लखनऊ : उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड इस समय अपने उपभोक्ताओं को अंगुलियों पर नचा रहा है। जी हां कभी बेहतर बिजली के लिए घंटों शटडाउन तो भी पोस्ट पेड से प्री पेड मीटर करने का काम किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं ने कारण पूछा तो बताया गया कि एरियल बंच केबल लगाया जा रहा है। इससे तारों का मकड़जाल हटेगा और लाइन लास व बिजली चोरी रुकेगी। डेढ़ वर्ष यह पूरा कार्यक्रम रिवैम्प डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम योजना के तहत चला। उपभोक्ता अभी इससे उबरे ही थे कि अब मीटर बदलने शुरू हो गए।
विरोध किया तो उनकी बिजली काट दी
उपभोक्ताओं ने विरोध किया तो उनकी बिजली काट दी गई और कानूनी दांव पेंच बताए गए। यही नहीं मीटर की खूबियां भी बताई गई। उपभोक्ता ने मीटर लगवाने शुरू कर दिए। स्मार्ट मीटर उपभोक्ता के परिसर में लगे ही थे कि डेढ़ से दो माह में मीटरों को प्री पेड करना शुरू कर दिया।
उपभोक्ता उपेन्द्र ने बिजली उपकेंद्र पर जाकर पूछा कि उनका बिजली बिल नहीं आया है तो अभियंता इसका जवाब नहीं दे सके। फिर किसी तरह मालूम हुआ कि मीटर प्री पेड कर दिया गया है। इसी कारण बिल नहीं आ रहा है और सिक्योरिटी से बिल कट रहा है और खत्म होते ही बिल माइनस में जाएगा और फिर भी जमा नहीं किया तो कनेक्शन कट जाएगा।
मीटर रातों रात प्री पेड
ऐसे सैकड़ों उपभोक्ता परेशान है, क्योंकि उपभोक्ता के मीटर रातों रात प्री पेड हो जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का तर्क है कि अगर निजी एजेंसी जो मीटर लगा रही है वह पंजीकृत मोबाइल नंबर पर फोन करके सिर्फ बता दें कि आपका मीटर प्री पेड कर दिया जा रहा है और अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क करके रिचार्ज करने के तरीके या संबंधित एप से जानकारी ले सकते हैं।
ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत करे। करीब पंद्रह लाख राजधानी में बिजली उपभोक्ता हैं, सभी के मीटर को प्री पेड करने की योजना है।


