इटावा। कृपालपुर के ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय किसान भट्ठा पर ईंट की थपाई के लिए 20 हजार रुपये में प्रति बीघा के हिसाब से मिट्टी उठवाते हैं। 20 हजार रुपये में खेत में एक फीट मिट्टी उठाई जाती है। जिला प्रशासन के नियम के तहत एक खेत से करीब तीन फीट तक मिट्टी उठाई जाती है। इस हिसाब से एक किसान को प्रति बीघा के हिसाब से 60 हजार रुपये मिल जाते हैं। वहीं, कुछ किसान थोड़े रुपये के लालच में चार से पांच फीट तक मिट्टी उठवा देते हैं। इससे भट्ठों के आसपास ऐसे कई गड्ढे बारिश के दिनों में मौत के तालाब बन जाते हैं।कृपालपुर निवासी कौशल ने बताया कि ईंट-भट्ठा मालिक को खेत से तीन फीट मिट्टी उठाने के आदेश होते हैं। वहीं, मजदूर ईंटों की थपाई के लिए बार-बार पानी की जरूरत पड़ने पर खेत में ही तीन फीट के अलावा बीचोंबीच पांच या इससे अधिक गहरा गड्ढा कर पानी भर देते हैं। दो दिन से हो रही बारिश से खेत में काफी पानी भर गया।
Etawah News: खोदना था गड्ढा, बना दिया मौत का तालाब
मृतक के परिजन ने घटना के बाद ईंट भट्ठा के मुनीम व मजदूरों पर बच्चों को पत्थर फेंककर भगाए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि बच्चों को भगाने के लिए छोटे-छोटे पत्थर के टुकड़े फेंकने पर वह घबराकर भागने लगे। इससे उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गए। परिजन ने इस मामले की जांच करवाकर कार्रवाई की मांग की है।


