इंटरनेशनल डेस्क। अमेरिका में फ्लोरिडा के एक हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। एक भारतीय ट्रक ड्राइवर की लापरवाही के कारण हुई इस घटना के बाद अमेरिका ने विदेशी कमर्शियल ट्रक ड्राइवरों के लिए नए वर्किंग वीजा जारी करने पर तुरंत रोक लगा दी है।
भारतीय ड्राइवर की गलती पड़ी भारी
यह मामला तब सामने आया जब पंजाब के हरजिंदर सिंह नामक एक ट्रक ड्राइवर ने फ्लोरिडा के हाईवे पर गैरकानूनी तरीके से यू-टर्न ले लिया जिससे एक मिनीवैन उससे टकरा गई। इस हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
जांच में पता चला कि हरजिंदर 2018 में मेक्सिको सीमा से अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुआ था। इसके बावजूद उसने कैलिफ़ोर्निया और वाशिंगटन से कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर लिया। परिवहन विभाग की जांच में वह अंग्रेजी भाषा और सड़क संकेतों के टेस्ट में बुरी तरह फेल हो गया। उसने 12 में से सिर्फ 2 सवालों के सही जवाब दिए और चार में से सिर्फ एक संकेत को पहचान सका।
ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा, “विदेशी ड्राइवरों की बढ़ती संख्या अमेरिकी सड़कों पर खतरा बन रही है और हमारे स्थानीय ट्रक ड्राइवरों की रोजी-रोटी को नुकसान पहुंचा रही है।” उन्होंने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और स्थानीय ड्राइवरों की आजीविका है।
इस हादसे के बाद हरजिंदर को कैलिफ़ोर्निया में गिरफ्तार कर लिया गया और अब उसे वाहन हत्या के तीन आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। इस एक ड्राइवर की गलती ने अमेरिका में काम कर रहे या काम करने के इच्छुक हजारों भारतीय ट्रक ड्राइवरों के लिए मुसीबतें बढ़ा दी हैं।
क्या होगा ट्रकिंग उद्योग पर असर?
यह फैसला अमेरिका के ट्रकिंग उद्योग के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है क्योंकि वहां पहले से ही ड्राइवरों की भारी कमी है। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में 18% ट्रक ड्राइवर विदेशी मूल के हैं। इस रोक से माल ढुलाई में देरी हो सकती है जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है। हालांकि यह रोक कब तक जारी रहेगी इस बारे में अभी कोई साफ जानकारी नहीं दी गई है।


