औरैया। जिले में शाम होते ही कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है। इसके बावजूद रोडवेज की बसें बिना फॉग लाइट के सड़कों पर दौड़ती नजर आ रही हैं।हालात यह हैं कि डिपो में 65 बसों का बेड़ा है, इनमें सिर्फ दो में ही फॉग लाइट लगी है। यह लापरवाही कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है
औरैया डिपो से 65 बसों का संचालन इटावा, कानपुर, कन्नौज समेत विभिन्न मार्गों पर किया जाता है। पिछले दस दिन से कोहरा वाहनों के आवागमन को प्रभावित किए हुए है। नियमों के अनुसार कोहरे के मौसम में सभी सार्वजनिक वाहनों में फॉग लाइट होना अनिवार्य है, ताकि दृश्यता बनी रहे और दुर्घटनाओं से बचाव हो सके। बावजूद इसके रोडवेज प्रशासन इस पर उदासीन रुख अपनाए हुए है। डिपो की 65 में से सिर्फ दो बसों में ही फॉग लाइट का इंतजाम है।
यात्री हर मोड़ पर अनहोनी की आशंका से सहमे रहते हैं। उधर, बस स्टैंड परिसर में ही डिपो कार्यशाला संचालित है। ऐसे में किसी खराबी अन्य कमी को दुरुस्त करने के लिए बसों को यहीं लाया जाता है लेकिन, जब कार्यशाला के स्टोर में ही फॉग लाइट उपलब्ध नहीं है तो बसों में कहां से लगाई जा सकती है।


