर्द कर दिया गया। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी

Auraiya News: 40 खाद्य कारोबारियों पर 8.57 लाख का जुर्माना

0

औरैया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से अप्रैल से जुलाई के बीच अलग-अलग जगहों से लिए गए खाद्य के नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें 39 नमूनों की जांच रिपोर्ट मानक के विपरीत निकली।एडीएम कोर्ट में दायर वाद के निस्तारण में 40 खाद्य कारोबारियों पर 8.57 लाख का जुर्माना लगाया गया। विभाग के अनुसार अप्रैल से जुलाई के बीच चार माह में विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्री के 83 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे।अगस्त में 74 नमूनों की जांच रिपोर्ट आई, 74 में 39 नमूने मानक के विपरीत निकले। जिसके बाद संबंधित व्यापारी को नोटिस जारी की गई। बाद में एडीएम कोर्ट में वाद चलाया गया। अगस्त में 56 वादों में 40 का निस्तारण किया गया। कोर्ट में दायर 56 वादों में कुछ अप्रैल से पहले के भी हैं।

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अंबा दत्त पांडेय ने बताया कि खोवा के आठ वादों में छह का निस्तारण कर कारोबारियों पर 1.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। दूध के सात वादों में पांच का निस्तारण हुआ और 1.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

इसी तरह मिठाई के चार में तीन का निस्तारण कर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अन्य खाद्य सामग्री के वाद कोर्ट में हैं। जिनका जल्द निस्तारण हो जाएगा। वहीं लिए गए 83 नमूनों में अभी 74 की जांच रिपोर्ट आई है। बाकी नमूनों की जांच प्रयोगशाला में हो रही है।

Auraiya News: छह साल से 200 एकड़ जमीन पर भरा है पानी, बोआई नहीं कर पा रहे पांच सौ किसान

0

औरैया। दिबियापुर से सटे गांव घेरा, कैंझरी व जमुहां के 500 परिवार छह सालों से 200 एकड़ जमीन पर फसल नहीं उगा पा रहे। कभी यह जमीन खूब उपजाऊ थी।यहां के काश्तकारों की गेहूं व धान की फसलें लहलहाती थी, लेकिन अब यहां साल के आठ महीने जलभराव ही रहता है। नाले पर कब्जे और सफाई न होने से समस्या चली आ रही है। दिबियापुर कस्बे से घेरा, जमुहां व कैंझरी गांव सटे हुए हैं। ये गांव पांच किमी. के दायरे में है। काफी कुछ हिस्सा दिबियापुर कस्बे को छूता है।
यहां के किसानों के मुताबिक साल 2019 से पहले इन गांवों का पानी मैनपूठ नाले से होकर दिबियापुर कस्बे से होता हुआ सेंगर नदी में जाता था, लेकिन इस नाले पर अवैध कब्जे व सफाई न होने की वजह से जलनिकासी अवरुद्ध है।ऐसे में 200 एकड़ जमीन साल के आठ माह जलमग्न रहती है। दिबियापुर कस्बे से सटे हुए कई हिस्से इस जलभराव की चपेट में रहते हैं। जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारियों से इसे लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन छह सालों से ये समस्या बरकरार है।किसानों का आरोप है कि सफाई कराने के नाम पर कोरम पूरा किया जाता है। जलनिकासी न के बराबर हो पाती है, लेकिन समस्या दूर नहीं कराई जा सकी है। इससे किसान परेशान हो रहे हैं।

UP News: ‘वोट चोरी करके जीते पीएम मोदी…’ अजय राय बोले- कौशल राज शर्मा ने कराई वोट चोरी; इनाम में मिली दिल्ली

