Tuesday, October 6, 2026
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यूपी: अब मरीज जान सकेंगे अस्पताल ने दवा कितने में खरीदी, कितने में बेची; क्यूआर स्कैन कर सब पता चलेगा

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अस्पतालों की फार्मेसी में दवाओं की कीमत को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल परिसर या भर्ती मरीजों के लिए संचालित फार्मेसियों को अपनी वेबसाइट पर दवाओं की खरीद और मरीज को बिक्री कीमत की जानकारी देनी होगी। मरीज या उनके परिजन क्यूआर कोड स्कैन कर यह जानकारी मोबाइल पर देख सकेंगे।अस्पताल फार्मेसियों को वेबसाइट पर दवा के निर्माता, ब्रांड, जेनरिक नाम, प्राइस टू रिटेल (पीटीआर) और प्राइस टू कंज्यूमर (पीटीसी) बताना होगा। पीटीआर वह कीमत है जिस पर फार्मेसी ने निर्माता या मार्केटर से दवा खरीदी है, जबकि पीटीसी वह कीमत है जिस पर मरीज को दवा दी जा रही है। यह व्यवस्था दवाओं के साथ मेडिकल डिवाइस और न्यूट्रास्युटिकल्स पर भी लागू होगी।

हर रिटेल फार्मेसी को बनानी होगी वेबसाइट

एफएसडीए के निर्देश के मुताबिक सभी रिटेल फार्मेसियों को पब्लिक वेबसाइट बनानी होगी। इसमें फार्मेसी का नाम, लाइसेंस नंबर, लाइसेंस धारक का नाम और परिसर का पता देना होगा।  फार्मेसी या अस्पताल के फार्मासिस्ट का नाम, पंजीकरण नंबर और फोटो भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराना होगा। स्टॉक की जानकारी हर सप्ताह अपडेट करनी होगी। वेबसाइट का यूआरएल और क्यूआर कोड फार्मेसी काउंटर पर प्रमुखता से लगाना होगा।

इसलिए व्यवस्था बदलने की कवायदएफएसडीए की हालिया जांच में अस्पतालों की 214 फार्मेसियों से मिले आंकड़ों में 130 दवाओं का विश्लेषण किया गया। इनमें 36 दवाओं की एमआरपी खरीद कीमत से 10 गुने से ज्यादा थी। कुछ मामलों में अंतर 67 गुना तक मिला। मसलन, पॉलिमिक्सिन-बी इंजेक्शन की खरीद कीमत 74.09 रुपये और एमआरपी 4,980.94 रुपये मिली।

विभाग के मुताबिक, कई मामलों में निर्माता, मार्केटिंग फर्म और स्टॉकिस्ट अस्पतालों को एमआरपी से काफी कम दर पर दवाएं उपलब्ध करा रहे थे, लेकिन मरीजों तक इस छूट का पूरा लाभ पहुंचने पर सवाल उठे। इसी वजह से खरीद और बिक्री कीमत सार्वजनिक करने की व्यवस्था की जा रही है।

यूपी: पश्चिमी विक्षोभ की प्रदेश में हुई वापसी, दो दिनों तक इन जिलों में बारिश-ओले गिरने की चेतावनी; गिरा पारा

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उत्तर प्रदेश में अक्तूबर के पहले हफ्ते में मौसम ने अचानक करवट लिया है। सोमवार को तराई और पूर्वांचल के कई जिलों में सुबह से बादल सक्रिय दिखे। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई और शाम तक अयोध्या, बाराबंकी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई।

अयोध्या और प्रतापगढ़ में हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। प्रतापगढ़ में ओले गिरने की भी सूचना मिली। बारिश और हवाओं से तापमान में गिरावट आई और मौसम में ठंडक घुल गई।मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव का असर इस पूरे सप्ताह बना रहेगा। गरज-चमक और बारिश के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस मौसमी बदलाव का असर अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की संभावना है। दो से तीन दर्जन जिलों में तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।

ट्रफ रेखा और पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला है माैसम

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि एक ट्रफ लाइन उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होते हुए बिहार, झारखंड और बंगाल तक बनी है। इसके साथ वातावरण में नमी और दिन में हो रही हीटिंग तथा सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के संयोग से मौसम में बदलाव आया है। इन मौसमी परिस्थितियों से बादल सक्रिय हुए और प्रदेश में बारिश व तेज हवाओं का दौर शुरू हुआ है।

