बेला। गोशालाओं में हो रही संवेदनहीनता का मामला एक बार फिर सामने आया है। सोमवार को बांधमऊ गोशाला में बीमार पड़े गोवंशों की आंखें कौओं ने नोच डालीं। आंखों से खून बहता देख भी केयर टेकर का दिल नहीं पसीजा। वह गोवंशों को इधर से उधर खींचता नजर आया।विकासखंड बिधूना की ग्राम पंचायत बांधमऊ में गोशाला संचालित है। परिसर में काफी पानी भरा हुआ था। यह पानी परिसर में ही लगे सबर्मिसबल से फैल रहा था। कुछ दिन पहले ही गोशाला में मिट्टी भी डाली गई है, लेकिन अभी यहां केवल मिट्टी के ढेर लगे हैं। गोवंश इधर-उधर घूम रहे थे वहीं नांदें खाली पड़ी थीं।परिसर में ही दो बीमार गोवंश भी पड़े थे। अनदेखी के चलते एक गोवंश की आंख और कान काैओं ने नोच लिया। वहीं, दूसरे गोवंश की आंख नोच डाली। दोनाें गोवंशों की आंखों से खून बह रहा था। बीमारी के चलते दोनों गोवंश चलने-फिरने में असमर्थ हैं।
इस दौरान फोटो खिंचने पर मौजूद केयर टेकर दोनों गोवंशों को खींचकर पलटने लगा, ताकि उनकी आंख से बहता हुआ खून नजर न आए। उधर, सर्दी होने के बावजूद गोशाला में एक भी गोवंश पर न तो झूल डाली गई और न ही अलाव जल रहे थे।
बीडीओ रामदुलार ने बताया कि कुछ गोशालाओं का निरीक्षण किया गया था। बीमार गोवंशों को चिकित्सक देखने भी पहुंचे थे। जहां भी लापरवाही हुई है, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
गोशालाओं के संचालन में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। स्वयं जाकर गोशाला का निरीक्षण किया जाएगा। लापरवाही कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-संत कुमार, मुख्य विकास अधिकारी।


