औरैया। शासन स्तर से वार्षिकोत्सव व खेल महोत्सव के आयोजन को लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसमें 300 रुपये में खेल महोत्सव और 1200 रुपये में वार्षिकोत्सव का आयोजन कराना है।इतने कम बजट ने शिक्षकों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। वहीं शिक्षक संगठनों में भी इसे लेकर नाराजगी है। वह आयोजन के लिए बजट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
शिक्षकों के अनुसार इतनी कम राशि में न तो गुणवत्तापूर्ण आयोजन संभव है और न ही बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य पूरे किए जा सकते हैं। खेल सामग्री, पुरस्कार, प्रमाणपत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मंच, सजावट व जलपान जैसी व्यवस्थाएं जुटाना संभव नहीं दिख रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि वास्तव में वार्षिकोत्सव और खेल महोत्सव को सार्थक बनाना है, तो प्रति विद्यालय कम से कम 10 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की जानी चाहिए।
बोले शिक्षक नेता, कैसे हो आयोजन
वार्षिकोत्सव के जरिये सालभर पढ़ाई करने वाले बच्चों का हौसला बढ़ाया जाता है, लेकिन 1200 रुपये में यह आयोजन संभव नहीं है। इस बजट को छात्र संख्या के अनुसार बढ़ाया जाना चाहिए।
-दीपक दुबे
खेल महोत्सव के जरिये बच्चों की प्रतिभाओं को मंच मिलता है, लेकिन 300 रुपये में एक स्कूल का आयोजन संभव नहीं है। खेल सामग्री से लेकर कई इंतजाम जरूरी होते हैं। बजट बढ़ना जरूरी है। -विपिन तिवारी
शासन के जो निर्देश आए हैं उसकी के तहत कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाएगा। शिक्षकों की मांग से भी उच्चाधिकारियों और शासन को अवगत कराया जाएगा। शासन का जो निर्णय होगा, उसका पालन किया जाएगा।
-संजीव कुमार, बीएसए।

फोटो-2-बीएसए कार्यालय।

फोटो-2-बीएसए कार्यालय।


