Diabetes and Ramadan Guide : रमजान का महीना शुरू होने वाला है और दुनिया भर के मुसलमान रोजे की तैयारी में हैं। हालांकि डायबिटीज (मधुमेह) से जूझ रहे लोगों के लिए लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहना जोखिम भरा हो सकता है। बिना सही प्लानिंग के रोजा रखने से ब्लड शुगर अचानक गिर सकती है (Hypoglycemia) या बढ़ सकती है (Hyperglycemia) जो सेहत के लिए गंभीर खतरा है।
किन्हें रोजा रखने से बचना चाहिए?
डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. राजीव कोविल के अनुसार हर मरीज की स्थिति अलग होती है। उन्होंने रिस्क स्ट्रैटिफिकेशन यानी जोखिम के आकलन पर जोर दिया है:
- किसे है मनाही: जिन्हें किडनी की बीमारी, हार्ट फेल्योर, गर्भावस्था, या हाल ही में कोई गंभीर इंफेक्शन हुआ हो उन्हें रोजा रखने से बचना चाहिए।
- टाइप-2 डायबिटीज: जिन मरीजों की शुगर कंट्रोल में है वे डॉक्टर की निगरानी और दवाओं में जरूरी बदलाव के साथ रोजा रख सकते हैं।
डॉक्टर की 3 गोल्डन सलाह
- दवाओं का समय: इंसुलिन या शुगर की दवाओं की डोज़ को सहरी और इफ्तार के हिसाब से बदलना पड़ता है। आमतौर पर सुबह की डोज़ कम की जाती है ताकि दिन में शुगर लेवल अचानक न गिरे।
- नियमित जांच: डॉ. अंशुल सिंह बताते हैं कि दिन में कई बार ब्लड शुगर चेक करना चाहिए। याद रखें शुगर जांचने से रोजा नहीं टूटता।
- कब तोड़ें रोजा: यदि शुगर 70 mg/dL से कम या 300 mg/dL से ज्यादा हो जाए या फिर चक्कर और पसीना आने लगे तो जान बचाने के लिए तुरंत रोजा तोड़ देना चाहिए।

सहरी और इफ्तार की परफेक्ट डाइट
सही पोषण ही आपको पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखेगा:
समय क्या खाएं? क्या न खाएं? सहरी (Suhur) ओट्स, बेसन चीला, अंडा, फाइबर और प्रोटीन युक्त भोजन। ज्यादा मीठा और नमकीन खाना (इससे प्यास ज्यादा लगती है)। इफ्तार (Iftar) एक खजूर और पानी से शुरुआत करें। हल्का सूप, ग्रिल्ड चिकन, दाल और सब्जियां। तला-भुना (पकौड़े), कोल्ड ड्रिंक और ज्यादा मिठाई। 
हाइड्रेशन का रखें खास ख्याल
इफ्तार से सहरी के बीच शरीर में पानी की कमी न होने दें। 8 से 10 गिलास तरल पदार्थ लें। सादे पानी के अलावा नींबू पानी, छाछ, सूप या हर्बल चाय बेहतर विकल्प हैं। चाय और कॉफी कम पिएं क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं।


