लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे पर अब यात्रियों को सफर के लिए टोल टैक्स देना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले महीने उद्घाटन किए गए इस एक्सप्रेसवे पर शुरुआती दिनों में लोगों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी, लेकिन अब यह छूट खत्म हो गई है।
करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाता है और प्रदेश के कई बड़े जिलों को जोड़ता है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद 15 मई तक वाहनों से कोई शुल्क नहीं लिया गया, लेकिन अब यूपीडा (UPEDA) की ओर से टोल दरें लागू कर दी गई हैं।
जारी दरों के मुताबिक, दोपहिया वाहन, तीन पहिया और ट्रैक्टर चालकों को प्रति किलोमीटर 1.28 रुपये टोल देना होगा। वहीं कार, जीप, वैन और अन्य हल्के मोटर वाहनों के लिए यह शुल्क 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है। सरकार का दावा है कि गंगा एक्सप्रेसवे से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा और व्यापार, पर्यटन व परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी। हालांकि टोल लागू होने के बाद अब यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ भी बढ़ेगा।
गौरतलब है कि मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जनपदों को जोड़ता है और इसे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। 15 दिन की टोल छूट दी गई थी। अब इस जाने वाले को टोल देना होगा।