0

राजधानी लखनऊ में गुरुवार को मॉल एवेन्यू स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने प्रेस वार्ता कर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से 23 अगस्त से न्याय योद्धा बनाए जाएंगे। इसके लिए कार्यशाला होगी। न्याय योद्धा विभिन्न स्थानों पर फर्जी मुकदमे में फंसाए गए लोगों की मदद करेंगे। वोट चोरी भी रोकेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद वोट चोरी करके जीते हैं। यही वजह है कि वाराणसी में सात राउंड के बाद बेवसाइट पर अपडेशन बंद किया गया था। अब दोबारा इस तरह का खेल नहीं हो पाएगा। उसके लिए पुख्ता रणनीति बनाई जा रही है। आरोप लगाया कि वाराणसी में तत्कालीन कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने वोट चोरी कराई। अब उन्हें इसका इनाम मिला है और वो दिल्ली पहुंच गए हैं।

अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर भी आंदोलन चलाया जाएगा

राय ने आगे कहा कि आगरा में वोट चोरी करने का विरोध करने पर महानगर अध्यक्ष अमित सिंह व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। इन सभी को न्याय दिलाने के लिए कार्य किया जाएगा। इसी तरह अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर भी आंदोलन चलाया जाएगा। खाद को लेकर किसान परेशान हैं। यह प्रदेश सरकार की नाकामी है। राज्यपाल को ज्ञापन भेज रहे हैं। जल्द ही पूरे प्रदेश में खाद की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष: 50 से कम बच्चों वाले स्कूलों का नहीं होगा विलय, एक किमी से दूर नहीं होंगें स्कूल

0
यूपी में परिषदीय स्कूलों के विलय पर सरकार ने बड़ा एलान किया है। अब 50 से कम बच्चों वाले स्कूलों का विलय नहीं होगा। ना ही कोई स्कूल एक किमी से दूर होगा। विलय मामले में अब हाईकोर्ट में 1 सितंबर को सुनवाई होगी।

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के विलय मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायमूर्ति की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने विशेष अपीलों पर सुनवाई की। इस दौरान राज्य सरकार ने मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ के समक्ष जवाब दाखिल किया। इसमें कहा कि सरकार 50 से कम बच्चों वाले स्कूलों का विलय या पेयरिंग नहीं करेगी। इसके साथ ही प्राथमिक स्कूलों की दूरी एक किमी से दूर नहीं होगी। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया ने बताया कि सरकार के इस निर्णय को प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई इसके तहत हो रही है। मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी।

दरअसल, बीती 24 जुलाई को हाईकोर्ट ने विलय प्रक्रिया में उजागर हुई स्पष्ट अनियमितताओं के मद्देनजर सीतापुर के स्कूलों के विलय पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यह अंतरिम आदेश देते समय अदालत ने स्कूलों के विलय या मर्जर की सरकार की नीति और इस पर अमल करने की मेरिट पर कुछ नहीं किया है। 

21 अगस्त तक मौजूदा स्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था

अदालत के सामने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए विलय के कुछ दस्तावेजों में साफ अनियमितताएं सामने आई थीं। राज्य सरकार की ओर से इनका स्पष्टीकरण देने का समय मांगा गया था। इसके मद्देनजर कोर्ट ने सीतापुर जिले में स्कूलों की विलय/ पेयरिंग प्रक्रिया पर 21 अगस्त तक मौजूदा स्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था।

पहली विशेष अपील सीतापुर के पांच बच्चों ने, और दूसरी भी वहीं के 17 बच्चों ने अपने अभिभावकों के जरिये दाखिल की है। इनमें स्कूलों के विलय में एकल पीठ द्वारा बीती 7 जुलाई को दिए गए फैसले को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया है। याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ एलपी मिश्र व अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने दलीलें दीं। जबकि, राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया ने मुख्य स्थाई अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह के साथ बहस की। 

एकल पीठ ने विलय आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था

गौरतलब है कि बीती 7 जुलाई को स्कूलों के विलय मामले में एकल पीठ ने प्रथामिक स्कूलों के विलय आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने यह फैसला सीतापुर के प्राथमिक व उच्च प्रथामिक स्कूलों में पढ़ने वाले 51 बच्चों समेत एक अन्य याचिका पर दिया था।

इनमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बीती 16 जून को जारी उस आदेश को चुनौती  देकर रद्द करने का आग्रह किया गया था। इसके तहत प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की संख्या के आधार पर उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में विलय करने का प्रावधान किया गया था।

UP: बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के फर्जी आधार बनाने के गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार, एटीएस ने दबोचा

0
यूपी एटीएस ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के फर्जी आधार कार्ड बनाने के गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एटीएस ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में छापेमारी की।
एटीएस की टीम ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के फर्जी आधार बनाने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है।एटीएस को उनके पास से फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं।

गिरफ्तार किए गए आरोपी आजमगढ़, मऊ, गाजियाबाद, औरैया और गोरखपुर के रहने वाले हैं।

बदायूं में कुत्ते के घाव चाटने से 2 साल के बच्चे की मौत, गांव में फैल गया डर! CMO ने दी ये कड़ी चेतावनी

0

Badaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक दुखद घटना सामने आई है। जहां सहसवान तहसील के सुजातगंज बेला गांव में 2 साल के मासूम अदनान की मौत हो गई। कुछ दिनों पहले एक आवारा कुत्ते ने बच्चे के खुले घाव को चाट लिया था, जिसके बाद बच्चे को रेबीज के लक्षण दिखने लगे। समय पर इलाज ना मिलने की वजह से मासूम की जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल बन गया।

मौत की वजह बनी लापरवाही
डॉक्टरों का कहना है कि अदनान के परिवार वालों को तुरंत अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज की वैक्सीन लगवानी चाहिए थी, लेकिन वे इस मामले में लापरवाही बरत गए। सीएमओ बदायूं डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि सही समय पर वैक्सीन ना लगवाने की वजह से यह दर्दनाक घटना हुई। उन्होंने सभी से अपील की है कि इस तरह की किसी भी घटना को हल्के में ना लें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

रेबीज क्या है और कैसे बचाव करें?
सीएमओ डॉ. मिश्रा ने बताया कि रेबीज एक खतरनाक वायरस है जो कुत्ते, बिल्ली, लोमड़ी, बंदर जैसे जानवरों के काटने या घाव को चाटने से फैलता है। अगर किसी व्यक्ति के घाव पर संक्रमित जानवर की लार लग जाए, तो वह इस बीमारी से संक्रमित हो सकता है। उन्होंने कहा कि रेबीज से बचाव के लिए समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना बहुत जरूरी है। बदायूं जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से कहा कि किसी भी संदेह या समस्या पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें और वैक्सीन जरूर लगवाएं।

गांव में दहशत, कई लोगों को लगे इंजेक्शन
अदनान की मौत की खबर फैलते ही उसके परिवार के साथ-साथ गांव के लगभग 20 लोग एहतियातन रेबीज का टीका लगवाने अस्पताल पहुंचे। सीएमओ ने फिर दोहराया कि इलाज से बेहतर बचाव है और कोई भी लापरवाही जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

पहले भारत को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने…जो कुछ बचा वो कांग्रेस और सपा ने तबाह किया: सीएम योगी

0

एटा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने सत्ता के लिए सबका साथ लिया मगर विकास सिर्फ अपने अपने परिवारों का किया है। उन्होंने कहा, पहले भारत को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने तबाह किया और जो कुछ बचा रह गया, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने तबाही का नया मंजर पैदा कर देश के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया। आज डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है।

