इनमें निचले, मध्यम व उच्च तबके के लोग रहते हैं, लेकिन यह लोग 29 साल पहले विकसित हुई सोसायटी में अब तक मूलभूत समस्याओं से उबर नहीं सके हैं। सीवरेज लाइन, बदहाल सड़क, नाला और गंदगी जैसी समस्याओं के लिए लोग लंबे अरसे से संघर्ष करते आ रहे हैं।
आठ साल पहले इन समस्याओं के निस्तारण की पहल करने के लिए एक जन कल्याण समिति का भी गठन किया गया। तबसे यह समिति भी इन समस्याओं को खत्म कराने के लिए जूझ रही है। सरकार और अधिकारियों से लेकर नेताओं तक इस समिति ने पहल की, लेकिन समस्या का हल नहीं निकला।
एक तरफ सीवरेज लाइन न बनने से इस सोसायटी का विकास अधर में लटका है। तो दूसरी तरफ यहां पार्क तक बदहाल हैं। स्थिति यह है कि छोटे-बड़े 25 पार्कों में से किसी में भी बैठने तक की जगह नहीं है। कई पार्कों में झाड़ियां उगी हैं तो कई गंदगी से भरे हैं। यहां मवेशी भी बांधे जा रहे हैं। पार्क तबेले जैसे नजर आ रहे हैं।
जन कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. एसएसएस परिहार के मुताबिक कुछ साल पहले भारत विकास परिषद ने विवेकानंद पार्क के सुंदरीकरण की शुरूआत की थी। अब उनकी संस्था इसकी देखभाल कर रही है। लोगों से भी चंदा किया गया। संस्था महाराणा प्रताप पार्क में पौधरोपण कराकर इसे संवारने की योजना बना रही है। जंभेश्वर पार्क के सुंदरीकरण के लिए भाजपा एमएलसी सलिल विश्नोई ने भरोसा दिया है।
उधर, पार्कों की दुर्दशा पर एई वैभव कुमार ने यह कहकर कुछ भी बताने से मना कर दिया कि वह कोई जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं है। बाकी अधिकारियों में कोई फोन नहीं उठाते तो कोई रोज नहीं मिलते।