Sunday, April 5, 2026

टैटू बनवाने वालों की बढ़ी चिंता! स्टडी में स्किन कैंसर से जुड़ा नया खुलासा

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नेशनल डेस्कः आजकल टैटू बनवाने का ट्रेंड काफी बढ़ गया है। ज्यादातर लोग मानते हैं कि अगर टैटू अच्छे स्टूडियो में बनवाया जाए तो इससे कोई नुकसान नहीं होता। हालांकि, यह भी कहा जाता है कि असुरक्षित तरीके से टैटू बनवाने से HIV या इंफेक्शन का खतरा हो सकता है। अब स्वीडन की एक यूनिवर्सिटी की रिसर्च में टैटू को लेकर चौंकाने वाला दावा किया गया है टैटू बनवाने से स्किन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

 

स्टडी क्या कहती है?

स्वीडन की यूनिवर्सिटी रिसर्च में दावा किया गया है कि टैटू बनवाने वालों में मेलानोमा (एक प्रकार का खतरनाक स्किन कैंसर) का जोखिम उन लोगों से अधिक पाया गया जिनके पास टैटू नहीं है। इस रिसर्च में 20 से 60 साल की उम्र के 2,880 लोगों को शामिल किया गया, जिन्हें पहले से मेलानोमा था। नतीजों में पता चला कि जिनके शरीर पर टैटू 10 साल से ज्यादा समय से थे, उनमें यह खतरा और ज्यादा देखा गया।

 

कैंसर का जोखिम कैसे बढ़ सकता है?

रिसर्च ने कुछ कारण बताए हैं:

 

टैटू बनवाने के दौरान इंक त्वचा के अंदर इंजेक्ट की जाती है।

 

शरीर इस इंक को विदेशी तत्व मानकर इम्यून सिस्टम को सक्रिय कर देता है।

 

इंक के पिगमेंट इम्यून सेल्स के साथ लिम्फ नोड तक पहुंच जाते हैं, जहाँ वे कई साल रहते हैं।

 

कुछ टैटू इंक में कैंसरजनक (कार्सिनोजेनिक) केमिकल्स भी पाए जाते हैं।

 

अगर टैटू वाला हिस्सा लंबे समय तक धूप में खुला रहे, तो स्किन कैंसर का जोखिम और बढ़ सकता है।

 

क्या टैटू से कैंसर हो जाता है?

महत्वपूर्ण बात यह है कि— रिसर्च ने कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है। यह नहीं कहा गया कि “टैटू से सीधा कैंसर होता है”। बल्कि यह कहा गया है कि इससे जोखिम बढ़ सकता है, इसलिए सावधानी ज़रूरी है।

 

टैटू बनवा चुके लोग क्या करें?

रिसर्चर का कहना है— घबराने की कोई जरूरत नहीं है। बस टैटू बनवाने के बाद कुछ सावधानियां जरूरी हैं:

 

जरूरी सावधानियां

टैटू हमेशा सर्टिफाइड व हाइजीनिक स्टूडियो से करवाएं।

टैटू के बाद कुछ हफ्ते तक उस हिस्से की देखभाल अच्छे से करें।

धूप में निकलते समय टैटू वाले हिस्से को ढकें या सनस्क्रीन लगाएं।

अगर टैटू वाली जगह पर ये लक्षण दिखें तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं:

रंग बदलना

 

गांठ बनना

 

लगातार खुजली

 

दर्द या घाव का न ठीक होना

 

इस रिसर्च का मकसद क्या है?

स्टडी का उद्देश्य लोगों को डराना नहीं, बल्कि जागरूक करना और सावधानी बढ़ाना है। दुनियाभर में लाखों लोग टैटू बनवाते हैं और ज्यादातर को कोई समस्या नहीं होती। बस सही तरह, सही जगह और सही केयर से टैटू कराएं।

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