पंजाब डेस्क: हिमाचल प्रदेश के कसोल में शनिवार को पंजाब से गए युवकों द्वारा फायरिंग मामले में एक नया मोड़ सामन आया है। हिमाचल प्रदेश के कसोल में पंजाब के युवकों और स्थानीय लड़कों के बीच हुई फायरिंग की घटना अब सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। घटना की वीडियो वायरल होने के बाद मामले को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। जहां पुलिस ने पंजाब के 4 युवकों को गिरफ्तार किया है, वहीं सोशल मीडिया पर कई लोग इसे एकतरफा कार्रवाई बता रहे हैं।
दरसल ये पूरी घटना 31 मई की है, जहां पर पंजाब के तरनतारन का रहने वाला 29 वर्षीय मनप्रीत सिंह अपने 4 दोस्तों के साथ घूमने के लिए कसोल हिमाचल प्रदेश पहुंचा था। इसी दौरान 6 बजे होटल की पार्किंग में किसी बात को लेकर स्थानीय युवकों के साथ उनकी बहसबाजी हो गई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई और इस दौरान एक फायरिंग जिसमें एक युवक की गोली लग गई।
लेकिन इस मामले का दूसरा एंगल सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग सामने लाए है और सवाल खड़े कर रहे है, दरसल सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है की इस झगड़े के दौरान 5-6 स्थानीय युवकों ने मनप्रीत और उसके दोस्तों के साथ मारपीट की। आरोप है कि मनप्रीत को नीचे गिराकर पीटा गया और उसके दोस्त उसे बचाने की कोशिश करते रहे। इसी दौरान स्थिति बिगड़ती चली गई।
जिसके बाद खुद को बचाने के लिए मनप्रीत ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल निकाली, लेकिन धक्का-मुक्की के दौरान हथियार छीनने की कोशिश हुई और इसी बीच गोली चल गई। ये गोली राजस्थान निवासी युवराज नामक युवक के पैर में लगी। फायरिंग की आवाज सुनते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग वहां से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंजाब के 4 युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक युवक अभी फरार बताया जा रहा है। फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने SIT का गठन किया है। लेकिन अब यहां सबसे अहम बात ये है की जब गोली चली है तो पिस्तौल पर उस वक्त तीनो लड़कों के हाथ थे तो FIR पर सिर्फ पंजाबी युवक पर ही क्यों हुई।
वहीं इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि अगर झगड़ा दोनों पक्षों के बीच हुआ था तो स्थानीय युवकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। लोग इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार युवक ने फायरिंग अपने डिफेंस में की थी। अगर वह समय रहते अपने पिस्टल नहीं निकलाता तो कसौल निवासी कुछ युवकों ने उसे जान से मार देना था। फायरिंग के बाद से इन पंजाबी युवकों को हुल्लड़बाज कहा जा रहा था जिसका सच कुछ और ही निकला।