बीमा कंपनी को झटका, ब्याज समेत लौटाने होंगे 58 हजार रुपये

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औरैया। स्वास्थ्य बीमा के तहत इलाज के बाद 58,145 रुपये की प्रतिपूर्ति नहीं करने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को रकम ब्याज समेत लौटाने के आदेश दिए हैं।शहर के पुराने बजाजा निवासी अर्पण कुमार पुरवार ने स्वयं, पत्नी और बेटे के लिए पांच लाख रुपये के कवर वाली स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी। इसके लिए 15,617 रुपये प्रीमियम जमा किया था। अक्तूबर 2024 में कानपुर के फॉर्च्यून अस्पताल में इलाज के दौरान 58,145 रुपये खर्च हुए। कैशलेस उपचार से इन्कार के बाद अर्पण ने प्रतिपूर्ति का दावा किया, जिसे कंपनी ने खारिज कर दिया।

आयोग ने पॉलिसी, अस्पताल के बिल, दवाओं, जांच और अन्य दस्तावेजों के आधार पर अर्पण का दावा सही माना। आयोग ने कंपनी को निर्णय की तारीख से 45 दिन के भीतर 58,145 रुपये देने के साथ परिवाद दाखिल करने की तारीख से भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया। इसके अलावा कंपनी को दो हजार रुपये मुकदमा खर्च और दो हजार रुपये मानसिक व शारीरिक कष्ट के लिए देने होंगे। निर्णय 28 सितंबर को आयोग के अध्यक्ष जगन्नाथ मिश्र और सदस्य अमिता निगम और जितेंद्र सिंह कुशवाह ने सुनाया।

Auraiya News: 12.69 करोड़ साफ, कूड़ा जस का तस, जंग खाने लगे वाहन

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औरैया। अक्तूबर माह में लगातार संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलेगा। गांव-गांव सफाई के साथ फॉगिंग और दवाओं का छिड़काव कराया जाएगा, लेकिन कूड़ा निस्तारण की कवायद महज कागजों तक सीमित है। जिले की लगभग सभी ग्राम पंचायतों में आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) पर ताले जड़े हैं। गांवों में न तो कूड़े का उठान और न ही उसका निस्तारण हो रहा है। गलियों में गंदगी बजबजा रही है। ऐसे में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत वर्ष 2023 में गांवों में कूड़ा निस्तारण की मुहिम शुरू हुई थी, जो अब ठंडे बस्ते में है। जिले की कुल 477 ग्राम पंचायतों में जमीन तलाशने के बाद करीब 470 पंचायतों में आरआर सेंटरों का स्ट्रक्चर तैयार कराया जा चुका है। इन सेंटरों पर 32 मीट्रिक टन कूड़ा डंप होना था, लेकिन निस्तारण की व्यवस्था न होने से गांवों में गंदगी बढ़ती जा रही है। सेंटरों के निर्माण पर 12.69 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद गांवों को स्वच्छ बनाने की कोशिश अधिकारियों की मेजों के बीच ही घूम रही है।एरवाकटरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत रामपुर खास में आरआरसी की टिनशेड गिर चुकी है। वहीं, जगतपुर में तीन साल पहले बनाया गया सेंटर जर्जर होने की कगार पर है। देखरेख के अभाव में ज्यादातर सेंटर बदहाल हैं। बिधूना ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में तो सेंटर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं।पंचायत स्तर से कूड़ा उठाने के लिए दो-दो लाख रुपये से वाहन भी खरीदे गए थे, लेकिन ये वाहन भी अब जंग खा रहे हैं। इसके पीछे सरकार की ओर से कूड़ा निस्तारण के लिए जरूरी फंड उपलब्ध न करा पाना बताया जा रहा है। इसमें कूड़ा कलेक्शन करने वाले कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था भी शामिल है। वहीं, कूड़ा निस्तारण के बाद पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए होने वाली मॉनीटरिंग भी नहीं हो रही है।

