लखनऊ। गर्मी के कारण मजदूरी जहां महंगी हो गई है, वहीं निर्माण सामग्री के दामों में उछाल फिर आया है। वहीं सीमेंट कंपनियां डीलरों पर लगातार सीमेंट के दाम बढ़ाने का दबाव बना रही है।
माना जा रहा है कि जल्द ही सीमेंट के दाम अभी और बढ़ने तय हैं। इसके अलावा बालू, मौरंग, गिट्टी के दाम में बढ़ोत्तरी जारी है। वहीं ईरान अमेरिका युद्ध के कारण पेंट, तारपीन, रंग रोगन का सामान पहले ही तीस से चालीस प्रतिशत तक महंगा हो चुका है। महंगाई बढ़ने के कारण बाजार में जहां ग्राहक कम हो गए हैं, वहीं नए मकान बनाने वाले बाजार में कम हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश सीमेंट व्यापार संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्याममूर्ती गुप्ता ने बताया कि खुदरा में सीमेंट की डिमांड तीस से चालीस प्रतिशत कम है। माल डीलरों के यहां डंप पड़ा है। कंपनियां लगातार डीलरों पर कोटा बढ़ाने का दबाव बना रही है और बाजार में खुदरा व्यापारी कह रहे हैं कि बाजार में ग्राहक नहीं है। उन्होंने बताया कि सीमेंट और स्टील कंपनियों ने पीछे काफी दाम बढ़ा दिए थे। अब फिर सीमेंट कंपनियां बीस रुपए प्रति बोरी मूल्य वृद्धि लागू करना चाह रही हैं लेकिन अभी बढ़त लागू नहीं हो पाई।
वहीं पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतें और दूसरी ओर खदानों के धीमे धीमे बंद हो जाने के कारण बालू, मौरंग और गिट्टी के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। गुप्ता के मुताबिक करीब बीस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। बता दें कि मौरंग, बालू की डंपिंग करने वाले ही माल बढ़ाकर ज्यादा बेच रहे हैं।


