नेता जी ने लिया वाहवाही, पहले से समझते जनसमस्या तो कैसे होते किसान समस्या ग्रस्त, जनप्रतिनिधि सही हो तो सही रहते हैं जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी
अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस में सोमवार को विधायक ने सुनीं किसानों की समस्याएं, समाधान का दिया आश्वासन, समस्या का होगा समाधान, या सिर्फ आश्वासन, आश्वासन ही रह जाएगा तहसील परिसर से फाइल चोरी व राजस्व से जुड़े मामलों को लेकर किसानों ने अपनी आवाज उठाई, आज प्रशासनिक अधिकारियों की जगह विधायक जी ने ले लिया क्यों चुनाव आने वाले हैं, सच तो है कि यदि विधायक जी किसानों की समस्याओं को पहले ही बिना मांग के नजर में जमाए रहते और किसानों को समस्याओं का सामना करना ही पडता तो अज किसानों का आनंद कुछ और तरीके का होता, एक जनप्रतिनिधि जनता का सेवक होता है, मतलब जनता के परिवार का मुखिया होता है और परिवार के मुखिया को यह हमेशा संज्ञान में रखना चाहिए कि हमारे परिवार के किसी भी सदस्य को किसी प्रकार का सामना न करना पडे, और ऐसा करने से परिवार के अन्य सदस्य अपने मुखिया को पलकों पर बैठाए रखेंगे, लेकिन आज कल कोई भी जनप्रतिनिधि जनता को अपने परिवार का सदस्य नहीं समझता, सब स्वार्थ सिद्ध करते रहते हैं जनता अधिकारियों के पास शिकायतें लेकर समाधान के लिए जाती है और ये हमारे नेता वाहवाही लूटने के लिए अधिकारियों पर दिखावटी दबाव बनाते हैं ताकि जनता उनको समय समय पर वोट करती रहे। जनता भी दिखावटी लहरों में बह जाती है इन नेताओं को समझ नहीं पाती, सच तो है कि सरकार द्वारा चुनाव कराए जाते हैं तो उस समय कहा जाता है कि राज्य में चार चरणों में मतदान संपन्न होंगे लेकिन हकीकत ये है कि मतदान तो हमेशा दो चरणों में ही होते हैं पहला नेता जी जनता के चरणों में और दूसरा पांच साल तक जनता नेता जी के चरणों में यही हकीकत है। और एक कडुआ सच ये भी है कि यदि नेताओं के विरुद्ध कोई जानकार आवाज उठाता है या पत्रकार लेखनी चलाता है तो या तो फर्जी मुकदमे का शिकार बनाया जाता है या फिर किसी अन्य तरीके से उसकी आवाज को दबा दिया जाता है, और जब जनहित में ऐसे कार्य करने वाले जागरूक ब्यक्ति अथवा पत्रकार को जान की आफत आती है तो यही जनता सबसे पहले अपने हितैषी से इस कदर दूर हो जाती है कि जैसे ओ अपने इस हमदर्द को जानती ही नहीं, यही कारण है कि अब पत्रकार वंधु बहुत सोच समझकर अपनी लेखनी का उपयोग करते हैं।


