वाशिंगटन (सरबजीत सिंह बनूर): एक अमेरिकी संघीय अपील अदालत ने सिख, क्वेकर और बैपटिस्ट समुदायों से संबंधित धार्मिक स्थलों पर या उसके आसपास अधिकारियों द्वारा आव्रजन संबंधी गिरफ्तारियों पर प्रतिबंध को बरकरार रखा है।
तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई के डर से प्रवासी तीर्थयात्रियों की उपस्थिति कम हो गई है, जिससे उनकी धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित होती है। यह मामला कैलिफोर्निया के गुरुद्वारा साहिब वेस्ट सैक्रामेंटो, एक बैपटिस्ट फेलोशिप और छह क्वेकर संगठनों द्वारा दायर याचिका से संबंधित है। अदालत ने आदेश दिया है कि मामले में अंतिम निर्णय आने तक इन धार्मिक स्थलों पर पुराने सुरक्षा दिशानिर्देश लागू रहेंगे। इस फैसले को धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक बड़ी जीत बताया गया।


