बिधूना। तकरीबन एक वर्ष से मातृ-शिशु अस्पताल के शौचालय चोक हैं। इससे मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह हाल तब है जब हाल ही में प्रदेश स्तरीय स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पतालों की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर लौटी है। टीम को मौके पर सबकुछ ठीक-ठाक मिला था। इससे साफ है कि जब टीम आई तो अधिकारियों ने अस्पताल की गंदगी से उन्हें अवगत नहीं कराया। लिहाजा समस्या जस की तस बनी हुई है।सरकार ने महिलाओं व बच्चों के इलाज के लिए करीब छह करोड़ की लागत से 50 शैया मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण कराया था। ठेकेदार की लापरवाही और उदासीनता से शौचालयों की व्यवस्था सही ढंग से नहीं की गई। इससे शौचालय चोक होने मरीजों के प्रयोग में नही हैं। ऐसे में महिला मरीजों और प्रसूताओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। मजबूरन मरीज व तीमारदार अस्पताल परिसर के बाहर शौच जाने को विवश हैं।अधीक्षक डाॅ. बीपी शाक्य ने बताया कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई थी। इसके बाद सीएमओ कार्यालय से ठेकेदार को निरीक्षण के लिए भेजा गया। एक दो दिन में जाम पड़े शौचालयों को ठीक करने का कार्य शुरू किया जाएगा
Auraiya News: स्वास्थ्य विभाग की टीम से अफसरों ने अस्पताल की गंदगी छिपाई


