नेशनल डेस्कः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ की 21 जून को फिर से होने वाली परीक्षा के सफलतापूर्वक आयोजन की जिम्मेदारी ली है और ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि पेपर लीक नहीं होगा, लेकिन यदि यह होता है तो फिर उनका इस्तीफा मांगा जाएगा।
संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति के प्रमुख सिंह ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के ”निकम्मेपन” से परेशान होकर परीक्षा की सारी जिम्मेदारी खुद ले ली है। उन्होंने समिति की बैठक के बाद यह भी कहा कि वह बैठक में हुई किसी बात पर टिप्पणी नहीं करेंगे। सिंह ने एक समाचार पोर्टल उस खबर की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए जिसमें कहा गया है कि उन्होंने समिति की बैठक में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके ‘सिस्टम’ पर भरोसा है।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मैं एक बात जानता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान के निकम्मेपन से प्रधानमंत्री इतने दुखी हैं कि उन्होंने अब सारी जिम्मेदारी खुद ले ली है। इसलिए पूरी जवाबदेही उनकी है। हमें पूरा भरोसा है कि यह (परीक्षा) ठीक तरह से होगी। अगर यहां भी लीक हो जाता है तो फिर हमें प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगना पड़ेगा।” सिंह ने समाचार पोर्टल की खबर के बारे में पूछे जाने पर कहा, ”उसका क्या स्रोत है? प्रधानमंत्री जी ने 21 जून को फिर से होने वाली नीट की परीक्षा के सफलतापूर्वक आयोजन की जिम्मेदारी ली है या नहीं ली है? उन्होंने यह जिम्मेदारी ली है।
हम उम्मीद कर रहे हैं कि कम से कम उनके तहत यह पेपर लीक तो न हो। अगर उनकी जिम्मेदारी में पेपर लीक होता है तो उनसे इस्तीफा मांगना पड़ेगा।” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”शिक्षा संबंधी स्थायी समिति ने प्रधानमंत्री या उनके ‘सिस्टम’ को कोई क्लीन चिट नहीं दी है और दिग्विजय सिंह ने उन पर अपना विश्वास व्यक्त नहीं किया है। अंग्रेजी भाषा की एक मीडिया रिपोर्ट सूत्रों के आधार पर शरारतपूर्ण खबरें फैला रही है जिनका एजेंडा सिर्फ गुमराह करना है।”
नके मुताबिक, दिग्विजय सिंह ने कहा है कि हमें सॉलिसिटर जनरल द्वारा सूचित किया गया है कि प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से नीट की फिर से होने वाली परीक्षा की निगरानी कर रहे हैं तथा अपने छात्रों की खातिर, हमें विश्वास करना चाहिए कि परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की जाएगी। कांग्रेस महासचिव ने दावा किया, ”किसी भी समझदार व्यक्ति के लिए प्रधानमंत्री और उनके ‘सिस्टम’ पर विश्वास करना असंभव है।
इस ‘सिस्टम’ ने 2024 नीट-यूजी पेपर लीक की जांच को विफल कर दिया। यह ‘सिस्टम’ इस बात से इनकार करता रहा है कि नीट-यूजी 2026 का पेपर लीक हुआ था, जबकि सच्चाई सबके सामने है। इस ‘सिस्टम’ ने न केवल उच्च शिक्षा में परीक्षा प्रशासन को बर्बाद कर दिया है, बल्कि सीबीएसई में भी ऐसा किया है।” रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार और उसकी शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से अक्षम, भ्रष्ट और अहंकारी के रूप में बदनाम और बेनकाब हो चुकी है तथा अब यह संदर्भ से परे उद्धरणों, अफवाहों और फर्जी खबरों पर भरोसा कर रही है।


