नई दिल्ली। स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह कई महत्वपूर्ण फैक्टर्स से तय होगी। विश्लेषकों का कहना है कि कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजे, पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा बाजार की चाल को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति, खरीफ फसलों की बुवाई की स्थिति और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार के लिए प्रमुख संकेतक रहेंगी।
ये फैक्टर्स होंगे अहम
रिलायंस ब्रोकिंग के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजित मिश्रा ने कहा कि इस सप्ताह घरेलू कंपनियों के तिमाही परिणाम, घरेलू मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़े और वैश्विक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि मानसून और खरीफ बुवाई पर निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि इनका असर ग्रामीण मांग, खाद्य महंगाई और भारतीय रिजर्व बैंक की भविष्य की नीतियों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक स्तर पर निवेशक पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों तथा जोखिम वाली परिसंपत्तियों पर पड़ने वाले प्रभाव पर करीबी नजर रखेंगे।’’
कई कंपनियों के आएंगे नतीजे
इस सप्ताह कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही परिणाम जारी करेंगी। इनमें इन्फोसिस, वन97 कम्युनिकेशंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, बजाज ऑटो, अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी पावर, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि., डॉ. रेड्डीज लैब, इंडसइंड बैंक, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, नेस्ले इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि इस सप्ताह निवेशकों का ध्यान मुख्य रूप से पश्चिम एशिया की स्थिति पर रहेगा। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी आने से बाजार में सकारात्मक माहौल बन सकता है, जबकि सैन्य तनाव बढ़ने या होर्मुज से आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है।


