अजीतमल। क्षेत्र की वर्षों पुरानी रोडवेज बस समस्या एक बार फिर सुर्खियों में है। अब यहां के लोगों ने रोडवेज डिपो बनाने की मांग को फिर से शुरू कर दिया है।लोगों को कहना है कि बसें कस्बे के अंदर न आने से समस्या है। यह समस्या तभी दूर हो सकेगी,जब यहां डिपो की स्थापना होगी। लोगों ने बताया कि सदर विधायक गुड़िया कठेरिया द्वारा मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट के दौरान औरैया डिपो की बसों को अजीतमल कस्बे के अंदर से चलाने की मांग रखी गई। जबकि क्षेत्र की सबसे अहम और स्थायी मांग अजीतमल में रोडवेज डिपो की स्थापना को नजरअंदाज कर दिया गया।बताया कि औरैया डिपो की लगभग 60 बसें प्रतिदिन हाईवे से होकर संचालित हो रही हैं। ऐसे में कस्बे के यात्रियों को बस पकड़ने के लिए हाईवे तक भटकना पड़ता है। छात्र, महिलाएं, बुजुर्ग और दैनिक यात्री सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।बसें हाईवे से निकल जाती हैं। कस्बे के लोगों को जोखिम उठाकर सड़क पार करनी पड़ती है। यह समस्या वर्षों से है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। विमल पांडेय एडवोकेटकेवल बसों को अंदर से चलाने की बात करना जनता को बहलाना है। जब तक डिपो नहीं बनेगा, तब तक कोई व्यवस्था टिकाऊ नहीं होगी। विपिन तिवारी
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केवल औरैया डिपो की बसों को कस्बे में लाने की बात जनता को गुमराह करने जैसी है। जब तक अजीतमल में रोडवेज डिपो नहीं बनेगा, तब तक बसें कभी भी हटाई जा सकती हैं। मोर्चा ने एलान किया है कि विधानसभा चुनाव 2027 तक आंदोलन जारी रहेगा। विशाल गुप्ता
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अजीतमल की बस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष औरैया डिपो की बसों को कस्बे के अंदर से चलाने की मांग रखी है। डिपो स्थापना का विषय भी महत्वपूर्ण है, इस पर आगे प्रयास जारी रहेंगे।- गुड़िया कठेरिया, सदर विधायक


