लखनऊ में UPSSSC की जूनियर असिस्टेंट भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़क पर दिखा। 5512 पदों की भर्ती का अंतिम परिणाम 4 साल बाद भी जारी नहीं हुआ है। इसे लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी गोमतीनगर स्थित पिकप भवन पहुंचे। तेज बारिश के बावजूद अभ्यर्थी प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई।
अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद वे अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने जल्द नियुक्ति देने की भी मांग की। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को अब और लंबा न खींचा जाए। 5512 पदों का अंतिम परिणाम जल्द जारी कर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाए।
प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए…


2022 से शुरू हुई भर्ती, चार साल में कई चरण पूरे
अभ्यर्थियों के हाथ में मौजूद टाइमलाइन के मुताबिक जूनियर असिस्टेंट के 5512 पदों की भर्ती प्रक्रिया लंबी खिंचती चली गई। पोस्टर में सबसे पहले अक्टूबर 2022 में UPSSSC PET, इसके बाद 4 अगस्त 2022 को भर्ती विज्ञापन, 24 मार्च 2024 को शॉर्टलिस्टिंग और 29 जून 2024 को लिखित परीक्षा का उल्लेख है।
इसके बाद आयोग की ओर से 7 अक्टूबर 2025 को टाइपिंग की कटऑफ और 8 अक्टूबर 2025 को टाइपिंग परीक्षा की तारीख जारी की गई। टाइपिंग परीक्षा 23 नवंबर से 17 दिसंबर 2025 तक चली।
टाइपिंग के बाद रिजल्ट, फिर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
अभ्यर्थियों की ओर से लगाए गए पोस्टर में टाइपिंग परीक्षा के बाद 25-26 फरवरी 2026 को परिणाम जारी होने का उल्लेख किया गया है। इसके बाद 8 मई 2026 से 8 जुलाई 2026 तक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का चरण पूरा होने की जानकारी दी गई है।
अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब भर्ती प्रक्रिया के लगभग सभी प्रमुख चरण पूरे हो चुके हैं तो अंतिम परिणाम जारी करने में अब और कितना समय लगेगा। उनका कहना है कि लंबे समय से तैयारी और परीक्षा प्रक्रिया में समय लगाने के बाद अब नियुक्ति का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
बारिश में भी नहीं पीछे हटे अभ्यर्थी
मंगलवार को लखनऊ में तेज बारिश के बीच अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बारिश और खराब मौसम के बावजूद वे अपनी मांग को लेकर आयोग के सामने पहुंचे हैं। अभ्यर्थियों ने आयोग से भर्ती का अंतिम परिणाम जल्द जारी करने और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 5512 पदों की भर्ती को चार साल से अधिक समय बीत चुका है। लिखित परीक्षा, टाइपिंग और दस्तावेज सत्यापन जैसे चरण पूरे होने के बाद भी अंतिम परिणाम का इंतजार उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। अब वे आयोग से स्पष्ट समयसीमा के साथ परिणाम जारी करने की मांग कर रहे हैं।


