गिरफ्तार भी किया। वर्ष 2024 में लागू किए गए पी.आई.टी. एन.डी.पी.ए. के अंतर्गत 123 प्रस्ताव भेजे गए और 41 आदेश गिरफ्तारी के जारी किए गए। नशा तस्करी से जुड़े आरोपी लोगों की 1214 संपत्तियों को चिन्हित, अतिक्रमण के 70 मामलों का पता लगाया और 7 मामलों में संपत्ति गिराने व खाली करवाने की कार्रवाई की गई। वर्ष 2023 में 4.87 करोड़ रुपए, 2024 में 24.42 करोड़ और 2025 में 6.66 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की गईं, जबकि 7.74 करोड़ रुपए की संपत्तियों के मामले पुष्टि के लिए भेजे गए हैं।
नशे की समस्या सिर्फ कानून-व्यवस्था की नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की जागरूकता और भागीदारी का विषय है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने जिस प्रतिबद्धता के साथ इस संकट के खिलाफ मोर्चा खोला है, वह आने वाली पीढिय़ों को बचाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। लेकिन यह जंग तब ही सफल होगी जब हर माता-पिता, हर शिक्षक, हर पंचायत और हर नागरिक यह ठान ले कि वह किसी भी रूप में इस जहर को अपने समाज में पनपने नहीं देगा। नशे के खिलाफ यह संघर्ष सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल की आत्मा को बचाने की लड़ाई है और इसमें जीतना ही एकमात्र विकल्प है।(लेखिका हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की पूर्व सदस्य हैं)-डा. रचना गुप्ता


