लखनऊ। दुबग्गा के फरीदीपुर में अनियंत्रित डंपर चालक ने बिजली के सात खंभे तोड़ दिए। इससे गुरुवार शाम सात बजे गई बिजली शुक्रवार रात 8.15 बजे के आसपास आ सकी। इस दौरान 25 घंटे तक उपभोक्ताओं को बिजली व पानी के लिए तरसना पड़ा।
बिजली विभाग ने डंपर चालक के खिलाफ स्थानीय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया है। वहीं राजधानी के गोमती नगर के कई खंडों में 33 केवी लाइन ट्रिप होने के कारण सुबह सात बजे से बिजली की आवाजाही शुरू हुई, जो शाम पांच बजे तक बनी रही।
अमौसी जोन के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार यादव (तकनीकी) ने बताया कि सूचना मिलते ही काम शुरू करवा दिया गया था, लेकिन पुराने खंभे जमीन से उखाड़ने और नए खंभे लगाने में समय लग गया। उनके मुताबिक सिर्फ एक ही ट्रांसफार्मर 250 केवीए का प्रभावित था, जिसे शाम को चालू कर दिया गया। इससे करीब 90 उपभोक्ताओं की बिजली जुड़ी थी।
कई क्षेत्रों में दिखा बारिश का असर
शुक्रवार को बारिश के कारण अहिबरनपुर बिजली उपकेंद्र, कपूरथला बिजली उपकेंद्र, दाऊदनगर बिजली उपकेंद्र, फैजुल्लागंज बिजली उपकेंद्र की बिजली बारिश के कारण तीस मिनट से लेकर एक घंटे तक बंद रही। गोमती नगर विस्तार सेक्टर एक, चार के अलावा ओमेक्स में भी बिजली संकट दोपहर दो बजे से साढ़े तीन बजे तक बिजली से जुड़ा कार्य होने के कारण रहा।
यहां बारिश के कारण पेड़ों की टहनियां भी तारों पर गिरी। इसके कारण शटडाउन करके टहनियों को हटाया गया और बिजली की सप्लाई शुरू की गई। गोमती नगर के सेक्टर चार बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत आठ अपार्टमेंट की बिजली शाम पौने चार बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक प्रभावित रही।
वहीं आंधी के कारण जानकीपुरम बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत 11 केवी का तार टूट गया। इसके कारण मड़ियांव व आसपास के इलाकों में डेढ़ घंटे बिजली संकट रहा। निराला नगर बिजली उपकेंद्र से संबंधित लाल कॉलोनी, डालीगंज क्रॉसिंग, सीएसआई कॉलोनी में एक घंटे बिजली संकट रहा।
महानगर के सेक्टर एफ और दाऊद बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत केबल में खराबी से बिजली संकट रहा। पुराने लखनऊ के मेहताबबाग, मेडिकल कॉलेज, बिजली उपकेंद्र घंटाघर में बारिश व आंधी के कारण बिजली संकट रहा। यहां तेज हवा बंद होते ही बिजली सामान्य हो गई।


