Washington: अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने विदेशी विद्यार्थियों और पत्रकारों के अमेरिका में पढ़ाई या काम करने की समयसीमा पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के नए नियम पर अंतरिम रोक लगा दी है। मैसाचुसेट्स जिला न्यायाधीश के सोमवार को आए इस फैसले से भारतीय छात्रों सहित अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह आदेश नियम के लागू होने से ठीक एक दिन पहले जारी किया गया। न्यायाधीश ने सरकार के इन दावों को खारिज कर दिया कि देश की सुरक्षा के लिए यह नियम आवश्यक है। उन्होंने फैसला सुनाया कि नई नीति से अमेरिकी अर्थव्यवस्था व उच्च शिक्षा प्रणाली को ”विनाशकारी” क्षति पहुंचने का अंदेशा है। न्यायाधीश एफ. डेनिस सेलोर ने सरकार की उस दलील को भी खारिज कर दिया जिसमें राहत को केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित रखने और पूरे देश में लागू न करने की बात कही गई थी।
अदालत में मामले की सुनवाई जारी रहने तक प्रारंभिक स्थगन आदेश के जरिए नए नियम के कार्यान्वयन को रोक दिया गया है। न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाकर्ता लगभग 600 सार्वजनिक और निजी संस्थानों का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन अमेरिका में 5,000 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थान हैं। न्यायाधीश सेलोर ने फैसला दिया कि केवल संबंधित पक्षों तक राहत को सीमित रखने के लिए समानांतर नियामक व्यवस्था बनाए रखनी होगी और बार-बार यह निर्धारित करना पड़ेगा कि कोई विशेष छात्र या संस्थान इस आदेश के दायरे में आता है या नहीं, जिससे परस्पर विरोधी फैसले आ सकते हैं। जुलाई में ट्रंप प्रशासन के जिस नियम को अंतिम रूप दिया गया था, उसमें छात्र और ‘एक्सचेंज विजिटर वीजा’ के लिए चार साल की समय-सीमा तय की गई है।भारतीय छात्रों के लिए क्यों अहम है फैसला?
अमेरिका भारतीय विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एक बड़ा केंद्र है। बड़ी संख्या में भारतीय छात्र मास्टर डिग्री, शोध और पीएचडी कार्यक्रमों में दाखिला लेते हैं। ऐसे में चार साल की कठोर समयसीमा और वीजा विस्तार की अनिश्चित प्रक्रिया उनके लिए पढ़ाई पूरी करने, शोध जारी रखने और आगे के पेशेवर विकल्पों को प्रभावित कर सकती थी। ‘एक्सचेंज विजिटर वीजा’ अमेरिका का एक प्रकार का गैर-आप्रवासी वीजा है, जो ऐसे लोगों को दिया जाता है जो शैक्षणिक, सांस्कृतिक या पेशेवर कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका आते हैं। इसके अलावा, चीन को छोड़कर अन्य देशों के पत्रकारों के वीजा के लिए 240 दिन की सीमा निर्धारित की गई थी। अब स्थगित हो चुके इस नियम के अनुसार चीन के मीडियाकर्मियों के लिए जारी वीजा की अवधि 90 दिन की तय की गई है। ये नए नियम मंगलवार से लागू होने थे। इस नियम के तहत छात्रों और पत्रकारों को वीजा अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन करने की अनुमति तो थी, लेकिन इसकी मंजूरी पूरी तरह से गृह सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के विवेक पर निर्भर थी और अवधि बढ़ाने के आवेदन के खारिज होने पर अपील करने का कोई प्रावधान नहीं था।


