Jhansi News: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से हाल ही में आई एक छात्रा की संदिग्ध मौत की खबर ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।शुरुआत में गुरसरांय की रहने वाली बीए की इस छात्रा के परिजनों ने आधा दर्जन (6) युवकों पर गैंगरेप का संगीन आरोप लगाया था। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ी, कहानी में एक अलग ही मोड़ आ गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में गैंगरेप की बात सामने नहीं आई है, बल्कि मामला किसी और ही तरफ इशारा कर रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मामले की शुरुआत 22 सितंबर को हुई, जब गुरसरांय के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से पुलिस को खबर मिली कि जहरीला पदार्थ खाने की वजह से एक छात्रा की अस्पताल लाते-लाते मौत हो चुकी है। उस वक्त गमजदा और गुस्साए परिवार की तहरीर पर पुलिस ने आनन-फानन में 6 नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जब गहराई से छानबीन शुरू की, तो 2 नाबालिग आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। इसके अलावा बाकी 4 नामजद युवकों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जांच अधिकारी जब कड़ियों को जोड़ने लगे, तो पता चला कि घटना से 2 दिन पहले यानी 20 सितंबर को 2 नाबालिग लड़के फ्री फायर गेम खेलने के बहाने बाहर निकले थे। रास्ते में ही उनकी मुलाकात इस छात्रा से हुई। पुलिस के मुताबिक, इनमें से एक नाबालिग लड़का छात्रा को लेकर एक कमरे में गया, जबकि उसका दूसरा साथी बाहर पहरा देता रहा। पूछताछ के दौरान हिरासत में लिए गए एक आरोपी ने छात्रा के साथ संबंध बनाने की बात कुबूल कर ली है।
घटनास्थल का मुआयना करने पहुंची फोरेंसिक और पुलिस टीम के हाथ एक इस्तेमाल किया हुआ कंडोम लगा है, जिसे सील कर डीएनए (DNA) मिलान के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेज दिया गया है। झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विकास कुमार ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर कोई भी बाहरी या अंदरूनी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत की असल वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है, जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया है। इसके साथ ही, पुलिस ने आरोपियों और मृतका से जुड़े सभी मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। डिजिटल एविडेंस की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक किसी भी फोन से कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं मिला है।
बताया जा रहा है कि अब पुलिस की जांच एक नए एंगल पर टिक गई है। आशंका जताई जा रही है कि जब इस मुलाकात की भनक गांव में धीरे-धीरे फैलने लगी, तो समाज और बदनामी के डर से घबराकर छात्रा ने यह जानलेवा कदम उठा लिया होगा। पुलिस फिलहाल उन तमाम परिस्थितियों को खंगाल रही है, जिन्होंने छात्रा को खुदकुशी के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया। हालांकि, एसएसपी ने साफ कर दिया है कि शुरुआती जांच के आधार पर नामजद 4 अन्य लोगों को अभी कोई क्लीन चिट नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही विसरा, डीएनए और डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट आएगी, पूरी तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।