Auraiya News: 10 दिन से नहीं बन रहा मिडडे मील, भूखे लौट रहे 120 बच्चे

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दिबियापुर। भाग्यनगर ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय उसरारी में 10 दिनों से मिड-डे मील नहीं बन रहा है। विद्यालय में पंजीकृत 120 बच्चे भूखे पेट घर लौटने को मजबूर हैं। वहीं, दो आंगनबाड़ी केंद्रों के नौनिहालों को फल भी नहीं मिल पा रहे हैं। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने से अभिभावकों में आक्रोश है।

अभिभावकों के मुताबिक, प्रधानाध्यापक सुनीता द्विवेदी 15 अक्तूबर तक चिकित्सीय अवकाश पर हैं। ऐसे में विद्यालय का प्रभार वरिष्ठ शिक्षक मो. इदरीश सिद्दीकी के पास है। प्रभारी शिक्षक ने अस्वस्थता और अपनी जेब से खर्च करने में असमर्थता जताते हुए भोजन न बनने की बात स्वीकार की। विद्यालय में सात शिक्षक और एक अनुचर तैनात हैं।

अवकाश पर चल रहीं प्रधानाध्यापक ने बताया कि वह कई महीनों से अपनी खर्चे पर भोजन की व्यवस्था कर रही थीं। उनका पुराना भुगतान भी अटका है, जिसकी लिखित शिकायत की जा चुकी है। भाग्यनगर बीईओ दाताराम से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है। पूरे प्रकरण की जानकारी कराई जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यूपी: लखनऊ एयरपोर्ट परिसर में लगी भीषण आग, दो मजदूर झुलसे; दो किमी तक दिखा धुआं, फायर ब्रिगेड बुझाने में जुटी

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लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में मजदूरों की लेबर कॉलोनी में भीषण आग लग गई। हादसे में दो मजदूर झुलस गए, जिन्हें अस्पताल भेजा गया। करीब 352 मजदूरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दमकल की नौ गाड़ियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे मजदूरों की लेबर कॉलोनी में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में लपटें और धुआं दूर से दिखाई देने लगा। हादसे के बाद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट परिसर में टाटा प्रोजेक्ट्स की ओर से मजदूरों के रहने के लिए पीवीसी पैनल से तीन मंजिला आवास बनाया गया था। इसमें करीब 352 मजदूर रह रहे थे। बताया गया कि सुबह एक मजदूर सिलेंडर से खाना बना रहा था, तभी अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।आग फैलने से पहले ही सभी मजदूरों को आवास से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि सामान निकालने की कोशिश में निर्मल और राहुल नाम के दो मजदूर झुलस गए। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। सूचना मिलते ही दमकल की नौ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पूरी तरह जल गए, जबकि ऊपर के हिस्से भी प्रभावित हुए हैं।

थाना प्रभारी राजदेव प्रजापति के मुताबिक, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। एयरपोर्ट की सुरक्षा टीम के साथ सरोजनीनगर पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया और बड़ा जनहानि का हादसा टल गया। 

UP: प्रदेश के हर जिले से पूरी तरह से विदा हुआ मानसून, धूप बढ़ने से दिन और रात के तापमान में दस डिग्री का अंतर

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उत्तर प्रदेश से शनिवार को वर्षा ऋतु की विदाई हो गई। मौसम विभाग के मुताबिक यूपी के साथ उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और गुजरात से भी मानसून लौट गया है।इसके साथ ही अब मौसम में शरद ऋतु का हल्का असर दिखने लगा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बदायूं और सहारनपुर में शनिवार सुबह हल्के कोहरे की चादर दिखी। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सुबह-शाम हवा में ठंडक महसूस होने लगी है।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि अगले दो दिन तापमान में खास बदलाव के आसार नहीं हैं। पुरवा हवाओं के प्रभाव से बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है। इसके चलते सोमवार और मंगलवार को तराई के जिलों में छिटपुट बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः साफ रहने की उम्मीद है।

दिन-रात के पारे में 10 डिग्री का अंतर

यूपी से मानसून की विदाई के साथ राजधानी के मौसम में बदलाव महसूस होने लगा है। सुबह और शाम की हवा में हल्की ठंडक घुलने लगी है। हालांकि, दिन में तेज धूप अब भी गर्मी का अहसास करा रही है। शनिवार को दिन और रात के तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस का अंतर रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव के आसार नहीं हैं।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार से पुरवा हवाओं के असर से बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है। हालांकि, बारिश की संभावना नहीं है। बादलों की मौजूदगी से तापमान में मामूली गिरावट हो सकती है। शनिवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहा, जो शुक्रवार के मुकाबले स्थिर रहा। न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

