औरैया। मारपीट की धारा बढ़ाने के लिए सीटी स्कैन जांच रिपोर्ट में टेंपरिंग के मामले में एक्सरे टेक्नीशियन के साथ रेडियोलॉजिस्ट भी दोषी पाए गए हैं। एक्सरे टेक्नीशियन की जहां इस पूरे मामले में संलिप्तता पाई गई है।वहीं रेडियोलॉजिस्ट का नियंत्रण लचर मिला है। इस मामले में सीएमओ स्तर से शासन में भेजी गई जांच रिपोर्ट के बाद अब कार्रवाई होनी तय है। अयाना क्षेत्र के एक मामले में मुकदमे में धाराएं बढ़ाने के लिए घायल व्यक्ति की सीटी स्कैन रिपोर्ट में छेड़छाड़ (टेंपरिंग) की गई थी।पुलिस ने जब मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायल की सीटी स्कैन जांच रिपोर्ट का सत्यापन किया तो मामला पकड़ में आया था। इसके बाद एसपी ने सीएमओ को जांच के लिए लिखा था। तीन सदस्यीय टीम ने इस मामले की जांच की थी। इसी बीच एक्सरे टेक्नीशियन समेत दो कर्मियों को हटा दिया गया था।
टीम ने सीटी स्कैन रिपोर्ट में गड़बड़ी की हकीकत पकड़ी थी। खास बात यह सामने आई कि फर्जी सीटी स्कैन रिपोर्ट के लिए तैनात कर्मचारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया था। एक्सरे टेक्नीशियन की इस मामले में संलिप्तता पाई गई। साथ ही मेडिकल
कॉलेज के सीएमएस व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जसवंत रत्नाकर की लापरवाही भी पकड़ी गई है। उनका नियंत्रण लचर पाया गया है। सीएमओ ने इस जांच रिपोर्ट को शासन में भेजा है। ऐसे में अब कार्रवाई कार्रवाई होनी तय हो गई है।


