विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिन मतदाताओं को चुनाव आयोग से नोटिस मिला है या भविष्य में मिल सकता है उन्हें कुछ तयशुदा प्रमाण पत्र देने होंगे। आयु के मुताबिक मतदाताओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। उसके अनुसार इन्हें दस्तावेज देने होंगे।मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा का कहना है कि लोगों को सुनवाई के लिए सात दिन का समय दिया जाएगा। वे दस्तावेज ढंग से जमा करें और अपना नाम मतदाता सूची से जुड़वाएं। यूपी में 27 अक्तूबर 2025 तक मतदाता सूची में 15.44 करोड़ मतदाता थे। अब 12.55 करोड़ की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है। पहले चरण में 1.04 करोड़ लोगों के नाम का मिलान अपने माता-पिता, बाबा-दादी व नाना-नानी के नाम से वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया है।दूसरे चरण में 2.50 करोड़ लोग ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनके दिए गए ब्योरे में खामियां हैं। अब इन्हें नोटिस भेजी जा रही है। एक जुलाई 1987 से पहले जिनका जन्म हुआ है, उन्हें सिर्फ अपना दस्तावेज जमा करना है। जिसमें मार्कशीट, पासपोर्ट व जन्म प्रमाण पत्र सहित 13 प्रमाण पत्र हैं। इसी तरह से एक जुलाई 1987 के बाद और दो दिसंबर 2004 से पहले जिन लोगों का जन्म हुआ है, उन्हें अपने साथ-साथ पिता का भी दस्तावेज देना होगा। वहीं, दो दिसंबर 2004 के बाद जिन लोगों का जन्म हुआ है, उनको अपने साथ माता और पिता के भी दस्तावेज जमा करने होंगे।
नोटिस के बाद कम से कम सात दिनों का समय सुनवाई के लिए दिया जाएगा। नोटिस दो कापियों में होगी और उसमें कौन-कौन से दस्तावेज देने हैं, इसकी जानकारी दी गई होगी। बड़ी संख्या में लोग मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर रहे हैं। वे हिंदी और अंग्रेजी दोनों में अपना नाम लिखें, जिससे मतदाता सूची व मतदाता कार्ड में उनके नाम की वर्तनी (स्पेलिंग) गलत न हो।
नाम जुड़वाने के लिए आए 67276 नए फॉर्म
प्रदेश में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए बीते 24 घंटे में 67276 लोगों ने फॉर्म-6 भरा है। जिसमें से 62211 लोगों ने स्वयं और 5065 लोगों के फॉर्म राजनीतिक दलों के बीएलए की ओर से भरवाए गए हैं। अभी तक कुल 18.14 लाख लोगों ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरा है


