नेशनल डेस्क : नर्मदापुरम जिले के रहने वाले मुस्लिम युवक आरिफ खान चिश्ती ने विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज को अपनी किडनी दान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने महाराज और जिला प्रशासन को औपचारिक पत्र भी भेजा है। आरिफ का कहना है कि वे चाहते हैं कि प्रेमानंद जी लंबी उम्र तक स्वस्थ रहें और अपने प्रवचनों से देश में प्रेम, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाते रहें।
कौन हैं आरिफ खान?
आरिफ खान मूल रूप से इटारसी के निवासी हैं और एक छोटी-सी दुकान पर कूरियर का काम करते हैं। साधारण जीवन जीने वाले आरिफ की सोच बहुत बड़ी है। उनका मानना है कि भारत तभी सच्चे मायनों में मज़बूत बनेगा जब सभी धर्मों के लोग आपसी प्रेम और सौहार्द के साथ रहेंगे।
कैसे आया किडनी दान का विचार?
आरिफ ने सोशल मीडिया पर प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचन सुने और उनसे गहराई से प्रभावित हो गए। जब भी महाराज दो धर्मों के बीच प्रेम और भाईचारे की बात करते हैं, तो आरिफ को खास सुकून मिलता है। इसी भावना के चलते उन्होंने तय किया कि वे अपनी किडनी प्रेमानंद जी को दान करेंगे, ताकि उनका जीवन और लंबा हो सके और वे देशभर में शांति और एकता का संदेश फैलाते रहें।
राष्ट्रीय एकता की मिसाल
आरिफ का यह कदम देश में धर्मों के बीच सौहार्द की अद्भुत मिसाल बन रहा है। वे मानते हैं कि यदि हर नागरिक आपसी नफरत छोड़कर भाईचारे की सोच अपनाए, तो भारत और मजबूत और सच्चा भारत बन सकता है। आरिफ का यह अनोखा निर्णय दिखाता है कि किसी भी धर्म या जाति से ऊपर उठकर इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है।


