London: दुनिया के सबसे पुराने भारतीय रेस्तरां में से एक, ‘वीरास्वामी’ ने लंदन स्थित अपने जाने-माने ठिकाने से जबरन हटाए जाने के खिलाफ भारत सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। इस रेस्तरां में महात्मा गांधी भी आ चुके हैं। ‘मिशेलिन-स्टार’ श्रेणी के इस रेस्तरां की शुरुआत मार्च 1926 में रीजेंट स्ट्रीट पर स्थित ‘विक्ट्री हाउस’ में हुई थी, और इसने हाल ही में अपने 100 साल पूरे होने का जश्न मनाया है। अब यह रेस्तरां महीने के अंत में अपने पट्टे को लेकर कानूनी लड़ाई का सामना करने जा रहा है। इमारत के मालिक ‘क्राउन एस्टेट’ का कहना है कि “व्यापक नवीनीकरण” की जरूरतों के कारण वह इस ऐतिहासिक रेस्तरां के पट्टे का नवीनीकरण करने में असमर्थ है।
मथरानी ने कहा, ”आखिरकार वीरास्वामी भारत से बाहर निर्यात की गई पाक कला विशेषज्ञता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।” इस सप्ताह की गई यह नयी अपील फरवरी में बकिंघम पैलेस को सौंपी गई उस ऑनलाइन याचिका के बाद आई है, जिस पर 20,000 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर किंग चार्ल्स तृतीय से “वीरास्वामी को बचाने” की गुहार लगाई थी। हालांकि ‘विक्ट्री हाउस’ ब्रिटिश राजा की संपत्ति का हिस्सा है, लेकिन इसके प्रबंधन और ब्रिटेन के खजाने के लिए मुनाफा कमाने की जिम्मेदारी ‘क्राउन एस्टेट’ के पास है।
वीरास्वामी रेस्तरां के स्वामित्व वाले समूह ‘एमडब्ल्यू ईट’ के रणजीत मथरानी ने कहा, ”इस अंतिम समय में भी हम भारत सरकार से अनुरोध करेंगे कि वह भारतीय व्यंजनों के पक्ष में हस्तक्षेप करने पर विचार करे। भारतीय व्यंजन ब्रिटेन में देश का सांस्कृतिक ताकत (सॉफ्ट पावर) हैं।” उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और जल्द ही लागू होने वाले मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को देखते हुए लंदन के केंद्र से भारतीय इतिहास के एक हिस्से को गायब होते देखना बेहद निराशाजनक होगा।


