नेशनल डेस्क: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित नजर आ रहा है। खराब लाइफस्टाइल, तनाव, अनियमित खानपान और बढ़ते काम के दबाव के बीच लोग खुद को फिट रखने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जो लोग खुद को पूरी तरह स्वस्थ मानते हैं, वे भी हृदय संबंधी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। हाल ही में हृदय रोग संस्थान की एक केस स्टडी में ऐसा ही हैरान करने वाला खुलासा सामने आया है।
गिरती शारीरिक फिटनेस खराब जीवनशैली का संकेत
रिसर्च में सामने आया है कि दिल की जांच रिपोर्ट सामान्य है, ईसीजी और ईको में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं दिखती, फिर भी हर दूसरा युवा ट्रेडमिल पर दो से पांच मिनट भी नहीं टिक पा रहा है। हृदय रोग संस्थान की केस स्टडी में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। 45 वर्ष तक की उम्र के 45 प्रतिशत युवा टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट) में असफल हो रहे हैं। विशेषज्ञ इसे हृदय रोग नहीं, बल्कि तेजी से गिरती शारीरिक फिटनेस और खराब जीवनशैली का संकेत मान रहे हैं।
25 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवा सांस फूलने, बेचैनी जैसे अन्य विमारी के हो रहे शिकार
कानपुर में हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) ने छह महीनों में 4200 लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण का अध्ययन किया। इनमें बड़ी संख्या में 25 से 45 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे लोग शामिल थे जो सीने में भारीपन, तेज धड़कन, सांस फूलने, बेचैनी और बीपी बढ़ने जैसी शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंचे थे। प्रारंभिक जांच में अधिकांश लोगों की ईसीजी, ईको और एंजियोग्राफी रिपोर्ट सामान्य मिली। इसके बाद उनकी फिटनेस और हृदय की कार्यक्षमता का पता लगाने के लिए टीएमटी कराया गया।
खुद को स्वस्थ समझने वाले भी हो रहे फेल
अध्ययन में सामने आया कि कई ऐसे भी रहे जो खुद को स्वस्थ समझने की गलतफहमी में जी रहे थे। विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य फिटनेस वाले व्यक्ति को कम से कम आठ से 12 मिनट तक टीएमटी सहन करने में सक्षम होना चाहिए।
बदलती जीवनशैली दिक्कत का प्रमुख कारण
संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ उमेश्वर पांडेय कहते हैं कि समस्या का सबसे बड़ा कारण बदलती जीवनशैली है। दफ्तर और घर में लंबे समय तक बैठे रहना, पैदल चलने की आदत का कम ‘होना, नियमित व्यायाम से दूरी, तनाव से युवाओं की फिटनेस को प्रभावित कर रहे है।
टीएमटी के आगे एकन चली, माननी पड़ी हार
ट्रांसपोर्ट नगर निवासी 32 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल सीने में घबराहट की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे। उनकी ईसीजी और ईको रिपोर्ट सामान्य थी, लेकिन टीएमटी के दौरान वह तीन मिनट भी पूरा नहीं कर सके। उनका वजन सामान्य से अधिक था और शारीरिक गतिविधि लगभग शून्य थी।
इन टिप्स पर 1 करें अमल
- रोज 30 से 45 मिनट तेज चाल से पैदल चले
- सप्ताह में पांच दिन नियमित व्यायाम या 2 कार्डियो गतिविधि करें
- 3 वजन और कमर की बढ़ती परिधि पर नियंत्रण रखें
- 4 प्रतिदिन सात से आठ घंटे की नींद लें


