दिबियापुर। कस्बे के मोहल्ला राणा नगर बेला मार्ग पर सोमवार दोपहर शॉर्ट सर्किट से एक परचून के गोदाम में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।दुकानदार के अनुसार करीब 30 लाख रुपये के माल का नुकसान हो गया। दमकल की चार गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप रखी गई।
सूचना पर फायर ब्रिगेड, गेल और सीआईएसएफ की चार दमकल गाड़ी मौके पर पहुंचीं। संकरी जगह होने के कारण दमकल कर्मियों ने पड़ोसी की छत का सहारा लिया और गोदाम की पिछली दीवार तोड़कर पाइप अंदर डाले। नगर पंचायत अध्यक्ष राघव मिश्रा मिनी टैंकरों और कर्मचारियों के साथ पहुंचे और पीड़ित परिवार का सामान बाहर निकलवाने में मदद की। इस दौरान भारी भीड़ जमा होने से बचाव कार्य में बाधा भी आई।
मौके पर जिला अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह, सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायण त्रिपाठी और बिजली विभाग के अवर अभियंता अरुण वर्मा मौजूद रहे।
दो घंटे बंद रहा औरैया- कन्नौज मार्ग
दिबियापुर। सोमवार को बेला मार्ग पर हुई आगजनी की घटना से औरैया- कन्नौज हाईवे करीब दो घंटे तक बंद रहा। थाना पुलिस ने दोपहर करीब साढ़े बारह बजे से ढाई बजे तक भारी वाहनों समेत छोटे वाहनों को भी घटना स्थल के सामने से निकलने नहीं दिया। इस दौरान पुलिस ने फफूंद चौराहा तथा बिधूना मोड़ तिराहा पर रूट डायवर्जन कर वाहनों को इधर -उधर से निकलवाया। इस दौरान रेलवे ओवर ब्रिज समेत नहर पुल के पास जाम से राहगीरों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।(संवाद)
दो वर्ष में दूसरी बार परिवार पर आई मुसीबत
दिबियापुर। राणानगर में हुई आगजनी की घटना से परचून कारोबारी पूरी तरह तबाह हो गया। इससे पहले उसकी दुकान अतिक्रमण अभियान में जमींदोज हो चुकी है। पीड़ित अमन पोरवाल के पिता सोमचंद्र की मृत्यु कुछ वर्षों पूर्व हो गई थी। इसके बाद सोमचंद्र की पत्नी के अलावा दोनों पुत्र अमन व सोनी ने नहर पुल पर बनी परचूनी की दुकान को संभालते हुए अपने परिवार को आगे बढ़ाया।
इसी बीच जुलाई 2024 में सिंचाई विभाग के अभियान से अमन पोरवाल की दुकान जमींदोज हो गई। इस दौरान अमन को किराये के मकान में रहने को मजबूर होना पड़ा। उसने बेला रोड पर किराये की दुकान से दोबारा कारोबार की शुरूआत की। करीब डेढ़ वर्ष बाद सोमवार को दूसरी आफत से अमन का परिवार परेशान हो गया है। पूर्व चेयरमैन के पति सुखलाल गुप्ता ने जिला प्रशासन से पीड़ित को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।


