नेशनल डेस्क: दक्षिण-पूर्वी कांगो के लुआलाबा प्रांत में स्थित मुलोंडो शहर में सोमवार को एक भयानक हादसा हुआ। कलांडो माइन में कोबाल्ट खदान धंसने के कारण एक पुल टूट गया, जिससे मलबे में फंसे कम से कम 50 लोग मौके पर ही दम तोड़ बैठे। 20 से अधिक घायल लोगों को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोशल मीडिया पर हादसे का भयावह वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मलबे के नीचे फंसे लोगों की चीखें सुनाई दे रही हैं।
हादसे की वजह: भारी बारिश और अवैध माइनिंग
लुआलाबा के गृह मंत्री रॉय कौम्बा ने बताया कि खदान बारिश और लैंडस्लाइड के कारण पहले से बंद थी। लेकिन मजदूरों ने सुरक्षा के आदेशों की अवहेलना करते हुए खदान में प्रवेश कर लिया। जब सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बाहर निकालने के लिए फायरिंग की, तो भगदड़ मच गई और लोग पुल की ओर भागे। इसी दौरान खदान का हिस्सा और पुल भरभराकर गिरा, जिससे भारी मलबा लोगों के ऊपर गिर गया।
At least 32 people have died after a collapse at a cobalt mine in southeastern DR Congo, authorities say.
A bridge at the site gave way, killing dozens of informal miners in Lualaba province.#DRC #Congo #Mining pic.twitter.com/bdcNrBndpI — Cyrus (@Cyrus_In_The_X) November 16, 2025
सोशल मीडिया पर भयावह दृश्य
वीडियो में देखा जा सकता है कि अचानक खदान का हिस्सा टूटता है और लोग भागने लगते हैं। मलबे और धूल के गुबार में कई लोग दम घुटने और दबने से मर गए। घटना के बाद मानवाधिकार आयोग ने सेना, पुलिस और स्थानीय अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है।
कोबाल्ट और कांगो की खनन चुनौतियां
कांगो दुनिया का सबसे बड़ा कोबाल्ट उत्पादक है, जिसका उपयोग इलेक्ट्रिक व्हीकल और बैटरी उद्योग में होता है। लेकिन गरीबी और भ्रष्टाचार के चलते अवैध खनन आम है। बाल मजदूरी और सुरक्षा के कमजोर इंतजाम खदानों में बार-बार हादसों का कारण बनते हैं।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
कोबाल्ट उत्पादन में चीन का प्रभाव और स्थानीय भ्रष्टाचार की वजह से खनन की परिस्थितियां अत्यंत खतरनाक मानी जाती हैं। इस हादसे ने न सिर्फ स्थानीय समुदाय को हिला दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सुरक्षा और मजदूरी मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।


