इटावा। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे आई आंधी और बारिश ने जिलेभर में भारी तबाही मचाई। करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने बिजली व्यवस्था को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया। जिले में लगभग 350 बिजली के पोल धराशायी हो गए, 20 से अधिक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त और 207 से अधिक पेड़ उखड़कर सड़कों व बिजली लाइनों पर गिर पड़े। इसके चलते शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक 500 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई स्थानों पर 24 घंटे से अधिक समय तक लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हुए।आंधी के शुरू होते ही बिजली निगम ने एहतियात के तौर पर जिले की आपूर्ति बंद कर दी। मौसम शांत होने के बाद रात करीब साढ़े नौ बजे से पेट्रोलिंग शुरू की गई। शहर में फ्रेंड्स कॉलोनी उपकेंद्र सहित तीन अन्य उपकेंद्रों की आपूर्ति रात करीब 1:50 बजे बहाल हो सकी। सुंदरपुर बिजलीघर से जुड़े तकिया मोहल्ला क्षेत्र में फॉल्ट आने के कारण पंजाबी कॉलोनी, बस स्टैंड समेत कई इलाकों में बिजली रात ढाई बजे के बाद आई। वहीं विजयनगर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर में कम वोल्टेज की समस्या के कारण सुबह साढ़े चार बजे तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। शहर के आधे हिस्से में करीब सात घंटे बाद बिजली आई जबकि कई मोहल्लों में पूरी रात आपूर्ति ठप रही।
Etawah News: 350 पोल धराशायी, लाइनों पर गिरे 207 पेड़, 500 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ध्वस्त
चकरनगर। क्षेत्र में आंधी का असर सबसे अधिक ग्रामीण इलाकों में दिखाई दिया। ग्रामीण फीडर के 25 बिजली पोल टूटने से फूटाताल, कंधेसीघार, कंधेसी अड्डा, जगतोली, नगला मथुरी, राजपुर, बछेड़ी, खिरीटी, रानियां और गोहानी सहित 15 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिठौली, हनुमंतपुरा और भरेह उपकेंद्र क्षेत्रों में भी कई पोल टूट गए। उदी-भरेह मार्ग पर एक ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गया। फूटाताल गांव में विमल सिंह के मकान की दीवार पर पेड़ गिरने से नुकसान हुआ जबकि गांव का ट्रांसफार्मर भी धराशायी हो गया। नगला महानंद में दो बिजली पोल टूट गए और दो विशाल नीम के पेड़ गिर गए। इंद्रेश सिंह यादव के मकान पर पेड़ गिरने से छत क्षतिग्रस्त हो गई। नगला चौप निवासी सुरजीत यादव के गेस्ट हाउस की बाउंड्रीवॉल भी टूट गई। एसडीओ अजय पाल गौतम ने बताया कि क्षेत्र में कुल 40 पोल और पांच ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। मरम्मत कार्य जारी है लेकिन सोमवार शाम तक 13 गांवों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।


