साइबर अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। इससे जागरूकता से ही बचा जा सकता है। किसी के साथ साइबर अपराध हो जाता है तो गोल्डन ऑवर (वारदात होने से शुरुआती एक घंटा) के भीतर ही हेल्पलाइन नंबर 1930 मिलाएं। यह जानकारी डीजीपी राजीव कृष्णा ने दी। वह सोमवार को एचबीटीयू में साइबर जागरूकता और महिला सशक्तिकरण पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि ऑनलाइन जुड़े थे।उन्होंने कहा कि साइबर ठग हर उम्र के लोगों को निशाना बना रहे हैं। बैंक खाते, मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट को हैक कर ठगी कर रहे हैं। उनसे बचने के लिए मजबूत पासवर्ड बनाएं और इंटरनेट मीडिया में निजी जानकारियां साझा न करें। किसी के बहकावे या धमकी में न आएं।उनके बाद पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने साइबर क्राइम पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल अरेस्ट होने पर डरने की जगह पुलिस को सूचना दें। दूसरे चरण में एडीसीपी महिला अपराध डॉ. अर्चना सिंह ने महिला हेल्पलाइन और महिला शक्ति केंद्र की जानकारी दी।उन्होंने घर से गई बच्चियों को वापस लाने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में बताया। एचबीटीयू के कुलपति प्रो. समशेर, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध विनोद कुमार सिंह, सभी डीसीपी, एडीसीपी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।सोशल मीडिया के मामलों में अपराध 90 प्रतिशत है। वहीं, कार्यक्रम में एचबीटीयू की अंतिम वर्ष की रिया ने परिचित बनकर साइबर अपराध करने और जेके सीमेंट के ग्रुप प्रेसीडेंट अनिल अग्रवाल ने कंपनी के एमडी के नाम पर 1.97 करोड़ की ठगी वारदात साझा की।