लखनऊ: प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला में शामिल हुए सीएम योगी, बोले- आज का युवा ही भारत का भाग्य विधाता बनेगा

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राजधानी लखनऊ में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। इसमें शिक्षकों की भूमिका, शिक्षा के माध्यम से संस्कार निर्माण और समाज के प्रति उनके दायित्वों पर चर्चा की गई।कार्यशाला में शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार से जुड़े पदाधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि वे नई पीढ़ी के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक तैयार करना भी है।

यूपी सियासत: अखिलेश ने लगाया नारा ‘जय संविधान-जय हिंदुस्तान’, गठबंधन पर बोले- बात सीट की नहीं, जीत की है

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यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर बड़ा संदेश दिया है। कहा कि गठबंधन में कितनी सीटें मिलती हैं या कौन सी सीट किस दल के पास जाती है, यह महत्वपूर्ण नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि गठबंधन की जीत सुनिश्चित हो।अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके कहा कि मकसद जब साफ हो तो हाथ-में-हाथ होता है, निगाह मंजिल पर हो तो सफर आसान होता है। गठबंधन के सभी दलों को मिलकर यह सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो।

बात सीट की नहीं जीत की है

उन्होंने दोहराया, ‘बात सीट की नहीं जीत की है।’ कहा कि यह जीत गठबंधन के दलों से बढ़कर उन सभी की संयुक्त कोशिश की जीत होगी, जो लगातार संघर्षरत हैं।

लोकतंत्र, संविधान व आरक्षण पर भाजपाई आंच न आए

अखिलेश ने अपने संदेश में सांप्रदायिकता, लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण का भी जिक्र किया। कहा कि कोशिश यह सुनिश्चित करने की है कि सांप्रदायिकता फिर कभी सिर न उठा सके और लोकतंत्र, संविधान व आरक्षण पर भाजपाई आंच न आए।

मेटा तक पहुंच रही आपकी वेबसाइट एक्टिविटी? इन सेटिंग्स से देखें कौन कर रहा डेटा शेयर, जानें बंद करने का तरीका

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चाहे आप फेसबुक या इंस्टाग्राम का सीधे इस्तेमाल कर रहे हों या नहीं, लेकिन इंटरनेट पर दूसरी वेबसाइट्स और एप्स पर की गई आपकी कई एक्टिविटीज की जानकारी मेटा तक आसानी से पहुंच सकती है। जैसे मान लीजिए, अगर आप किसी ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर से जूते या कोई अन्य सामान खरीदते हैं या सिर्फ देखते भी हैं, तो वह वेबसाइट आपकी एक्टिविटी फेसबुक के साथ शेयर कर सकती है। इसके बाद जब भी आप अपना सोशल मीडिया अकाउंट खोलेंगे, तो आपको उसी उत्पाद से जुड़े विज्ञापन दिखाई देने लगते हैं।

अच्छी बात यह है कि मेटा यूजर्स को ऐसी एक्टिविटीज की जानकारी देखने, मैनेज करने और इस डेटा ट्रैकिंग को बंद करने का विकल्प प्रदान करता है।आइए जानते हैं पूरा प्रोसेस क्या है…

फेसबुक पर कैसे देखें Your Activity Off Meta Technologies?

फेसबुक में अपनी एक्टिविटी देखने के लिए प्रोफाइल आइकन पर जाएं। इसके बाद सेटिंग्स एंड प्राइवेसी पर क्लिक करें और फिर सेटिंग्स में जांए। अब इसके बाद अकाउंट सेंटर खोलें और योर इंफॉर्मेशन एंड परमिशंस में जाएं। यहां आपको योर एक्टिविटी ऑफ मेटा टेक्नोलॉजीज का विकल्प मिलेगा।

इस सेक्शन में यूजर्स देख सकते हैं कि किन कंपनियों, ब्रांड्स या दूसरे अकाउंट्स ने उनकी एक्टिविटी की जानकारी मेटा के साथ शेयर की है।

