प्रदेश में अब उपभोक्ताओं को लोहे के बजाय फाइबर के कंपोजिट गैस सिलेंडर मिलेंगे। इनका वजन लोहे के सिलेंडर की अपेक्षा आधा है। सिलेंडर के पारदर्शी होने की वजह से खर्च होने वाली गैस का स्तर भी दिखता रहेगा। ये सिलेंडर में 10 किलो और पांच किलो गैस भराव क्षमता के हैं।प्रदेश में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) सिलेंडर के घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या करीब 5.5 करोड़ है। अब कंपनियां लोहे के सिलेंडर के बजाय फाइबर सिलेंडर दे रही हैं। इसकी शुरुआत इंडियन आयल (इंडेन) ने की थी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत नोएडा, लखनऊ, वाराणसी, आगरा सहित विभिन्न शहरों में पुराने उपभोक्ताओं को प्लास्टिक के सिलेंडर दिए गए।
यूपी: प्रदेश में अब मिलेंगे फाइबर गैंस सिलेंडर, लोहे के मुकाबले वजन होगा आधा; रुकेगी चोरी- नहीं होगा विस्फोट