‘कांग्रेस या सपा की नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही’
सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस हो या सपा, इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही। इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिर्फ अपने परिवार का किया। इनके समय में न व्यापारी सुरक्षित था, न बेटी सुरक्षित थी। यही वजह रही कि देश और प्रदेश पिछड़ते चले गए। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार और डबल इंजन की यूपी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के मंत्र से देश और प्रदेश को नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि 8-9 साल पहले एटा की पहचान अपराध और माफिया के गढ़ के रूप में थी। गरीबों की जमीन पर कब्जा होता था, उनकी सुनवाई नहीं होती थी। जब नागरिक की संपत्ति ही सुरक्षित न हो, तब सरकार उसके कल्याण के लिए क्या करेगी। यही स्थिति तब थी। लेकिन आज एटा बेहतरीन कानून व्यवस्था और निवेश की नई पहचान बना है।

‘3000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार के स्तर पर जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट से 1500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और उसके बगल में सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया है। इससे 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 3000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से सिर्फ सीधे रोजगार ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, व्यापार और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल से जुड़े हजारों लोगों को भी काम का अवसर मिला है। यही है आत्मनिर्भर भारत की नींव, यही है विकसित भारत की आधारशिला।

जमीन के लालच में हैवान बना पति, पत्नी और 3 बच्चियों को नदी में फेंका; बहराइच में दिल दहला देने वाला कांड

0

Bahraich News: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है। जहां एक युवक ने अपनी ही पत्नी और 3 मासूम बच्चियों को जिंदा नदी में फेंक कर मार डाला। वजह थी – जमीन हड़पने का लालच और हत्या के एक पुराने केस में गवाही से बचना।

क्या है पूरा मामला?
घटना थाना मोतीपुर क्षेत्र के रामईपुरवा (पकड़िया दीवान) गांव की है। जहां के रहने वाले अनिरुद्ध कुमार को पुलिस ने पत्नी और 3 बच्चियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है।

कौन-कौन थे पीड़ित?
* सुमन – अनिरुद्ध की पत्नी (पहले उसकी भाभी थी)
* अंशिका – अनिरुद्ध की बेटी
* लाडो – अनिरुद्ध की दूसरी बेटी
* नंदिनी – अनिरुद्ध के मरे हुए भाई की 12 साल की बेटी

शिकायत किसने की?
सुमन की मां रमपता देवी (निवासी: चौधरीगांव, थाना मोतीपुर) ने पुलिस में शिकायत दी थी कि उसका दामाद अनिरुद्ध उसकी बेटी और 3 नातिनों को ले गया है और अब वे लापता हैं।

आरोपी ने कबूला जुर्म
पुलिस ने जांच शुरू की और अनिरुद्ध को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने पत्नी और 3 बच्चियों को जिंदा नदी में फेंक कर मारने की बात कबूल ली।

हत्या की वजह क्या थी?
2018 में अनिरुद्ध ने अपने सगे भाई की हत्या कराई थी, ताकि उसकी जमीन पर कब्जा कर सके। हत्या के केस में भाभी सुमन (अब पत्नी) मुख्य गवाह थी। अनिरुद्ध चाहता था कि सुमन गवाही बदल दे, लेकिन जब उसने ऐसा नहीं किया, तो अनिरुद्ध ने उसकी हत्या की साजिश रची।

कैसे दिया वारदात को अंजाम?
14 अगस्त को अनिरुद्ध ने एक साथी की मदद से सुमन और बच्चियों को मायके से बुलाया। कहा कि मंदिर दर्शन के लिए चलना है, और उन्हें लखीमपुर के खमरिया इलाके में ले गया। वहां उफनती शारदा नदी के किनारे ले जाकर चारों को नदी में फेंक दिया। पुलिस ने मौके से कपड़े और जूते बरामद किए हैं।

पुलिस की कार्रवाई
मुख्य आरोपी अनिरुद्ध गिरफ्तार हो चुका है। उसका एक साथी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गोताखोरों की मदद से शवों की तलाश की जा रही है।

पुलिस का बयान
एसपी ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि अनिरुद्ध बहुत चालाकी से पूरे मामले को अंजाम दिया, लेकिन जांच में उसकी सच्चाई सामने आ गई।