औरैया। कैला देवी से दर्शन कर लौटते समय सड़क हादसे में मरने वाले पांच लोगों में ऋषि की मौत का सदमा उसकी दादी की सगी बहन बर्दाश्त नहीं कर सकी। शुक्रवार सुबह अजीतमल क्षेत्र के प्रतापपुर गांव स्थित उसके घर की दहलीज पर दिल का दौरा पड़ गया। यह देख स्वजन पहुंचे और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल ले गए। जहां डा. अंशू ने मृत बता दिया। हार्ट अटैक से मौत होने की बात कही। यह सुनते ही सभी और बेहाल हो गए।
कैला देवी से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो गुरुवार रात आगरा के चित्राहट के गांव पई के पास सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार सवार पांच लोगों देवेंद्र, उनकी तीन वर्षीय बेटी आराध्या, पत्नी सीमा, पिता कांता प्रसाद व 20 वर्षीय ऋषि राजपूत की मौत हो गई। चार लोग इटावा निवासी थे। जबकि 20 वर्षीय ऋषि अजीतमल के प्रतापपुर गांव निवासी था।
ऋषि अपने चाचा रघुपति की कार लेकर चाचा के ससुराल नगला वर इटावा गया था। वहां से ननिहाल (चाचा के ससुराल के लोगों) के लोगों को लेकर कैला देवी के दर्शन कर लौट रहा था। स्वजन ने बताया कि ऋषि ने इस बार यूपी बोर्ड में 12 की बोर्ड परीक्षा दी थी। उसकी मौत का पता लगने पर उसकी दादी रामदेवी की सगी बहन करीब 75 वर्षीय सुखदेवी राजपूत निवासी गांव गिरधारीपुर अजीतमल स्वजन से मिलने गई थी।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे प्रतापपुर गांव पहुंची। जहां ऋषि की मौत के गम में पूरा परिवार व नाते-रिश्तेदार मकान के बाहर बैठे थे। ब्लाक प्रमुख रजनीश पांडेय, जिला पंचायत सदस्य सोनू सेंगर, बाबरपुर-अजीतमल नगर पंचायत चेयरमैन के पति अखिलेश चक, सभासदगण लाल जी गुप्ता , राहुल सेंगर, सत्यप्रकाश, ओ पी बाथम,, शिवेंद्र सेंगर, सोनू चौहान, समेत अन्य कई वरिष्ठ नागरिक व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
जैसे ही सुख देवी ने घर की दरवाजे के पास पैर रखा तभी सीने में दर्द हुआ। जब तक लोग कुछ समझ पाते वह जमीन पर गिर पड़ीं। जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया। जहां मौत हो जाने की पुष्टि चिकित्सकों ने की। यह सुन सुखदेवी के बेटे सुदंरम होटल मालिक अखिलेश व मान सिंह और अन्य लोग पहुंचे। घटना पता लगने पर पुलिस भी पहुंची थी।