इंस्टाग्राम पर भी देख सकते हैं एक्टिविटी

इंस्टाग्राम पर भी इसी तरह अपनी ऑफ-मेटा एक्टिविटी की जानकारी देखी जा सकती है। इसके लिए अकाउंट सेंटर के जरिए योर इंफॉर्मेशन एंड परमिशंस में जाना होगा। यहां अब आपको योर एक्टिविटी ऑफ मेटा टेक्नोलॉजीज का विकल्प मिलेगा।

इस सेक्शन में आप उन कंपनियों, ब्रांड्स या दूसरे अकाउंट्स को देख सकते हैं, जिन्होंने आपकी एक्टिविटी की जानकारी मेटा के साथ शेयर की है।

किसी एक अकाउंट की एक्टिविटी कैसे हटाएं?

अगर रिसेंट एक्टिविटी में आपको कोई ऐसा अकाउंट दिखाई देता है, जिसकी एक्टिविटी को फेसबुक से डिस्कनेक्ट करना चाहते हैं, तो आप उस खास अकाउंट को चुनकर डिस्कनेक्ट कर सकते हैं। इससे आप किसी एक वेबसाइट या अकाउंट की एक्टिविटी को अलग से मैनेज कर सकते हैं।

एक साथ कई अकाउंट्स की एक्टिविटी कैसे हटाएं?

अगर आप एक साथ कई अकाउंट्स की एक्टिविटी हटाना चाहते हैं, तो डिस्कनेक्ट स्पेसिफिक एक्टिविटी ऑप्शन का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं अगर आप पुरानी सभी एक्टिविटी को हटाना चाहते हैं, तो क्लियर प्रीवियस एक्टिविटी का विकल्प मौजूद है। इसकी मदद से पहले शेयर की गई एक्टिविटी को हटाने का विकल्प मिलता है।

आगे से एक्टिविटी शेयर होने से कैसे रोकें?

अगर आप चाहते हैं कि आगे से इस तरह की एक्टिविटी मेटा के साथ शेयर न हो, तो मैनेज फ्यूचर एक्टिविटी में जाकर डिस्कनेक्ट फ्यूचर एक्टिविटी चुना जा सकता है। इस तरह यूजर्स अपनी भविष्य की एक्टिविटी को डिस्कनेक्ट करने की सेटिंग बदल सकते हैं।

प्राइवेसी चेकअप से भी बदल सकते हैं सेटिंग्स

इसके अलावा फेसबुक का प्राइवेसी चेकअप टूल भी डेटा और प्राइवेसी से जुड़ी सेटिंग्स देखने और बदलने का विकल्प देता है। इसमें आप यह तय कर सकते हैं कि आपकी प्रोफाइल की जानकारी, जैसे फोन नंबर, ईमेल और बर्थ डेट, कौन देख सकता है।

प्राइवेसी चेकअप में एप्स एंड वेबसाइट्स से जुड़े विकल्प भी मिलते हैं। यहां उन एप्स और वेबसाइट्स को हटाने का ऑप्शन मौजूद है, जहां आपने फेसबुक अकाउंट से साइन इन किया था।

विज्ञापनों में इस्तेमाल होने वाली जानकारी भी करें मैनेज

इसी प्राइवेसी सेटिंग्स में विज्ञापनों से जुड़े विकल्प भी मौजूद हैं। इनके जरिए यूजर्स यह मैनेज कर सकते हैं कि फेसबुक विज्ञापन दिखाने के लिए किन जानकारियों का इस्तेमाल करे। इसलिए अगर आपको लगता है कि दूसरी वेबसाइट्स पर आपकी एक्टिविटी के आधार पर आपको बार-बार किसी खास तरह के विज्ञापन दिखाई दे रहे हैं, तो इन सेटिंग्स को चेक करना उपयोगी हो सकता है।

अपनी मेटा प्राइवेसी सेटिंग्स को समय-समय पर करें चेक

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि दूसरी वेबसाइट्स और एप्स पर की गई एक्टिविटी की जानकारी मेटा तक पहुंच सकती है और उसका इस्तेमाल अलग-अलग अनुभवों या विज्ञापनों के लिए किया जा सकता है। ऐसे में यूजर्स के लिए यह जानना जरूरी है कि कौन-सी कंपनियां उनकी एक्टिविटी शेयर कर रही हैं।

जरिए अपनी एक्टिविटी को डिस्कनेक्ट या मैनेज कर सकते हैं।