औरैया। जिले में अगस्त माह में डाले गए छापे में बरामद नकली खाद के जखीरे से भरे गए सैंपल की रिपोर्ट ने चौंका दिया है। मेरठ प्रयोगशाला ने भेजे गए नमूने को फेल कर दिया है। जांच रिपोर्ट में मिले खाद की मात्रा नाकाफी मिली है। खास बात तो यह है कि गंध मात्र के लिए नाइट्रोजन कंटेंट का प्रयोग नकली खाद में मिला है हालांकि दो अन्य नमूनों की जांच रिपोर्ट आनी अभी शेष है।अगस्त के अंतिम सप्ताह में अनंतराम टोल प्लाजा पर जीएसटी टीम की चेकिंग में तकरीबन 60 बोरी डीएपी खाद लदी लोडर पकड़ी गई थी। वाहन चालक के खाद के क्रय-विक्रय संबंधी कागजात न दिखा पाने पर नकली खाद की आशंका पर जीएसटी टीम ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने इसके बाद जालौन रोड किनारे एक मकान पर छापा डाला था। वहां से 1000 बोरी नकली खाद का जखीरा पकड़ा गया था। पांच आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया था। वहीं, कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने भीखमपुर में भी एक मकान से 208 बोरी नकली खाद पकड़ी थी।
तीनों जगहों से मिली खाद लगभग एक जैसी ही बताई गई थी। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस की पूछताछ में इस नकली खाद की खेप बरेली से आने की बात स्वीकारी गई थी। वहीं, दो गोदामों और लोडर से बरामद की गई नकली खाद के नमूने जांच के लिए मेरठ प्रयोगशाला भेजे गए थे। एक माह बाद प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में इस खाद का नमूना फेल हो गया है। दो अन्य नमूने की रिपोर्ट आनी बाकी है। वहीं, डीएपी में होने वाले नाइट्रोजन व फास्फोरस के कंटेंट नाकाफी पाए गए हैं। सूत्रों की माने तो इस नकली खाद में महज एक फीसदी ही फास्फोरस पाया गया है जबकि असली डीएपी खाद में फास्फोरस 46 फीसदी रहता है।
पूरे मामले में चल रही कानूनी प्रक्रिया के बीच इस रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है। चूंकि कृषि अधिकारी की तहरीर पर मुकदमे दर्ज हैं जिनकी चार्जशीट कोर्ट में लगनी है। चार्जशीट में नमूने की जांच भी शामिल की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि खाद का भरा गया एक नमूना जांच रिपोर्ट में फेल हो गया है। रिपोर्ट में खाद अद्योमानक पाई गई है। ऐसे में आगे की कार्रवाई की जा रही है।


