इटावा. समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के दूसरे बेटे प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन से पैतृक गांव सैफई में शोक की लहर देखने को मिल रही है. सड़कों पर सन्नाटा है और परिवार के सदस्य कुछ भी नहीं बोल रहे हैं. वहीं गांव के प्रधान रामफल वाल्मीकि ने उनके साथ बिताए पलों को साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव अपने बड़े भाई अखिलेश यादव को राजनीति के शिखर पर देखना चाहते थे.
सैफई गांव के प्रधान रामफल बाल्मिक ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा कि बचपन से प्रतीक यादव से उनका जुड़ाव रहा है. उनके बचपन को अच्छे से देखा है. नेताजी और साधना यादव के साथ प्रतीक सैफई आया करते थे. आज सुबह प्रतीक के निधन की सूचना. नेताजी और साधना यादव के बाद अब उनके बेटे प्रतीक यादव के ना रहने पर हर कोई दुखी है. तीन साल भीतर ही पूरा परिवार दुनिया से विदा हो गया. प्रतीक यादव से जुड़ी हुई स्मृतियों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि नेताजी के ना रहने के बाद उनके अंतिम संस्कार श्रद्धा और अन्य धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे.
प्रधान बताते हैं कि प्रतीक का ऐसा कहना था कि उन्हें राजनीति नहीं करनी है. राजनीति उनके बड़े भाई अखिलेश यादव ही करें और राजनीति में आगे बढ़ें. यही प्रतीक यादव की इच्छा थी.
प्रधान बताते हैं कि प्रतीक का ऐसा कहना था कि उन्हें राजनीति नहीं करनी है. राजनीति उनके बड़े भाई अखिलेश यादव ही करें और राजनीति में आगे बढ़ें. यही प्रतीक यादव की इच्छा थी.
साझा किए पुराने दिन
प्रधान बताते हैं कि नेताजी और साधना जी के साथ जब प्रतीक यादव का आना होता था, तब उनसे अच्छी बातचीत भी होती रही है. उन्होंने बताया कि प्रतीक यादव अपनी पत्नी अपर्णा और बच्चों के साथ पिछले साल आर्यन यादव की शादी में शामिल होने के लिए सैफई आए थे. हालांकि उनसे उनकी मुलाकात नहीं हुई थी. रामफल बाल्मिक प्रतीक यादव के निधन के बाद बेहद मायूस नजर आए. उन्होंने बताया कि नेताजी ओर प्रतीक से जुड़ी हुई स्मृतियों की लोग जरूर चर्चा कर रहे हैं.


