लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय (लवि) में रविवार को लाल बारादरी में नमाज पढ़ने वाले गेट को सील कर दिया गया। निर्माण के लिए बैरिकेडिंग लगा दी गई। इसके विरोध में विश्वविद्यालय के कई छात्र संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
छात्र नेताओं ने बैरिकेडिंग गिरा दी। बारादरी के पास हो रहे निर्माण की सामग्री भी फेंक दी। विरोध प्रदर्शन देर तक जारी रहा। पुलिस के समझाने पर लोग माने।
लखनऊ विश्वविद्यालय ने जीर्ण-शीर्ण बारादरी की फेंसिंग की पहले से तैयारी की थी। इसको लेकर विरोध की आशंका भी थी। इसीलिए विश्वविद्यालय की कुलसचिव भावना मिश्रा ने शनिवार को हसनगंज थाना प्रभारी को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की थी। रविवार को बारादरी के किनारे ईंटों से जोड़ाई शुरू की गई। इसी बीच छात्र नेताओं ने विरोध शुरू कर दिया।
छात्रों ने क्या कहा?
छात्र नेताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय में मुस्लिम विद्यार्थियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इस मामले में विश्वविद्यालय के निर्माण अधीक्षक डा. श्यामलेश का कहना है कि लाल बारादरी का भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। कभी भी गिर सकता है। इसी वजह से यहां बैंक, क्लब, कैंटीन खाली कराया जाना है।
कुछ लोग दरवाजे से बारादरी से अंदर चले जाते हैं। कई बार असुरक्षित गतिविधियां भी पाई गईं। इसलिए टूटे दरवाजे बंद करने के लिए चुनाई करा दी गई। बारादरी के बाहर जाली लगाई जा रही थी, जिसका छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया।


