बिधूना। कोतवाली क्षेत्र के गांव कमलपुर पुल के पास रामगंगा नहर में डूबे 25 वर्षीय युवक ऋतिक का शव 36 घंटे बाद बरामद कर लिया गया। टीम को शव घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला। युवक परिवार का इकलौता बेटा थाक्षेत्र के गांव ताजपुर निवासी प्रवीन कुमार सीआरपीएफ छत्तीसगढ़ में जवान हैं। उनका बेटा ऋतिक सात मार्च को गांव कमलपुर से निकली नहर पुल के पास गया था। लोगों ने बताया कि वह नहर किनारे हाथ धोने के लिए उतरा था, तभी अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में गिर गया। नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण वह देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गया था।हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे, लेकिन अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिली। इटावा से एसडीआरएफ की टीम और कन्नौज से विशेष गोताखोर बुलाए गए। रविवार को दिन भर स्टीमर और जाल के जरिये नहर में तलाशी अभियान चलाया गया। परिजन ने नहर का जलस्तर कम कराने की भी मांग की, इस पर क्षेत्राधिकारी पी. पुनीत मिश्रा और नायब तहसीलदार रुचि मिश्रा ने सिंचाई विभाग से समन्वय कर पानी कम कराया।
एसडीएम गरिमा सोनकिया भी मौके पर पहुंचीं और मामले की जानकारी ली। लगातार चले रेस्क्यू अभियान के 36 घंटे बाद टीम ने नहर किनारे झाड़ियों से शव बरामद कर बाहर निकाला। पुलिस पूछताछ में मृतक के चाचा सुबोध अवस्थी ने पुलिस को बताया कि ऋतिक मानसिक रूप से बीमार था। वह पहले भी कई बार घर से भाग चुका था और आत्महत्या का प्रयास कर चुका था। उधर, शव देख परिजन बिलख पड़े।
सीओ बिधूना, पी. पुनीत मिश्रा ने बताया कि एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की संयुक्त टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही थी। युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।


