नेशनल डेस्क : दिल्ली के जनकपुरी इलाके में बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत का मामला अब सियासी रंग लेने लगा है। इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी और दिल्ली पुलिस आमने-सामने आ गई हैं। मृतक के घर श्रद्धांजलि देने पहुंचे आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे पार्टी के अन्य नेताओं के साथ वहां पहुंचे थे।
हिरासत में लिए जाने के बाद सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की राजधानी में हालात बिगड़ते जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार लोग आंखें मूंदे बैठे हैं। उनका कहना था कि जो लोग इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है और जनता की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और लगातार सवाल उठाती रहेगी। इसके बाद उन्होंने जनकपुरी पहुंचकर कमल ध्यानी के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
पीड़ित परिवार की स्थिति पर बात करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हादसे के बाद कमल ध्यानी के घरवाले पूरी रात न्याय की उम्मीद में भटकते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार ने छह अलग-अलग थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं भी उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई।
इससे पहले भी आम आदमी पार्टी ने इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस और बीजेपी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर तीखा हमला बोला था। सौरभ भारद्वाज ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि मामले से जुड़ी अहम जानकारियां जानबूझकर छिपाई गईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि हादसे की रात करीब 12 बजे परिवार अपने बेटे की तलाश में थाने पहुंचा था, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और मोबाइल लोकेशन से जुड़ा जरूरी डेटा भी जल्दबाजी में हटा दिया गया।


