खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण दिल्ली में हवाई यातायात प्रभावित हुआ, जिससे 15 उड़ानों को लखनऊ एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों फ्लाइटें प्रभावित रहीं। यात्रियों को काफी परेशानी हुई, हालांकि मौसम सुधरने पर सभी उड़ानों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोलर एटीसी से अनुमति मिलने पर विमान को भोपाल डायवर्ट कर दिया गया। करीब 2:26 घंटे की देरी से सुबह 10:26 बजे भोपाल एयरपोर्ट लैंड हुआ। सूत्रों के अनुसार मैासम सामान्य होने के बाद विमान को वापस लखनऊ लाया गया। दोपहर करीब 12:30 बजे विमान दोनों मुख्यमंत्रियों को लेकर लखनऊ में लैंड हुआ।
तीन अंतरराष्ट्रीय, 12 घरेलू विमान लखनऊ में उतरे
दिल्ली में खराब मौसम और कम दृश्यता के चलते तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों सहित 15 विमान लखनऊ डायवर्ट किए गए। काठमांडू से दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की एआई-212, मस्कट से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की आईएक्स-164 व फुकेट से जाने वाली इंडिगो की 6ई-1082 लखनऊ डायवर्ट की गईं।
जबकि घरेलू उड़ानों में औरंगाबाद से जाने वाली इंडिगो की 6ई-6257, मुंबई से जाने वाली एयर इंडिया की एआई-2986, कोयंबटूर से जाने वाली इंडिगो की 6ई-2409, गुवाहाटी से जाने वाली आईएक्स-1042, हैदराबाद से जाने वाली एसजी-902 व 6ई-6025, जयपुर से जाने वाली इंडिगो की 6ई-663, 6ई-2376 व 6ई-101 एवं एयर इंडिया की एआई-895, बंगलुरु से जाने वाली इंडिगो 6ई-839 लखनऊ डायवर्ट की गई।
लखनऊ आने वाले विमान हवा में काटते रहे चक्कर
इसके अतिरिक्त खराब मैासम के चलते दिल्ली, हैदराबाद व चंडीगढ़ से लखनऊ आने वाली उड़ानों को भी लैंडिंग में दुविधाएं हुईं। विमानों में हवा में कई चक्कर काटने पड़े। मैासम ठीक होने पर लैंडिंग हुई। इंडिगो एयरलाइंस का दिल्ली से लखनऊ आने वाली 6ई-6476 को भोपाल डायवर्ट कर दिया गया, लेकिन हैदराबाद से लखनऊ आने वाली 6ई-179 व चंडीगढ़ से आने वाली 6ई-146 को हवा में कई चक्कर काटने पड़े, जिसके बाद लैंडिंग हो सकी।
ईस्ट एप्रन तैयार, रात में भी हाल्ट कर सकेंगे विमान
लखनऊ एयरपोर्ट पर ईस्ट एप्रन बनाया गया है। इस एप्रन के बन जाने से विमानों की पार्किंग आसान हो गई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि इसकी उपलब्धता के कारण ही नियमित ट्रैफिक को प्रभावित किए बगैर 15 अतिरिक्त विमानों को पार्किंग और अन्य तकनीकी सुविधाएं प्रदान की जा सकी। इसके अलावा ईस्ट एप्रन बन जाने से विमानों को रात में भी हाल्ट करवाया जा सकेगा। इससे एयरपोर्ट की क्षमता में वृद्धि हुई है।


