लखनऊ। UP Vridhavastha Pension Scheme | उत्तर प्रदेश के लाखों बुजुर्गों के लिए राहत भरी खबर है। योगी सरकार ने बुजुर्गों की पेंशन का नियम बदलते हुए नई किस्त व्यवस्था लागू कर दी है, जिसके तहत अब तीन महीने की कुल 3,000 रुपये की पेंशन राशि एक साथ मिलने के बजाय दो बराबर किस्तों (1500 और 1500) में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।सितंबर 2026 के दूसरे सप्ताह से राज्य के कई जिलों में इस नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों के खातों में पैसे आने शुरू हो गए हैं। सरकार की ओर से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे बुजुर्गों के खातों में पेंशन का पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है।
हालांकि, कई बार देखने में आता है कि सरकार की तरफ से पैसा जारी होने के बावजूद बहुत से बुजुर्गों के बैंक खातों में पेंशन की राशि नहीं पहुंच पाती। ऐसे में बुजुर्ग परेशान होकर दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हो जाते हैं।
UP Old Age Pension 2026 | अगर आपके खाते में भी इस बार पेंशन का पैसा नहीं आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे या अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र जाकर कुछ जरूरी काम करा लें, जिससे आपकी रुकी हुई पेंशन तुरंत खाते में आ जाएगी।
आइये सबसे पहले ये समझते हैं कि खाते में पैसा न पहुंचने के क्या कारण हैं-
खाते में पैसा न आने के मुख्य कारण-
- समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पेंशन का पैसा न अटकने का सबसे बड़ा कारण डॉक्यूमेंट्स का अपडेट न होना है। जैसे कि सरकार ने पेंशन में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। जिन लाभार्थियों ने अभी तक बायोमीट्रिक या ओटीपी के जरिए ई-केवाईसी नहीं कराया है, उनकी किस्त रोक दी गई है।
- पेंशन का पैसा अब केवल DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) मोड से भेजा जाता है। अगर आपका बैंक खाता आपके आधार कार्ड से सीडेड (लिक्ंड) नहीं है, तो पैसा खाते में नहीं आएगा।
- इसके अलावा बैंक खाते में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) मैपिंग एक्टिव न होना भी एक बड़ी वजह है।
- नाम, स्पेलिंग, आईएफएससी कोड या बैंक खाता संख्या में कोई छोटी सी गलती होने पर भी भुगतान अटक जाता है।


